हाँ, मुझे सेक्स, पैसा, भौतिक पदार्थ और मेरी पत्नी पसंद हैं और मुझे कोई अपराधबोध भी नहीं है! 19 नवंबर 2015

स्वामी बालेंदु उन चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे उन्हें प्रेम है, भले ही बहुत से लोग उन चीजों में संलग्न होना बुरा समझते हों। क्यों? और ये चीजें क्या हैं, यहाँ पढ़िए!

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वार्तालाप के कौशल में वृद्धि हेतु 5 टिप्स – 19 अगस्त 2015

स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि लोगों से बात करते वक़्त पाँच बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पढ़िए और देखिए कि क्या आप उन्हें अमल में लाकर अपनी वार्तालाप क्षमता में वृद्धि कर पा रहे हैं या नहीं!

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मेरी जर्मन पत्नी और हमारा अन्तरसांस्कृतिक संबंध – 5 जुलाई 2015

स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि खुद उनका संबंध भी एक भारतीय पुरुष और जर्मन महिला के बीच का अन्तरसांस्कृतिक वैवाहिक संबंध है- लेकिन फिर भी क्यों उन्हें उन समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ा, जिनका वर्णन पिछले कई ब्लॉगों में उन्होंने किया है।

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अपने वास्तविक मित्रों के साथ मिलकर बदलावों को अनुभव करने का सुखद एहसास – 29 मार्च 2015

स्वामी बालेन्दु आश्रम में आए हुए मेहमानों का ज़िक्र करते हुए बता रहे हैं कि कैसे न सिर्फ उनके साथ समय गुज़ारना बड़ा सुखद है बल्कि हर तरह के परिवर्तनों को साथ-साथ महसूस करना भी अत्यंत आनंददायक है!

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स्वतंत्र और भ्रष्टाचार-मुक्त मीडिया का स्वप्न – ‘इंडिया संवाद’ – 23 मार्च 2015

स्वामी बालेन्दु एक समूह में शामिल हुए हैं, जिसका नाम 'इंडिया संवाद' है और जिसका ध्येय भ्रष्टाचार-मुक्त मीडिया के लिए काम करना है। यहाँ वे समूह के बारे में विस्तार से बता रहे हैं!

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हर साल उत्तरोत्तर अधिक मौज-मस्ती – अपरा का होली समारोह – 5 मार्च 2015

स्वामी बालेंदु होली पर अपनी बेटी अपरा की मौज-मस्ती का वर्णन करते हुए बता रहे हैं कि कैसे उसे देखते हुए उन्हें अपना बचपन याद आ जाता है।

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मैं घर से किया जाने वाला अपना काम (व्यवसाय) क्यों पसंद करता हूँ – 22 जनवरी 2015

स्वामी बालेन्दु अपने काम के बारे में बता रहे हैं और यह भी कि वे क्यों उससे प्रेम करते हैं भले ही उन्हें बहुत काम करना पड़ता हो, उनका घर और परिवार भी उसमें संलग्न हो जाता हो।

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पिछले साल पर एक नज़र – जुलाई से दिसंबर 2014 – 1 जनवरी 2015

स्वामी बालेन्दु 2014 के अगले छह महीनों में हुए अपने अनुभवों की समीक्षा कर रहे हैं।

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सन 2014 का लेखा-जोखा – जनवरी से जून – 31 दिसंबर 2014

स्वामी बालेंदु सन 2014 में किए गए अपने कामों की पड़ताल कर रहे हैं।

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मुझे बदलाव पसंद हैं और मैं अपनी गलतियाँ भी स्वीकार करता हूँ! 10 नवंबर 2014

स्वामी बालेन्दु अपने और बदलाव के विषय में चर्चा कर रहे हैं!

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