Tag: अमीर
समस्याओं के प्रति आपका रवैया-आप उनसे घबराते हैं या उनका डटकर मुकाबला करते हैं? 26 अक्टूबर 2015
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि समस्याओं का सामना होने पर कैसे आपकी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि ... Read More
एक धनाढ्य कंगाल आदमी – 6 जुलाई 2014
स्वामी बालेन्दु 2006 का एक और संस्मरण लिख रहे हैं, जिसमें वे एक कंजूस व्यक्ति ... Read More
प्रेम के साथ जीवन गुजारें या भोग-विलास में – 16 जुलाई 2013
आप क्या चाहते हैं: प्रेम या ऐश ओ आराम? यह प्रश्न करते हुए स्वामी बालेंदु ... Read More
देशों और संस्कृतियों की तुलना करनी चाहिए मगर यह काम बहुत मुश्किल है – 15 जुलाई 2013
स्वामी बालेंदु देशों और संस्कृतियों की तुलना करते हुए यह प्रश्न कर रहे हैं कि ... Read More
कैसे संस्कृतियों का भेद गरीबी की परिभाषा बदल देता है – 14 जून 2013
स्वामी बालेंदु यूनिसेफ द्वारा कराए गए अमीर मुल्कों के गरीब बच्चों के बारे में अध्ययन ... Read More
आवश्यकता और विलासिता – भारत और पश्चिमी देशों के अलग-अलग मानदंड – 13 जून 2013
स्वामी बालेंदु यूनिसेफ द्वारा कराए गए अमीर मुल्कों के बच्चों के बारे में अध्ययन के ... Read More
भारतीय और पश्चिमी बच्चों के खेलों की तुलना – 12 जून 2013
स्वामी बालेंदु यूनिसेफ द्वारा कराए गए अमीर मुल्कों के बच्चों के बारे में अध्ययन के ... Read More
तीन बार भोजन – क्या यह बच्चों के लिए विलासिता है? – 11 जून 2013
स्वामी बालेंदु यूनिसेफ द्वारा गरीब बच्चों के विषय में किए गए अध्ययन के पहले पाँच ... Read More
अमीर देशों के गरीब बच्चे – 10 जून 2013
स्वामी बालेंदु गरीब बच्चों के बारे में यूनिसेफ के एक अध्ययन की चर्चा कर रहे ... Read More
मुफ्त आध्यात्मिक विवाह कराइए: बस गुरु की दुकान से महँगे कपड़े खरीदने होंगे – 9 जून 2013
स्वामी बालेंदु एक मित्र के विवाह के बारे में बता रहे हैं जिसे एक गुरु ... Read More
भारत का उच्च वर्ग – प्रतिष्ठा खोने के डर ने तलाक रोका – 3 मई 2013
स्वामी बालेंदु भारत के उच्च वर्ग के दंपतियों के बारे में बता रहे हैं। वे ... Read More
अंधविश्वासियों की किस्में – 3: सफल, धनवान व्यवसायी – 13 मार्च 13
स्वामी बालेंदु अंधविश्वासियों की तीसरी किस्म का वर्णन करते हैं। दौलतमंद व्यवसायी इस डर में ... Read More
धर्म में विरोधाभास – पिछले जन्मों के कर्म आपके पास हैं या नहीं? – 4 फरवरी 2013
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि धर्म ने अपना लचीलापन बनाए रखते हुए किस तरह ... Read More
क्या है नागा साधू की मूल अवधारणा – मोह-माया का त्याग या गांजा पीने और नंग-धडंग रहने की छूट? – 29 जनवरी 13
स्वामी बालेन्दु बताते हैं कि नागा साधुओं की मूल अवधारणा क्या है, उनका आचरण कैसा ... Read More
