Home > Tag: संबंध

आपके विवाह के बाद जब आपकी सास आपकी माहवारी का हिसाब रखने लगती है – 11 जनवरी 2016

भारतीय संस्कृति

स्वामी बालेंदु भारतीय समाज, भारतीय परिवार और सास-ससुर द्वारा डाले जाने वाले दबाव के बारे में लिख रहे हैं, जो वे नव विवाहित जोड़ों पर और ख़ास कर नई नवेली बहू पर डालते हैं: जितना जल्दी हो सके बच्चा पैदा करो!

जब महिलाएँ अपने पति के विवाहेतर संबंधों को स्वीकार कर लेती है – 7 दिसंबर 2015

मनोविज्ञान

स्वामी बालेंदु उस परिस्थिति के बारे में लिख रहे हैं, जिसमें भारतीय महिलाएँ और पश्चिमी महिलाएँ स्वीकार कर लेती हैं कि उनके पति किसी और स्त्री के साथ हमबिस्तर होते रहें।

उन्मुक्त सेक्स संबंध बनाना गलत नहीं है परन्तु मुझे लगता है, वे सफल नहीं हो पाते – 3 दिसंबर 2015

सम्बन्ध

स्वामी बालेंदु स्पष्ट कर रहे हैं कि वे यह नहीं समझते कि खुले, स्वच्छंद संबंधों में नैतिक या सामाजिक रूप से कुछ गलत है। मेरा मानना सिर्फ इतना है कि वे अधिक समय तक चल नहीं पाते।

अत्यधिक सेक्स किस तरह एक रूखा अनुष्ठान बनकर रह जाता है – 2 दिसंबर 2015

यौन क्रिया

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे आप भले ही अत्यधिक सेक्स करते हों, खुले, स्वच्छंद संबंधों में अलग-अलग लोगों के साथ यौनरत होते हों, अंततः आप उससे बोर हो जाते हैं और आपको संतुष्टि नहीं मिलती।

एक से अधिक सेक्स पार्टनर के साथ आपसी संबंधों में रोमांच, थ्रिल, उत्तेजना और असफलता – 1 दिसंबर 2015

सम्बन्ध

स्वामी बालेंदु खुले संबंधों में आने वाली एक और समस्या के बारे में लिख रहे हैं: जब लोग अपने मुख्य पार्टनर में भी रुचि खोने लगते हैं।

क्या आप भी अपने आपको सेक्स का सबसे बड़ा खिलाड़ी समझते हैं – 30 नवंबर 2015

सम्बन्ध

स्वामी बालेंदु स्वच्छंद जीवन शैली और खुले सेक्स संबंधों के बारे में लिखते हुए बता रहे हैं कि क्यों यह व्यावहारिक नहीं है।

अहं के चलते आपसी संबंधों में आने वाली समस्याओं से कैसे निपटें – 29 अक्टूबर 2015

सम्बन्ध

स्वामी बालेंदु संबंधों में अहं की नकारात्मक भूमिका के विषय में लिखते हुए बता रहे हैं कि कैसे वह अक्सर बहुत सी समस्याओं का कारण बनता है और कैसे अपने साथी के सामने उस पर काबू पाया जा सकता है।

बात करने के लिए कभी-कभी आपको किसी दूरस्थ मित्र की ज़रूरत पड़ती है – 8 सितंबर 2015

मित्र

स्वामी बालेंदु अपने एक मित्र का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसने बात करने के लिए उन्हें फोन किया क्योंकि अपने आसपास के लोगों से वह बात नहीं कर पा रहा था! उसकी समस्या क्या थी, यहाँ पढ़िए।

दिन भर के कामकाज और मेहनत के बाद क्या आप सेक्स के लिए बेहद थक जाते हैं? 10 अगस्त 2015

कार्य

स्वामी बालेन्दु से किसी व्यक्ति ने अपनी इस समस्या पर उनके विचार पूछे: दिन भर के काम के भयंकर तनाव के बाद वह इतना थक जाता है या उसे इतना समय ही नहीं मिलता कि पत्नी के साथ सम्भोग कर सके! क्या किया जाए? बालेन्दु जी का उत्तर यहाँ पढ़ें।

क्या आध्यात्मिकता (धार्मिकता) का अर्थ यह है कि आप दगाबाजी करें फिर अपने आप को माफ़ भी कर दें? 15 जुलाई 2015

सम्बन्ध

स्वामी बालेन्दु अपने एक सलाह सत्र का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसमें एक पुरुष ने स्वीकार किया कि वह अपनी गर्लफ्रेंड से दगाबाज़ी करता रहा है-लेकिन उसे अपनी करतूत पर ज़रा सा भी अफ़सोस नहीं था!

12
Skip to toolbar