कद्दू की खीर – कद्दू और दूध की मिठाई बनाने की विधि – 19 दिसंबर 2015

आज मैं आपको एक अत्यंत स्वादिष्ट खीर बनाने की विधि बताने जा रहा हूँ, जिसे कद्दू और दूध से बनाया जाता है: कद्दू की खीर! अपने स्वाद के अनुसार निश्चित ही आप उसे थोड़ा-बहुत बदलकर भी बना सकते हैं-लेकिन जैसा भी बनाएँ, इसके शानदार स्वाद का आनंद लेने से वंचित न रहें और घर पर अवश्य तैयार करें!

कद्दू की खीर – कद्दू और दूध से तैयार मिठाई

भोजनोपरांत ग्रहण करने के लिए कद्दू और दूध के मिश्रण में काजू और शक्कर मिलाकर यह स्वादिष्ट व्यंजन तैयार करें! इसका स्वाद वाकई कुछ खास है!

कद्दू की खीर तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री

1 लीटर: दूध
500 ग्राम: कद्दू
50 ग्राम: काजू
50 ग्राम: बादाम
50 ग्राम: किशमिश
200 ग्राम: शक्कर
सजावट के लिए केसर

कद्दू की खीर कैसे तैयार करें?

सर्वप्रथम कद्दू के बड़े टुकड़े काट लें और उसके बाद उन्हें छील लें। टुकड़े बहुत छोटे न करें क्योंकि बाद में उन्हें पकड़कर किसना भी है! कद्दू को किसने के बाद आप मनपसंद आकार के काजू और बादाम के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें।

अब स्टोव जलाकर, उस पर एक बड़ी सी कड़ाही रखकर दूध उबालें। जब दूध काफी गरम होकर ऊपर आने लगे, उसमें किसा हुआ कद्दू मिला दें। लगातार मिश्रण को चलाते हुए मध्यम आँच में पकने दें। मिश्रण को चलाते रहना महत्वपूर्ण है: कद्दू पककर मुलायम हो जाए, इसके लिए आपको लगातार मिश्रण को चलाते रहना होगा। इस काम में लगभग 30 मिनट का समय लगता है।

जब कद्दू पककर मुलायम हो जाए और दूध भी अच्छा गाढ़ा हो जाए तब आप उसमें बादाम और काजू के टुकड़े और शक्कर भी मिला दें। अच्छी तरह मिश्रण को चलाएँ जिससे सारी सामग्रियाँ अच्छी तरह आपस में एकसार हो जाएँ और शक्कर भी पूरी तरह घुल जाए। जब इतना हो जाए, कड़ाही को स्टोव पर से नीचे उतार लें। आपकी डिश तैयार है!

अंत में केसर मिलाकर खीर की सजावट करें!

भोजन के बाद इस स्वादिष्ट खीर का आनंद लें!

मेथी मटर – मेथी और हरी मटर को मिलाकर तैयार सब्जी – 12 दिसंबर 2015

मेथी मटर

आज मैं आपको एक ऐसी सब्जी बनाने की विधि बताने जा रहा हूँ, जो स्वादिष्ट तो है ही, बहुत स्वास्थ्यकर भी है। और जबकि मेथी के पत्ते थोड़े कड़ुवे होते हैं, हरे मटर थोड़े रसदार और मीठे होते हैं, जो मेथी की कड़ुवाहट को कम करके इस सब्जी को असाधारण और अत्यंत स्वादिष्ट बना देते हैं!

मेथी मटर – हरे मटर और मेथी की सब्जी

मेथी के हरे पत्तों और हरी मटर का स्वादिष्ट मिश्रण, जो आपस में मिलकर अत्यंत स्वास्थ्यकर और सुस्वादु सब्जी बन जाती है!

मेथी मटर तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


500 ग्राम: मेथी के पत्ते
500 ग्राम: हरे मटर
2 बड़े चम्मच वनस्पति तेल
1 छोटी चम्मचगरम मसाला
1 छोटी चम्मच जीरा
1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
स्वाद के अनुसार नमक

मेथी मटर कैसे तैयार करें?

