संथारा की मूर्खतापूर्ण परंपरा की वजह से आत्महत्या को न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता! 26 अगस्त 2015

स्वामी बालेंदु एक टी वी परिचर्चा का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसमें वे भी शामिल हुए थे। यह चर्चा संथारा पर थी, जो जैन समुदाय की एक पुरानी परंपरा है और जो 75 साल से ऊपर के लोगों के बीच आत्महत्या को प्रोत्साहन देती है।

Continue Readingसंथारा की मूर्खतापूर्ण परंपरा की वजह से आत्महत्या को न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता! 26 अगस्त 2015

सम्पूर्ण विश्वास बहुत खतरनाक होता है, सिर्फ दिखावा कीजिए कि आप ईश्वर पर भरोसा करते हैं 4 जुलाई 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि अधिकतर लोग जो कहते हैं कि वे ईश्वर पर विश्वास करते हैं, दरअसल सिर्फ दिखावा करते हैं। वे क्यों ऐसा सोचते हैं, यहाँ पढ़ें!

Continue Readingसम्पूर्ण विश्वास बहुत खतरनाक होता है, सिर्फ दिखावा कीजिए कि आप ईश्वर पर भरोसा करते हैं 4 जुलाई 2013

आप ईश्वर और धर्मग्रंथों पर किस हद तक विश्वास कर सकते हैं, इसका एक उदाहरण – 3 जुलाई 2013

स्वामी बालेंदु एक प्रकरण की याद कर रहे हैं जिसमें ईश्वर प्राप्ति की तमन्ना में पूरा परिवार सामूहिक आत्महत्या कर लेता है।

Continue Readingआप ईश्वर और धर्मग्रंथों पर किस हद तक विश्वास कर सकते हैं, इसका एक उदाहरण – 3 जुलाई 2013

क्या आप आपनी परंपराओं को बचाए रखने के लिए अपने बच्चों की आहुती देने के लिए तैयार हैं?-15 मई 2013

स्वामी बालेंदु बच्चों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं के बारे में लिख रहे हैं जो वे इस डर से करने के लिए मजबूर होते हैं कि उनके माता-पिता उनके प्रेम को अस्वीकार कर देंगे।

Continue Readingक्या आप आपनी परंपराओं को बचाए रखने के लिए अपने बच्चों की आहुती देने के लिए तैयार हैं?-15 मई 2013