Category: मित्र
यहाँ सब कुछ आभासी नहीं है: जब सोशल मीडिया मित्रों को वास्तविक जीवन में एक-दूसरे से मिलवाता है! 16 दिसंबर 2015
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे सोशल मीडिया के ज़रिए उन्हें अपने जीवन में ... Read More
बात करने के लिए कभी-कभी आपको किसी दूरस्थ मित्र की ज़रूरत पड़ती है – 8 सितंबर 2015
स्वामी बालेंदु अपने एक मित्र का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसने बात करने के लिए ... Read More
आप बिकनी पहनना ठीक नहीं समझते? मेरी पत्नी उन्हें बीच पर पहनती हैं! क्या हम अब भी दोस्त बने रह सकते हैं? 9 जून 2015
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि क्यों उन्हें उन लोगों के साथ घनिष्ठ होना कठिन ... Read More
जब परिवर्तन मित्रों के बीच नज़दीकियाँ कम कर देते हैं – 8 जून 2015
स्वामी बालेंदु अपने एक मित्र का ज़िक्र करते हुए बता रहे हैं कि कैसे उन्होंने ... Read More
अच्छे और बुरे, दोनों वक़्तों में, दोस्त दोस्त होते हैं – 4 दिसंबर 2014
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे वे आजकल आश्रम आए हुए अपने दोस्तों के ... Read More
अलग-अलग आस्था रखने वाले मित्र – यह मित्रता कैसे निभ सकती है! 4 नवंबर 2014
स्वामी बालेंदु विस्तार से बता रहे हैं कि वे कैसे धार्मिक मित्रों के साथ पटरी ... Read More
कैसे? केवल परिचित ही नहीं बल्कि मित्र बनायें! 16 सितम्बर 2014
स्वामी बालेन्दु मित्रता के बारे में लिखते हुए अपने मित्रों के बारे में बता रहे ... Read More
मैं जर्मनी क्यों आया? 10 सितंबर 2014
स्वामी बालेंदु इतने कम अंतराल के बाद ही परिवार सहित अपने जर्मनी प्रवास के कारणों ... Read More
ज़ोर-ज़बरदस्ती मत कीजिए, परिवर्तन तभी होता है जब वह भीतर से निसृत होता है! 29 मई 2014
स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि क्यों अपने मित्र को न तो बदलने का प्रयास ... Read More
जब औपचारिकताओं की मित्रता बनाए रखना ठीक होता है! 28 मई 2014
स्वामी बालेन्दु ऐसी मित्रता का वर्णन कर रहे हैं, जिसमें प्रेम को एक सीमा तक ... Read More
जिन मित्रों से आप बिल्कुल सहमत नहीं हैं, उनके साथ प्रेम करना! 27 मई 2014
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे उन मित्रों के बीच भी आपस में प्रेम ... Read More
क्या करें, जब आस्थाओं और रुचियों की विभिन्नता के चलते आपकी मित्रता में अपेक्षित अंतरंगता नहीं हो पाती? 17 दिसंबर 2013
स्वामी बालेंदु समझा रहे हैं कि कैसे रुचि और विचार भिन्न होने के बावजूद और ... Read More
जब आपकी आस्थाएं और विचार बदलते हैं तो दोस्त भी बदले-बदले से नज़र आते हैं- 16 दिसंबर 2013
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे आपके भीतर हुए परिवर्तन लोगों के साथ आपकी ... Read More
Friendshiplog.com – अपने मित्रों की याद को साझा कीजिए- 28 अक्तूबर 2013
स्वामी बालेंदु प्रस्तुत करते हैं ‘Friendshiplog.com’, अपने मित्रों के बारे में सुंदर कहानियों को साझा ... Read More
उस मित्रता का अंत कर दें, जो आपको सिर्फ थकाने का काम करती है- 26 सितंबर 2013
स्वामी बालेंदु ऐसे मित्रों को छोड़ देने की सिफ़ारिश कर रहे हैं, जो आपकी मित्रता ... Read More
हो सकता है कि आपकी मित्रताएँ, जैसी हैं, वैसी ही ठीक हों!- 25 सितंबर 2013
स्वामी बालेंदु मीडिया द्वारा प्रचारित काल्पनिक ‘पूर्ण मित्रता’ के बारे में लिख रहे हैं। अगर ... Read More
जब आपके दो मित्र लड़ बैठें तो आपको क्या करना चाहिए?- 24 सितंबर 2013
स्वामी बालेन्दु उस स्थिति का वर्णन कर रहे हैं जब दो मित्रों के बीच चल ... Read More
संयुक्त परिवार का एक स्थानापन्न और वृद्धाश्रम का विकल्प- 23 सितंबर 2013
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि किस तरह उनके एक मित्र ने अपने रहने की ... Read More
सकारात्मक हूँ, अपने दोस्त गोविंद के साथ हुई दुर्घटना के बाद – 4 मार्च 13
स्वामी बालेंदु अपने मित्र गोविंद के साथ घटी दुर्घटना के बारे में बताते हैं। वह ... Read More