मटर छीलने और मेथी के हरे, कोमल पत्तों को चुनने से शुरुआत करें। बड़ी डंठलों को निकालकर फेंक दें, जिससे सिर्फ नरम और छोटी डंठलें और पत्तियाँ भर रह जाएँ। पत्तों को धो लें।

अब एक कड़ाही लेकर उसमें तेल गरम करें और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए तो उसमें जीरा, गरम मसाला, धनिया पाउडर और हल्दी पाउडर डालकर अच्छी तरह चलाएँ, जिससे मसाले जलें नहीं और वे अच्छी तरह भुनकर थोड़े भूरे हो जाएँ तथा उनकी खुशबू रसोई में भर जाए। जब यह हो जाए तो उसमें हरे मटर के दाने डाल दें।

मटर के दानों को मध्यम आँच में पाँच मिनट तक चलाएँ और उसके बाद उसमें मेथी भी मिला दें। थोड़ा सा नमक भुरकाएँ उसे भी अच्छी तरह चलाकर एकसार कर लें। अब कड़ाही पर ढक्कन रख दें और अगले दस मिनट तक सब्जियों को पकने दें। बीच-बीच में ढक्कन खोलकर सब्जियों को चलाते रहें, जिससे वे जलकर कड़ाही के तले में चिपकने न लगें।

दस मिनट बाद मटर अच्छी तरह पक जाएँगे और मेथी भी पककर अच्छी नरम हो जाएगी।

दोस्तों के साथ इस सुस्वादु सब्जी का आनंद लें!

सोआ दाल – सोआ के साथ मूंग की दाल मिलाकर तैयार व्यंजन – 5 दिसंबर 2015

आज मैं आपको एक अत्यंत स्वादिष्ट और स्वास्थ्यकर व्यंजन बनाने की विधि बताने जा रहा हूँ, जिसे सोआ दाल कह सकते हैं। इसे मूंग की दाल के साथ सोआ मिलाकर तैयार किया जाता है। सोआ इस दाल को सामान्य रूप से भारत में पकाई जाने वाली दालों से अलग एक लज़ीज़ स्वाद और सुगंध प्रदान करता है!

सोआ दाल – मूंग की दाल के साथ सोआ

सामान्य रूप से पकाई जाने वाली दालों का एक अलग, अत्यंत लज़ीज़ विकल्प! मूंग की दाल में सोआ के शानदार स्वाद और सुगंध का मज़ा लें!

सोआ दाल तैयार करने में कितना समय लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


1 कप: छिलके वाली मूंग की दाल
3 कप: पानी

1 बड़ा चम्मच: वनस्पति तेल
1/2 छोटी चम्मच:गरम मसाला
1/2 छोटी चम्मच: जीरा
1 छोटी चम्मच: धनिया पाउडर
3 नग: टमाटर
स्वाद के अनुसार नमक

सोआ दाल कैसे तैयार करें?

सबसे पहले मूंग की दाल लेकर उसे अच्छी तरह धो लीजिए। फिर एक बरतन में 3 कप पानी लेकर मूंग की दाल को हल्दी और नमक के साथ स्टोव पर रखकर उबालिए। जब पानी उबलने लगे तो स्टोव को धीमा करके दाल मिश्रित पानी को मध्यम आँच में 20 मिनट तक उबलने दें।

इस बीच आप सोआ को साफ कर सकते हैं। सोआ को पहले धोइए और फिर उसकी मोटी और बड़ी डगालें निकालकर उसे बारीक टुकड़ों में क़तर लें। तीन टमाटरों को धोकर उन्हें भी बारीक टुकड़ों में काट लें।

जब मूंग की दाल पककर मुलायम हो जाए तो आप उसमें तड़का लगाने की तैयारी कर सकते हैं-तड़का यानी सारे मसालों का मिश्रण। एक कड़ाही में तेल गरम कीजिए और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए, उसमें जीरा, गरम मसाला और धनिया पाउडर मिलाएँ और अच्छी तरह चलाते हुए सारे मसाले भून लें। मसाले जल न जाएँ इसलिए लगातार चलाते रहें और जब मसालों की खुशबू रसोई में फैलने लगे, मसालों में टमाटर के टुकड़े डालकर उन्हें भी अच्छी तरह चलाते हुए भूनिए, जिससे टमाटर पककर मुलायम हो जाएँ। जब टमाटर मुलायम हो जाएँ तो आप उसमें सोआ भी मिला दें। अच्छी तरह चलाकर टमाटर और सोआ को एकसार कर लें और मिश्रण को दो मिनट तक आँच पर गरम होने दें।

अंत में, मूंग दाल में इस मिश्रण को मिला दें और सभी सामग्रियों को अच्छी तरह चलाकर एकसार कर लें। बस, हो गया! चावल, रोटी या सब्जियों के साथ गरमागरम दाल परोसें!

दोस्तों के साथ इस सुस्वादु डिश का सामूहिक आनंद लें!

