आपके विवाह के बाद जब आपकी सास आपकी माहवारी का हिसाब रखने लगती है – 11 जनवरी 2016

स्वामी बालेंदु भारतीय समाज, भारतीय परिवार और सास-ससुर द्वारा डाले जाने वाले दबाव के बारे में लिख रहे हैं, जो वे नव विवाहित जोड़ों पर और ख़ास कर नई नवेली बहू पर डालते हैं: जितना जल्दी हो सके बच्चा पैदा करो!

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यदि आप पश्चिमी महिलाओं के साथ ऑनलाइन सेक्स चैट करने वाले भारतीय पुरुष हैं तो इसे अवश्य पढ़ें! 17 जून 2015

स्वामी बालेन्दु उन भारतीय पुरुषों से एक अपील कर रहे हैं, जो पश्चिमी महिलाओं के साथ होने वाली अपनी ऑनलाइन बातों के प्रति गंभीर नहीं होते, जब कि वे महिलाएँ उनसे प्रेम करने लगती हैं।

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आयुर्वेद संबंधी हमारी कार्यशालाओं में अदृश्य शक्तियों से सम्बंधित कोई काम नहीं होता – 29 सितंबर 2014

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि आयुर्वेद प्रशिक्षण के लिए आए प्रतिभागी उनसे अदृश्य शक्तियों संबंधी किसी काम को सीखने की अपेक्षा न करें, आश्रम में इससे संबन्धित कोई प्रशिक्षण नहीं दिया जाता लिहाजा इस बारे में यहाँ उनकी कोई मदद नहीं हो पाएगी।

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बच्चों के मन मेँ हम अवसाद और अक्रियाशीलता के बीज बोते हैं – 2 अप्रैल 2014

बच्चों की स्कूली शिक्षा के दौरान और उनके फुरसत के क्षणों मेँ अपने व्यवहार से हम बच्चों को बहुत सी मनोवैज्ञानिक समस्याओं की ओर धकेल देते हैं। कैसे, स्वामी बालेंदु के शब्दों मेँ पढ़िये।

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क्या करें, जब आस्थाओं और रुचियों की विभिन्नता के चलते आपकी मित्रता में अपेक्षित अंतरंगता नहीं हो पाती? 17 दिसंबर 2013

स्वामी बालेंदु समझा रहे हैं कि कैसे रुचि और विचार भिन्न होने के बावजूद और बात करने के लिए कोई विषय न हो तब भी आप मित्रता कायम रख सकते हैं।

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दोस्त ने पार्टी में नहीं बुलाया-ठीक है, कोई बात नहीं! बल्कि अच्छा ही है! 23 अक्तूबर 2013

स्वामी बालेंदु को एक मित्र ने अपनी पार्टी में आमंत्रित नहीं किया और कारण बताया: वे नास्तिक हैं, पार्टी का मज़ा नहीं ले पाएंगे!

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खुद से अपनी नैसर्गिक सीमाओं से ज़्यादा की अपेक्षा न रखें- 15 अक्तूबर 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि अपने आपसे अपेक्षा की भी कुछ सीमाएं हैं और जब आपको लगे कि किसी क्षेत्र में कोई दूसरा व्यक्ति, आपकी अपने आपसे की जा रही अपेक्षाओं पर आपसे बेहतर साबित हो रहा है, तो आपको निराश नहीं होना चाहिए। क्यों, यहाँ पढिए।

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यहाँ आने से पहले जांच लें कि आप हमारे साथ आनन्द ले सकते हैं या नहीं? – 28 मई 2013

स्वामी बालेंदु अपना एक अनुभव बयान कर रहे हैं जिसमें आश्रम में रहने के लिए अनुपयुक्त एक मेहमान का ज़िक्र है। पहले से कौन जान सकता है!

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भारतीय अपनी औरतों से इतनी अपेक्षा क्यों रखते हैं? – 23 अप्रैल 2013

स्वामी बालेन्दु अपनी पत्नी रमोना के एक वक्तव्य और उसे भारत में रहने के दौरान हुए अनुभव के विषय में लिखते हैं|

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क्या आप ध्यान साधना की अवधि से किसी की चेतना के स्तर को नाप सकते हैं? – 4 अप्रैल 2013

स्वामी बालेन्दु उस प्रश्न का उत्तर देते हैं जब किसी ने उनसे पूछा कि आप कितने घंटे ध्यान करते हो?

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