अपने दिमाग के दरवाजे दूसरों के लिए खुले छोड़ देने के खतरे – 18 मार्च 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि जब आप अपने विचारों को ऐसे लोगों के सामने रखते हैं, जो उनका निर्वाह ज़िम्मेदारी के साथ नहीं करते तो यह कितना खतरनाक हो सकता है।

Continue Readingअपने दिमाग के दरवाजे दूसरों के लिए खुले छोड़ देने के खतरे – 18 मार्च 2015

क्या आसाराम की यह ‘छोटी सी’ गलती क्षमायोग्य है? क्या उसे भुलाया जा सकता है?-5 सितम्बर 2013

श्रीश्री रविशंकर और आसाराम के पुत्र की मूर्खतापूर्ण और हास्यास्पद प्रतिक्रियाओं के बारे में स्वामी बालेंदु अपनी विवेचना प्रस्तुत कर रहे हैं।

Continue Readingक्या आसाराम की यह ‘छोटी सी’ गलती क्षमायोग्य है? क्या उसे भुलाया जा सकता है?-5 सितम्बर 2013

आसाराम और जवान लड़कियों के लिए उसकी न बुझने वाली पिपासा – 4 सितंबर 2013

आसाराम प्रकरण में मिली नई जानकारियों के बारे में स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि उसके एक सहयोगी के अनुसार आसाराम युवा महिलाओं के साथ अपने गुप्त कमरे में अक्सर ही मिला करता था।

Continue Readingआसाराम और जवान लड़कियों के लिए उसकी न बुझने वाली पिपासा – 4 सितंबर 2013

क्यों आप खुद कठपुतली बनकर अपने जीवन को किसी गुरु के हवाले करना चाहते हैं?- 22 जुलाई 2013

स्वामी बालेंदु समझा रहे हैं कि क्यों वे समझते हैं कि गुरुवाद ताकत और भोले-भाले लोगों के शोषण को दावत देता है। अपने गुरु आप बनिए!

Continue Readingक्यों आप खुद कठपुतली बनकर अपने जीवन को किसी गुरु के हवाले करना चाहते हैं?- 22 जुलाई 2013

अपनी जिम्मेदारियों से बचने का गुरु प्रदत्त सम्मोहक प्रस्ताव – 3 अप्रैल 2013

स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि किस तरह हिन्दू धर्म में किस तरह गुरुवाद को बढ़ावा दिया गया है और उसके क्या दुष्परिणाम होते हैं|

Continue Readingअपनी जिम्मेदारियों से बचने का गुरु प्रदत्त सम्मोहक प्रस्ताव – 3 अप्रैल 2013

अतीत में सगे संबंधियों द्वारा किए गए यौन शोषण से कैसे उबरें – 10 मार्च 13

स्वामी बालेंदु व्यक्तिगत काउंसलिंग सत्रों के बारे में बताते हैं जिनमें लोगों ने उन्हें बताया कि किस प्रकार बचपन में उनका यौन शोषण हुआ। जानिए स्वामी जी ने कैसे उनकी मदद की|

Continue Readingअतीत में सगे संबंधियों द्वारा किए गए यौन शोषण से कैसे उबरें – 10 मार्च 13