गोभी पनीर – गोभी और ताज़े पनीर को मिलाकर तैयार किया जाने वाला व्यंजन – 28 नवंबर 2015

आज मैं आपको एक और स्वादिष्ट डिश बनाने की विधि बताना चाहता हूँ, जो आजकल हमारी पसंदीदा सब्जी बनी हुई है: गोभी-पनीर, फूल गोभी और भारतीय चीज़ अर्थात पनीर के मिश्रण से तैयार की जाने वाली सब्जी, जिसे आप आसानी के साथ घर पर बना सकते हैं!

गोभी-पनीर – फूल गोभी और ताज़े पनीर से तैयार सब्जी

साधारण फूल गोभी को सम्मोहक पनीर और स्वादिष्ट और सुगंधित भारतीय मसालों के साथ मिलाकर इस सब्जी को तैयार करें, मेहमान और दोस्त उँगलियाँ चाटते रह जाएँगे!

गोभी-पनीर तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:
इसके अलावा पनीर को सख्त होने में लगने वाले दो घंटे।

सामग्री


2 लीटर दूध
2 नग नींबू
500 ग्राम फूल गोभी
200 ग्राम टमाटर
300 मिलीलीटर पानी

3 बड़े चम्मच वनस्पति तेल
1 छोटी चम्मचगरम मसाला
1 छोटी चम्मच जीरा
1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
सजावट के लिए ताज़ी हरी धनिया पत्ती
स्वाद के अनुसार नमक

गोभी-पनीर कैसे तैयार करें?

इस डिश को परोसने से एक दिन पहले से पनीर तैयार करने की शुरुआत करनी होगी क्योंकि इसी पनीर को हमें सब्जी में मिलाना है। आप पिछले एक ब्लॉग में बताई गई विधि से घर पर पनीर तैयार कर सकते हैं। पूरा पानी निकाल लेने के बाद पनीर को एक किचन टॉवल में लपेट कर किसी वजनी पत्थर या किसी बरतन में पानी भरकर, उसके नीचे रख सकते हैं, जिससे पनीर में मौजूद बचा-खुचा पानी निथरकर निकल जाएगा और रात भर में पनीर सख्त हो जाएगा।

उसके बाद, टमाटर और गोभी को काटने से पहले अच्छी तरह धो लें और फिर उनके मध्यम आकार के टुकड़े कर लें। दोनों कटी हुई सब्जियों को अलग-अलग बरतनों में रख दें।

एक कड़ाही में दो बड़े चम्मच तेल गरम करें और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए, उसमें जीरा, गरम मसाला, धनिया पाउडर और हल्दी पाउडर मिलाकर चलाएँ, जिससे मसाले जलने न पाएँ और धीरे-धीरे उनकी खुशबू रसोई में फैलने लगे और वे भुनकर हल्के भूरे हो जाएँ। जब वे पर्याप्त भुन जाएँ, उनमें टमाटर के टुकड़े मिला दें और पुनः अच्छी तरह चलाएँ, जिससे मसाले टमाटरों के साथ एकसार हो जाएँ। टमाटरों को अच्छी तरह पक जाने दें।

दो मिनट बाद आप इस मिश्रण में गोभी के टुकड़े भी मिला दें, थोड़ा सा नमक भुरकें और सारी सामग्रियों को अच्छी तरह चलाकर आपस में मिला लें। अब इस मिश्रण में पानी मिलाएँ और कड़ाही पर ढक्कन रखकर पानी को उबलने दें। जब पानी उबलने लगे तो उसके बाद आँच को मध्यम रखें और लगभग 15 मिनट तक उबलने दें। बीच-बीच में सारे मिश्रण को ढक्कन खोलकर चलाते रहें।

इस बीच आप पनीर लेकर उसके घनाकार टुकड़े कर सकते हैं। एक बरतन में बचा हुआ तेल लेकर गरम करें और फिर उसमें पनीर के टुकड़ों को कुछ मिनट भून लें। पनीर को लगातार उलटते-पलटते रहें, जिससे वह हर तरफ से हल्का सुनहरा हो जाए। आँच को बहुत तेज़ न रखें। पनीर सूखकर आवश्यकता से अधिक कठोर हो जाए, इससे पहले स्टोव बंद कर दें।

जब गोभी लगभग आधी पक चुकी हो, तभी सब्जियों के मिश्रण में पनीर के टुकड़े भी मिला दें। अब ढक्कन हटाकर सारे मिश्रण को लगभग 15 मिनट तक और पकने दें। इतने समय में गोभी अच्छी तरह पक जाएगी।

गोभी पकने के बाद स्टोव बंद कर दें और अच्छी तरह धुली हरी धनिया पत्तियों से सब्जी की सजावट करें। ध्यान रहे, सजावट के लिए सिर्फ पत्तियों का ही इस्तेमाल करें।

भोजन के समय दोस्तों के साथ इस स्वादिष्ट सब्जी का आनंद लें!

