अगर राधे माँ जैसी कोई महिला मिनीस्कर्ट पहने या नृत्य करे तो उसमें कोई बुराई है क्या? 9अगस्त 2015

स्वामी बालेन्दु मिनीस्कर्ट पहनने के कारण मीडिया की चर्चा में आई एक महिला गुरु के संबंध में दिए गए अपने दो टीवी परिचर्चाओं के बारे में बता रहे हैं।

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माफ कीजिए, मैं नास्तिक गुरु नहीं हो सकता – 6 अगस्त 2015

स्वामी बालेंदु इस बात का एक और कारण बता रहे हैं कि वे क्यों कभी भी एक नास्तिक संगठन की स्थापना नहीं करेंगे: किसी भी संगठन को एक ढाँचे की और परंपरा से चले आ रहे एक पुरोहिताधिपत्य की जरूरत होती है, जिसका वे हिस्सा नहीं बनना चाहते।

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अपने दिमाग के दरवाजे दूसरों के लिए खुले छोड़ देने के खतरे – 18 मार्च 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि जब आप अपने विचारों को ऐसे लोगों के सामने रखते हैं, जो उनका निर्वाह ज़िम्मेदारी के साथ नहीं करते तो यह कितना खतरनाक हो सकता है।

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गुरु हो या राजनेता कोई फर्क नहीं पड़ता – भारत में मानव भक्ति – 16 फरवरी 2015

भारत में किस तरह लोग एक गुरु की तरह राजनेता की भी पूजा करते हैं, स्वामी बालेन्दु इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं। यहाँ तक कि उसकी भक्ति में वे अपने मित्रों को भी त्याग देते हैं।

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क्या मैं पैसे कमाने के लिए नास्तिक हो गया – 8 फरवरी 2015

जब स्वामी बालेंदु को पता चला कि उनके एक पुराने दोस्त को यह शक हो रहा है कि वे पैसा कमाने के लिए नास्तिक हो गए हैं तो उनकी क्या प्रतिक्रिया थी? पूरी कहानी यहाँ पढ़िए!

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भक्त के घर में उसके गुरु के चित्र के नीचे बैठकर गुरु की आलोचना करना – 9 नवम्बर 2014

स्वामी बालेंदु एक घटना का वर्णन कर रहे हैं, जिसमें वे एक भक्त के घर बैठ कर अपने व्याख्यान में उसी के गुरु की आलोचना कर रहे थे!

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आध्यात्मिक जिज्ञासुओं के लिए फंदा: अस्तित्वहीन की खोज का अंतहीन सिलसिला – 30 जुलाई 2014

स्वामी बालेन्दु उन लोगों के बारे में लिख रहे हैं जो गुरुओं, धर्मों और स्वामियों के चंगुल में फँस गए हैं: इन लोगों को उस वस्तु की खोज करने के लिए उद्यत किया जाता है जिसे वे कभी पा नहीं सकेंगे।

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योग गुरु कैसे अपने समलैंगिक शिष्यों के मन में आतंरिक कलह पैदा करते हैं! 25 मई 2014

स्वामी बालेन्दु अपने एक समलैंगिक मित्र के बारे में बता रहे हैं, जो पहले एक हिन्दू योग गुरु का शिष्य था। उसके गुरु द्वारा उसकी समलैंगिकता का विरोध करने के कारण उसके मन में मचे आतंरिक संघर्ष के बारे में यहाँ पढ़ें।

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अपनी स्वाधीनता और ज़िम्मेदारी: परिवार का समर्थन और प्रोत्साहन- 1 दिसंबर 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे उनके परिवार ने उनकी किशोरावस्था से ही उन्हें अपने निर्णय स्वयं लेने की शिक्षा दी।

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स्पष्टीकरण: अब मैं जिस बात पर विश्वास नहीं करता वह काम नहीं कर सकता! 24 नवंबर 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि जब उन्हें लगा कि गुरुवाद और धर्म से अब उनका कोई नाता नहीं हो सकता तो उन्होंने अपने परिवार वालों को अपने जीवन में आए इस परिवर्तन के बारे में कैसे समझाया!

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