क्या सोशल नेटवर्किंग साइट्स जीवन में अकेलापन पैदा कर रहीं हैं? 14 दिसंबर 2015

कभी-कभी लगता है जैसे सोशल नेटवर्किंग साइटें वास्तव में अकेलापन बढ़ाती ही हैं, जबकि उन्हें बनाया गया था, लोगों को आपस में जोड़ने के लिए! स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि ऐसा क्यों लगता है?

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संबंधों में आने वाली कठिनाइयों के समय मानसिक संतुलन न खोना – 27 अक्टूबर 2015

स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि आपसी संबंधों के बीच पैदा होने वाली समस्याओं, जैसे क्रोध, मानसिक पीड़ा और दूसरी समस्याओं का मुक़ाबला कैसे करें।

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प्यार का कोई विलोम नहीं है – 7 सितंबर 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि ऐसी कोई भावना नहीं है, जिसका प्रेम के साथ सहअस्तित्व नहीं हो सकता- घृणा भी नहीं, डर भी नहीं!

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अपनी साढ़े तीन साल की बच्ची, अपरा के बगैर पहली बार माँ और पा – 14 जुलाई 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि जब उनकी बेटी तीन दिन के लिए उन्हें छोड़कर गई तब वे और उनकी पत्नी कैसा महसूस कर रहे थे।

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जब परिवर्तन मित्रों के बीच नज़दीकियाँ कम कर देते हैं – 8 जून 2015

स्वामी बालेंदु अपने एक मित्र का ज़िक्र करते हुए बता रहे हैं कि कैसे उन्होंने महसूस किया कि मित्रता कम घनिष्ठ हो जाती है और उनके विचार की तब पुष्टि हो गई जब उनके दोस्त ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

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जब मैं अपनी भावनाओं की कदर नहीं करता तो अपनी ऊर्जा गँवा रहा होता हूँ – 7 जून 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि उन भावनाओं या एहसासात की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए, जिनके अनुसार आपको महसूस होता है कि किसी व्यक्ति से आगे किसी भी तरह का संबंध रखना मुमकिन नहीं होगा! क्यों? यहाँ पढ़ें।

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कामुकता – एक आनंदित करने वाली नैसर्गिक अनुभूति – उसे बीमारी समझने वाले स्वयं बीमार हैं – 1 जून 2015

स्वामी बालेंदु कामुकता को परिभाषित करते हुए बता रहे हैं कि क्यों उनकी नज़रों में वह महज एक सुंदर एहसास है, जो आनंदित करता है- और वास्तव में उसका दमन करना ही बीमारी का लक्षण है!

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प्रेम आपके जींस से ज्यादा महत्वपूर्ण है – 23 फरवरी 2014

जब 18 साल की एक लड़की को पता चला कि उसका पिता उसका जैविक पिता नहीं है तो वह मानसिक रूप से टूट गई। स्वामी बालेंदु ने इस समस्या के समाधान हेतु क्या सलाह दी, यहाँ पढ़िये।

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अपने अरेंज्ड मैरेज के विषय में वर और वधु कैसा अनुभव करते हैं? 2 दिसंबर 2013

स्वामी बालेंदु अरेंज्ड विवाहों के अनभ्यस्त (विदेशी) लोगों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले एक और सवाल का उत्तर दे रहे हैं: (ऐसे विवाहों के विषय में) नए दंपति कैसा महसूस करते हैं?

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जबरदस्ती अपने आपको झूठी ख़ुशी के हवाले न करें- 17 अक्तूबर 2013

“आप स्वयं अपने आपको प्रसन्न कर सकते हैं!” स्वामी बालेंदु इस वाक्य का हवाला देते हुए उसकी सीमाओं को लेकर आगाह कर रहे हैं।

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