मेथी पनीर – ताज़े पनीर के साथ तैयार मेथी की साग – 21 नवंबर 2015

आज मैं आपको एक बहुत ही ख़ास डिश तैयार करने की विधि बताने जा रहा हूँ: मेथी पनीर, जिसे ताज़ी मेथी की भाजी और ताज़े पनीर को मिलाकर बनाया जाता है! इस सब्ज़ी को बनाने में थोड़ा वक़्त ज़रूर लगता है मगर पनीर के साथ मेथी का कड़ुवा स्वाद कुछ कम हो जाता है। इसलिए अगर कहीं आपको ताज़ी नरम मेथी प्राप्त हो जाए तो उसे पनीर के साथ बनाकर देखें, अत्यंत अनोखा स्वाद प्राप्त होगा!

मेथी पनीर – ताज़े भारतीय चीज़ यानी पनीर के साथ मेथी भाजी

हरे ताज़े मेथी के पत्तों के साथ ताज़े बनाए गए नरम भारतीय चीज़ यानी पनीर मिलाकर तैयार की जाने वाली सब्ज़ी! खुद बनाकर देखें-इस प्रयोग से आप निराश नहीं होंगे!

मेथी पनीर बनाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:
इसके अलावा पनीर को सख्त होने में लगने वाले दो घंटे।

सामग्री


2 लीटर दूध
2 नग नींबू
500 ग्राम मेथी के पत्ते
1 बड़ा चम्मच वनस्पति तेल
1 छोटी चम्मचगरम मसाला
1 छोटी चम्मच जीरा
1/2 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
सजावट हेतु ताज़ी हरी धनिया
स्वाद के अनुसार नमक

मेथी पनीर कैसे तैयार करें?

पनीर तैयार करने से शुरुआत करें। आप पिछले एक ब्लॉग में बताई गई विधि से घर पर पनीर तैयार कर सकते हैं। जब आप पूरा पानी निकाल लेते हैं तो आपके बारीक कपड़े में पनीर (चीज़) बचा रह जाता है। कपड़े को पनीर सहित सिंक के ऊपर लटका दें या उसे थोड़ा फैलाकर किसी वज़नी बरतन के नीचे दबाकर रखें जिससे बचा-खुचा पानी भी निथरकर निकल जाए और चीज़ या पनीर का सख्त चपटा थक्का बनकर तैयार हो जाए। उसे एक घंटे तक उसी हालत में पड़ा रहने दें।

इस बीच आप मेथी के पत्ते लेकर उनकी बड़ी और मोटी डंठलें निकालकर अलग कर दें। बारीक मुलायम डंठलों और पत्तों को ही उपयोग में लाएँ। बाद में उन्हें अच्छी तरह धो लें।

एक गहरी कड़ाही में तेल गर्म करें और जब वह पर्याप्त गर्म हो जाए, उसमें जीरा, गरम मसाला, धनिया पाउडर और हल्दी मिलाकर कड़छुल या झारे से चलाते हुए सारे मसालों को अच्छी तरह भून लें। मसालों को लगातार चलाते रहें जिससे वे जलें नहीं और भुनकर हलके भूरे रंग के हो जाएँ और उनकी महक रसोई में फैलने लगे। जब ऐसा हो जाए तो मसालों के इस मिश्रण में मेथी के पत्ते डाल दें थोड़ा सा नमक भुरककर मेथी को अच्छी तरह चलाएँ। कड़ाही पर ढक्कन रखकर मेथी को पकने दें। लगभग पंद्रह मिनट बाद आप ढक्कन खोल सकते हैं। पनीर भी इस बीच अच्छी तरह तैयार हो गया होगा। पनीर को हाथ से मसलकर कड़ाही में डालते जाएँ-क्योंकि वह उतना सख्त नहीं है, उसे आसानी से मसला जा सकता है। एक बार मेथी और पनीर के मिश्रण को अच्छी तरह चलाकर एकसार कर लें।

अब आप पंद्रह मिनट तक इस मिश्रण को पकने दें। इतने समय में कढ़ाई के तले का पानी भाप बनकर उड़ जाएगा और मेथी भी अच्छी तरह पक जाएगी।

अंत में कड़ाही को स्टोव पर से उतार लें, धनिया पत्ती धोकर सिर्फ पत्तियाँ तोड़कर उन्हें परोसते समय डिश की सजावट के लिए इस्तेमाल करें।

उसके बाद दोस्तों के साथ इस लज़ीज़ प्रयोग का लुत्फ उठाएँ!

