मैं कल ही आपको बता चुका हूँ कि माइकल और आंद्रिया आजकल यहाँ, आश्रम आए हुए हैं और उनके साथ हम किस तरह अपना समय हँसी-खुशी बिता रहे हैं। और आपको बताऊँ कि उनके साथ होना ही मेरे लिए बड़ी खुशी की बात है क्योंकि मैं महसूस कर रहा हूँ कि वे स्वयं हमारी प्रगति देखकर बड़े खुश हो रहे हैं। यह बात एक बार फिर यह दर्शाती है कि वे हमारे सच्चे मित्र हैं-यही समय होता है, जब यह बात स्पष्ट होती है।
हमारे मित्र यहाँ देर रात पहुँचे थे। वे अढ़ाई साल बात यहाँ आए थे लेकिन इस बीच आश्रम में हुए परिवर्तन इतने विशाल थे कि अंधेरे में भी उनकी नज़रों से ओझल नहीं रह सके! आश्रम में प्रवेश करते ही वे खुशी से भावविभोर हो गए, सिर्फ हमसे मिलकर ही नहीं बल्कि हमारी प्रगति को देखकर भी।
मेरी नज़र में यही सच्ची मित्रता की पहचान है। मित्रता के बारे में दो विचार पाए जाते हैं: यानी यह कि आपको सच्चे मित्रों का पता तब चलता है, जब आपका समय खराब होता है-या फिर तब आपको सच्चे मित्रों का पता चलता है जब समय अच्छा होता है और वे भी आपके लिए आपकी खुशी में खुशी महसूस करते हैं!
मैं समझता हूँ कि यह दोनों बातों का मिश्रण है और मैं अपने इन मित्रों को अपने बीच पाकर सिर्फ खुश होता हूँ। यही कारण है कि मैं आजकल उनके साथ बहुत सारा समय बिता रहा हूँ और अपने काम के प्रति थोड़ी कोताही बरत रहा हूँ। करने के लिए हमारे पास बहुत से काम हैं और हम बहुत व्यस्त हैं-लेकिन इनमें से एक काम सिर्फ अपने दोस्तों के साथ समय बिताना भी है!
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