इस बात को समझिए कि आपका वास्तविक जीवन आपकी ऑनलाइन दुनिया से अधिक महत्वपूर्ण है – 4 मार्च 2015

स्वामी बालेन्दु आगाह कर रहे हैं कि सोशल मीडिया में लोग जो भी लिखना चाहते हैं, लिखते हैं-और उसके साथ तुलना आपको दुखी कर सकती है। ऐसी स्थिति में वास्तविक दुनिया की ओर वापस लौट जाएँ!

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खूबसूरती अलग-अलग रूपों में सामने आती है! खूबसूरती के गलत मानदंडों से हानि- 28 अगस्त 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि क्यों महिलाओं की खूबसूरती के प्रचलित मानदंड कुछ लोगों को स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह बना देते हैं!

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दूसरों से तुलना करने पर न तो आपकी सुन्दरता बढ़ती है न ही घटती है- 27 अगस्त 2013

स्वामी बालेंदु समझा रहे हैं कि कैसे सिर्फ औरतें ही नहीं, कई मर्द भी अपने से कम सुंदर व्यक्ति को देखकर ही सुंदर महसूस कर पाते हैं या खुश हो पाते हैं!

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दूसरों के साथ अपनी तुलना मत कीजिए और खुश रहिए! 26 अगस्त 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे दूसरों से अपनी तुलना करने पर कई लोग तनावग्रस्त और दुखी हो जाते हैं। इस आदत पर काबू पाने के लिए आप क्या कर सकते हैं, यहाँ पढ़िये!

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उपलब्धियां और सफलताएँ जब खुशियों से ज़्यादा महत्वपूर्ण हो जाते हैं! 20 अगस्त 2013

स्वामी बालेंदु लिख रहे हैं कि कामकाजी जीवन में मौजूद प्रतिस्पर्धा और पुरस्कार आपके अहं को पुष्ट करते हैं और जब सफलता नहीं मिलती तो वह ध्वस्त हो जाता है।

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देशों और संस्कृतियों की तुलना करनी चाहिए मगर यह काम बहुत मुश्किल है – 15 जुलाई 2013

स्वामी बालेंदु देशों और संस्कृतियों की तुलना करते हुए यह प्रश्न कर रहे हैं कि क्या उन देशों के लोगों की हालत सिर्फ इसलिए दयनीय कही जा सकती है कि वहाँ के लोग आपसे गरीब हैं?

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