आलू का झोल – तरी वाले आलू बनाने की विधि – 14 नवंबर 2015

आज मैं एक ऐसी सब्ज़ी तैयार करने की विधि बताने जा रहा हूँ जिसे हम अपने स्कूल के बच्चों के लिए और अपने लिए भी अक्सर तैयार करते हैं। यह न सिर्फ बहुत स्वादिष्ट सब्ज़ी है, जिसमें ज़ायकेदार तरी में तैरते हुए सुर्ख आलुओं का मनभावन स्वाद बसा हुआ है! आम तौर पर मैं किसी डिश या सब्जी के लिए ‘करी’ या झोल शब्द का इस्तेमाल नहीं करता मगर मुझे लगता है कि यह शब्द इसकी बनावट और प्रकृति को लगभग पूरी तरह व्यक्त करता है। खैर, हम इस सब्ज़ी को तैयार करना शुरू करते हैं:

आलू का झोल

आलुओं को भारतीय विधि से तैयार करें-आप उँगलियाँ चाटते रह जाएँगे!

आलू का झोल तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


500 ग्राम: आलू
150 ग्राम: टमाटर
1 लीटर पानी

2 बड़े चम्मच वनस्पति तेल
1/2 छोटी चम्मचगरम मसाला
1 छोटी चम्मच जीरा
1/2 छोटी चम्मच अदरक का पाउडर
1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
1/2 छोटी चम्मच अमचूर पाउडर
स्वाद के अनुसार नमक

आलू का झोल कैसे तैयार करें?

सर्वप्रथम एक बरतन में पानी के साथ आलू लेकर उसे स्टोव पर रखकर उबालें। उन्हें पककर नरम हो जाने दें और तब तक आप टमाटर धोकर उसके बारीक टुकड़े कर लें।

किसी एक आलू में चाकू या फॉर्क भोंककर जाँच कर लें कि आलू पककर मुलायम हो गए हैं या नहीं। अगर वह आसानी से भीतर धँस जाए और निकालने पर उसी सहजता से वापस आ जाए तो समझिए कि आलू पककर तैयार हो गए हैं। बरतन का गर्म पानी फेंक दें और आलुओं पर ठंडा पानी डालें जिससे आलू पर्याप्त ठंडे हो जाएँ कि आप उन्हें हाथों में लेकर छील सकें। ठंडे होने पर सारे आलू छील लें और एक बड़े से बरतन में लेकर हाथ से उनके टुकड़े कर लें।

अब एक बड़ी और गहरी सी कड़ाही में तेल लेकर उसे गर्म करें और जब वह पर्याप्त गर्म हो जाए, उसमें जीरा, धनिया पाउडर, गरम मसाला, हल्दी, अदरक और अमचूर का पाउडर डालकर भूनें। मसालों को एक झारे या कड़छुल से चलाते रहें जिससे मसाले जलें नहीं। जब मसाले भुनकर गहरे रंग के हो जाएँ और उनकी खुशबू रसोई में फैलने लगे, कड़ाही में टमाटर भी डाल दें और अच्छी तरह चलाएँ, जिससे वे मसालों के साथ एकसार हो जाएँ। लगातार चलाते हुए टमाटरों को भी भून लें जिससे वे मुलायम हो जाएँ।

जब टमाटर गलकर प्यूरी जैसे हो जाएँ तब इस मिश्रण में आलू भी मिला दें और सारे मिश्रण को एक बार चलाकर उसमें पानी मिलाएँ, पुनः अच्छी तरह चलाएँ और फिर नमक मिलाकर फिर चलाएँ और अंत में उसे उबलने के लिए छोड़ दें।

उसे तब तक उबलने दें जब तक वह आपकी मर्ज़ी के अनुसार गाढ़ी नहीं हो जाता।

फिर भोजन के साथ इस स्वादिष्ट आलू के झोल का मज़ा लें!

ठंड के मसालों से तैयार मीठे चावल – 7 नवंबर 2015

आजकल यहाँ ठंड बढ़ती जा रही है और आधी दुनिया में ठंड का मौसम धीरे-धीरे शबाब पर आ रहा है। कुछ ऐसे मसाले हैं, जिनका उपयोग ठंड में बनाए जाने वाले स्वादिष्ट व्यंजनों में किया जाता है। ये मसाले शरीर को गरम करते हैं और इस तरह पित्त नामक आयुर्वेदिक दोष और ऊष्मा उत्पन्न करते हैं। आज मैं इन्हीं मसालो से तैयार किए जाने वाले मीठे चावल बनाने की विधि लिखने जा रहा हूँ।

ठंड के मसालों से तैयार मीठे चावल

ठंड के मौसम में अपने चावलों को दालचीनी और चक्रफूल की अनोखी खुशबू प्रदान करें! मीठे, स्वादिष्ट और पकाने में आसान!

ठंड के मसालों से तैयार मीठे चावल तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


1 कप: चावल
1.5 कप: पानी

2 चक्रफूल
2- 5 सेंटीमीटर लंबे दालचीनी के टुकड़े
1/2 छोटी चम्मच दालचीनी का पाउडर
1/4 छोटी चम्मच चक्रफूल का पाउडर
1.5 बड़ा चम्मच: शक्कर का चूरा
1 बड़ा चम्मच: घी

ठंड के मसालों से मीठे चावल कैसे तैयार करें?

सबसे पहले एक बरतन में चावल को साबुत चक्रफूल और साबुत दालचीनी के टुकड़ों साथ पानी में भीगने के लिए रख दें।

दस मिनट बाद आप बरतन को स्टोव पर रख दें और पानी उबल जाने दें और जब वह उबलने लगे, स्टोव को धीमा करके बरतन पर ढक्कन रख दें। धीमी आँच पर उसे लगभग पंद्रह मिनट पकने दें। उसे जाँचकर देखने तक की ज़रूरत नहीं है-बस उसे चलाना नहीं है!

जब पानी उबलने की आवाज़ बंद हो जाएँ और ढक्कन खोलकर देखने पर पता चले कि चावलों की नोक ऊपर की तरफ है तो समझ लीजिए कि चावल पक गए और जब चावल पक जाएँ तो बरतन को स्टोव पर से नीचे उतार लीजिए।

एक कड़ाही गरम करें और जब वह गरम हो जाए तो उसमें घी डालें और उस पुनः गरम करें। जब घी पर्याप्त गरम हो जाए तो आप उसमें पके हुए चावल डाल दीजिए। फिर उसमें दालचीनी और चक्रफूल का पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें और जब वह अच्छी तरह एकसार हो जाए तो स्टोव बंद कर दें। गरम कड़ाही में चावलों को रखकर उसमें शक्कर का पाउडर भी मिला दें और एक बार पुनः अच्छी तरह चलाकर चावल, दालचीनी और चक्रफूल के पाउडर के मिश्रण को अच्छी तरह एकसार कर लें।

लीजिए, हो गया-आपके ठंड के मसालों से तैयार स्वादिष्ट चावल मेज़ पर आपका इंतज़ार कर रह हैं।

दोस्तों के साथ खाने का आनंद लें।

भरवाँ करेले – करेलों को मसाले भरकर पकाने की विधि – 31 अक्टूबर 2015

आज मैं आपको एक बहुत ही स्वास्थ्यकर सब्जी तैयार करने की विधि बताना चाहता हूँ: करेला, जिसे अंग्रेज़ी में बिटर गॉर्ड कहते हैं। मैं आपको बताऊँगा कि करेलों में आलू और दूसरे भारतीय मसालों से तैयार स्वादिष्ट भरावन को कैसे भरा जाता है। दरअसल यह एक ऐसी सब्जी है, जिसे आम तौर पर लोग तेल में डीप फ्राई करते हैं, जिसके कारण, स्वाभाविक ही, उसके बहुत से स्वास्थ्यवर्धक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसीलिए हम इसे ओवन में भूनकर तैयार करेंगे और इस तरह हमें भोजन के साथ खाने के लिए न सिर्फ स्वादिष्ट बल्कि स्वास्थ्य के लिए लाभदायक सब्जी प्राप्त होगी!

भरवाँ करेला – मसाले भरकर पकाई जाने वाली करेले की सब्जी

थोड़ा से कड़ुए मगर बेहद स्वादिष्ट भरवाँ करेले बनाइए-आम विधियों की तुलना में स्वास्थ्य के लिए लाभदायक गुणों को सुरक्षित रखते हुए!

भरवाँ करेला पकाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:
इसके अलावा लगभग 3 घंटे उन्हें तैयार होने में लगता है।

सामग्री

1 किलोग्राम: करेला
500 ग्राम: आलू
1 बड़ा चम्मच: वनस्पति तेल
1/2 छोटी चम्मच गरम मसाला
1 छोटी चम्मच जीरा
1 छोटी चम्मच अदरक का पाउडर
1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
1/2 छोटी चम्मच हलदी पाउडर
1 छोटी चम्मच अमचूर
नमक और करेलों पर चुपड़ने के लिए अतिरिक्त तेल

भरवाँ करेले कैसे पकाएँ?

सबसे पहले करेलों को अच्छी तरह धो लें और बाहरी सतह यानी छिलका चाकू से छीलकर हटा दें। एक तश्तरी में करेले और नमक लेकर नमक के साथ करेलों को अच्छी तरह मिलाएँ और उन्हें लगभग तीन घंटे के लिए अलग रख दें।

इस बीच आप आलू धोकर उन्हें पानी में उबलने के लिए रख सकते हैं। सबसे बड़े आलू के अंदर चाकू भोंककर देख लीजिए कि वे पककर मुलायम हो गए हैं या नहीं-अगर पक गए होंगे तो चाकू आसानी के साथ भीतर चला जाएगा। जब वे पककर मुलायम हो जाएँ, उनका पानी फेंक दें और तुरंत ठंडे पानी में खंगालें और उन्हें ठंडा होने के लिए अलग रख दें। जब देखें कि वे पर्याप्त ठंडे हो गए हैं और हाथ में लिए जा सकते हैं, सभी आलुओं के छिलके उतार लें। फिर एक गहरे बरतन में लेकर उन्हें हाथ से अच्छी तरह मैश कर लें।

जब तीन घंटे हो जाएँ, एक करेला उठाएँ और उसके बीचोंबीच लंबा खड़ा चीरा लगाकर उसके बीज खुरचकर निकाल लें। सभी करेलों के साथ यही प्रक्रिया अपनाएँ।

अब करेले को भाप में पकाना होगा, जिससे वे थोड़े मुलायम हो जाएँ। इसके लिए हम एक ऐसे बरतन का उपयोग करते हैं, जिसके बीच में एक धातु की छलनी लगी होती है। बरतन में थोड़ा सा पानी लेकर उबालने के लिए रख देते हैं और छलनी पर करेलों को रखकर भाप में पका लेते हैं।

एक कड़ाही में तेल गरम करें और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए, स्टोव की आँच धीमी कर दें और गरम तेल में जीरा, गरम मसाला, धनिया, हलदी और अदरक पाउडर (सोंठ) डालकर चलाएँ, जिससे ये मसाले जलें नहीं। धीमी आँच में उन्हें भून लें और जब उनका रंग बदलकर गहरा होने लगे, इन मसालों में मैश किए हुए आलू भी मिला दें। सारे मिश्रण को अच्छी तरह चलाकर थोड़ा सा भून लें। स्वाद के अनुसार नमक मिलाएँ और अंत में अमचूर पाउडर भी भुरका दें। यदि आप कुछ अधिक खट्टा पसंद करते हैं तो अधिक अमचूर भी मिला सकते हैं। इस मिश्रण को अच्छी तरह चलाकर एकसार कर लें और इतना होने पर मिश्रण को स्टोव पर से उतारकर अलग रख दें।

इसके बाद मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर बीच से चीरा लगे करेलों को एक-एक करके आलुओं के मसाले से भर लें और उन्हें ओवन की ट्रे पर रख दें। ट्रे को ओवन में रखने से पहले एक ब्रश से थोड़ा सा तेल सभी करेलों पर चुपड़ दें। ओवन को 180 डिग्री तापमान पर रखकर पंद्रह से बीस मिनट तक सिंकने दें।

जब करेलों की सतह भुनकर हल्की सुनहरी हो जाए समझिए आपके करेले तैयार हो चुके हैं!

भोजन के साथ इन भरवाँ करेलों का आनंद लें।

कफ चाय – साधारण सर्दी-खाँसी के उपचार में लाभदायक, अदरक और हल्दी से तैयार चाय – 24 अक्टूबर 2015

पिछले दो शनिवार आपको वात चाय और पित्त चाय बनाने की विधियाँ बताने के बाद आज मैं आपको तीसरे दोष, कफ-व्याधि के निवारण में उपयोगी चाय बनाने की विधि बताने जा रहा हूँ। जब आपको सर्दी-खाँसी और साइनस की समस्या हो तब आप यह चाय लें, अवश्य लाभ होगा। यह आपकी श्वास नली को साफ करती है और इसलिए इसे लेने पर नाक बहने की समस्या से मुक्ति मिलती है।

कफ-चाय – सामान्य सर्दी-खाँसी में उपयोगी, अदरक और हल्दी से तैयार चाय

अगर आप साइनस की समस्या से परेशान हैं या नाक बह रही है तो आप इस चाय का उपयोग करें। यह चाय आपकी श्वास नली को साफ करके इन समस्याओं के निदान में मददगार सिद्ध होगी!

कफ चाय तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री

1.5 कप पानी
15 ग्राम: ताज़ा अदरक
15 ग्राम: ताज़ी हल्दी
2 चुटकी: जायफल चूर्ण
स्वाद के अनुसार काली मिर्च पाउडर और शहद

कफ चाय कैसे तैयार करें?

अदरक और हल्दी की गठानों को अच्छी तरह साफ करने से शुरुवात करें। हम दोनों सामग्रियों को बिना छीले इस्तेमाल करेंगे इसलिए उनका अच्छी तरह साफ होना आवश्यक है। धोने के पश्चात उन्हें खरल में लेकर मूसल से दबाकर टुकड़े कर लें। जब वे टूटकर अच्छी तरह पिस जाएँ, उन्हें एक बरतन में पानी लेकर उसमें मिला दें। अब पानी में जायफल का चूर्ण और अगर आप चाहें तो काली मिर्च भी मिला दें। काली मिर्च मिलाने का दूसरा विकल्प यह है कि उसे चाय तैयार होने के बाद ऊपर से मिलाएँ-अपनी पसंद के अनुसार आप दोनों तरह से काली मिर्च मिला सकते हैं!

सारे मिश्रण को सात मिनट तक उबालें और फिर स्टोव पर से उतार लें। चाय को छननी से छान लें-मसाले के टुकड़े अलग हो जाएँगे और बहुत सुंदर, रंगीन चाय आपको प्राप्त हो जाएगी।

आप इसी चाय का आनंद ले सकते हैं या फिर उसमें पिसी हुई काली मिर्च या शहद मिला सकते हैं-दोनों तरह से यह लाभप्रद है-वैसे शहद आपके गले के दर्द और खराश में भी आराम पहुँचाएगा।

अब दोस्तों के साथ इस स्वादिष्ट चाय का आनंद लें!

अम्लपित्त का तोड़: धनिया और सौंफ से तैयार पित्त चाय – 17 अक्टूबर 2015

पिछले हफ्ते मैंने आपको अदरक और मेथी से तैयार होने वाली ‘वात चाय’ बनाने की विधि बताई थी। बहुत से लोगों ने ऐसी और अदरक की वैसी ही चाय बनाकर पीना शुरू कर दिया क्योंकि वे उसके लाभों से परिचित थे। लेकिन वे यह नहीं समझते कि अदरक पित्तकारक भी है! इसलिए ऐसे लोगों के लिए जिन्हें पित्त की समस्या है, जैसे अगर आपको छाती में जलन महसूस हो रही है या पेट में अम्लता है तो यह ठीक बात नहीं होगी कि आप बड़ी मात्रा में अदरक की चाय पिएँ! अगर आप इन समस्याओं से परेशान हैं तो आपको चाय का एक दूसरा प्रकार आज़माना चाहिए: पित्त चाय। धनिया और सौंफ से तैयार होने वाली इस चाय को बनाने की विधि यहाँ प्रस्तुत है:

पित्त चाय – अम्लपित्त या पेट की अम्लता की समस्या के निदान हेतु धनिया और सौंफ से तैयार होने वाली चाय

आसानी से तैयार होने वाली, अम्लपित्त या पेट में होने वाली अम्लता की समस्या के निदान में कारगर, पित्त कम करने वाली और इस तरह आपके पाचन-तंत्र में सुधार करने वाली इस चाय का आनंद लीजिए।

पित्त चाय बनाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री

2 कप पानी
1/2 चम्मच सौंफ
1/2 छोटी चम्मच अदरक का पाउडर
1 मुट्ठी ताज़ी, हरी धनिया पत्ती

पित्त चाय कैसे तैयार करें?

सबसे पहले धनिया पत्तियों का रस निकाल लें। इसके लिए धनिया पत्तियों को अच्छी तरह धोकर एक मोर्टार में या लोढ़े पर रखकर उनका बारीक पेस्ट तैयार कर लें। एक साफ सूती कपड़े पर उसे रखकर दबाएँ जिससे उसका रस निकल आएगा, जिसे साफ कटोरी में जमा कर लें। आपको धनिया पत्ती के आधे चम्मच ताज़े रस की ज़रूरत होगी।

धनिया पत्तियों का रस तैयार कर लेने के बाद दो कप पानी एक बरतन में लेकर उबाल लें। जब पानी उबलने लगे, उसमें सौंफ डाल दें और बरतन पर ढक्कन रख दें। सौंफ को पानी में एक मिनट तक उबलने दें। एक मिनट बाद स्टोव बंद कर दें और उसमें धनिया पत्तियों का रस मिला दें।

अपनी पसंद के अनुसार आप चाय में शहद या नींबू का रस या दोनों भी मिला सकते हैं।

बस, चाय तैयार है, दोस्तों के साथ उसका आनंद लें!