ठंड के मसालों से तैयार मीठे चावल – 7 नवंबर 2015

आजकल यहाँ ठंड बढ़ती जा रही है और आधी दुनिया में ठंड का मौसम धीरे-धीरे शबाब पर आ रहा है। कुछ ऐसे मसाले हैं, जिनका उपयोग ठंड में बनाए जाने वाले स्वादिष्ट व्यंजनों में किया जाता है। ये मसाले शरीर को गरम करते हैं और इस तरह पित्त नामक आयुर्वेदिक दोष और ऊष्मा उत्पन्न करते हैं। आज मैं इन्हीं मसालो से तैयार किए जाने वाले मीठे चावल बनाने की विधि लिखने जा रहा हूँ।

ठंड के मसालों से तैयार मीठे चावल

ठंड के मौसम में अपने चावलों को दालचीनी और चक्रफूल की अनोखी खुशबू प्रदान करें! मीठे, स्वादिष्ट और पकाने में आसान!

ठंड के मसालों से तैयार मीठे चावल तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


1 कप: चावल
1.5 कप: पानी

2 चक्रफूल
2- 5 सेंटीमीटर लंबे दालचीनी के टुकड़े
1/2 छोटी चम्मच दालचीनी का पाउडर
1/4 छोटी चम्मच चक्रफूल का पाउडर
1.5 बड़ा चम्मच: शक्कर का चूरा
1 बड़ा चम्मच: घी

ठंड के मसालों से मीठे चावल कैसे तैयार करें?

सबसे पहले एक बरतन में चावल को साबुत चक्रफूल और साबुत दालचीनी के टुकड़ों साथ पानी में भीगने के लिए रख दें।

दस मिनट बाद आप बरतन को स्टोव पर रख दें और पानी उबल जाने दें और जब वह उबलने लगे, स्टोव को धीमा करके बरतन पर ढक्कन रख दें। धीमी आँच पर उसे लगभग पंद्रह मिनट पकने दें। उसे जाँचकर देखने तक की ज़रूरत नहीं है-बस उसे चलाना नहीं है!

जब पानी उबलने की आवाज़ बंद हो जाएँ और ढक्कन खोलकर देखने पर पता चले कि चावलों की नोक ऊपर की तरफ है तो समझ लीजिए कि चावल पक गए और जब चावल पक जाएँ तो बरतन को स्टोव पर से नीचे उतार लीजिए।

एक कड़ाही गरम करें और जब वह गरम हो जाए तो उसमें घी डालें और उस पुनः गरम करें। जब घी पर्याप्त गरम हो जाए तो आप उसमें पके हुए चावल डाल दीजिए। फिर उसमें दालचीनी और चक्रफूल का पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें और जब वह अच्छी तरह एकसार हो जाए तो स्टोव बंद कर दें। गरम कड़ाही में चावलों को रखकर उसमें शक्कर का पाउडर भी मिला दें और एक बार पुनः अच्छी तरह चलाकर चावल, दालचीनी और चक्रफूल के पाउडर के मिश्रण को अच्छी तरह एकसार कर लें।

लीजिए, हो गया-आपके ठंड के मसालों से तैयार स्वादिष्ट चावल मेज़ पर आपका इंतज़ार कर रह हैं।

दोस्तों के साथ खाने का आनंद लें।

पुदीना-धनिया के चावल – 25 जुलाई 2015

पिछले कुछ सप्ताह बहुत सी सब्ज़ियाँ बनाने की विधियाँ लिखने के बाद आज मैं भोजन के बिल्कुल दूसरे अवयव की ओर आपका ध्यान केंद्रित करना चाहता हूँ: चावल। आज आप चावल पकाने का एक बिल्कुल भिन्न, आकर्षक और अत्यंत स्वादिष्ट तरीका जानेंगे:

पुदीना-धनिया-चावल

चावल पकाने की आम दैनिक विधि से अलग, एक साइड डिश के रूप में: तरावटदार स्वाद और स्वास्थ्यवर्धक भी!

पुदीना-धनिया-चावल पकाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


2 कप: बासमती चावल
3 कप: पानी
2 बड़े चम्मच: वनस्पति तेल
1 कप: पुदीने की पत्तियाँ
1 कप: ताज़ी हरी धनिया
2 बड़े चम्मच: काजू
1/2 छोटी चम्मच: सरसों के दाने
1 चम्मच: काबुली चने की दाल
1 चम्मच: काले चने
1 नग: तेजपत्र
स्वाद के अनुसार नमक

पुदीना-धनिया-चावल कैसे तैयार करें?

पुदीने की और धनिये की पत्तियों को अच्छी तरह धोकर एक ग्राइंडर में रखें और उन पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर पत्तियों का बारीक पेस्ट तैयार कर लें। काजुओं को बीच से तोड़कर उनके छोटे-छोटे टुकड़े कर लें। चावल अच्छी तरह धोएँ और उन्हें एक अलग बरतन में भीगने के लिए रख दें।

एक बरतन में तेल गर्म करें और जब वह अच्छा गर्म हो जाए तब उसमें सरसों के दाने, काबुली चने की दाल, काले चने, काजू के टुकड़े और तेजपत्र डालकर अच्छी तरह चलाएँ, जिससे ये सामग्रियाँ अच्छी तरह भुन जाएँ और काजू के टुकड़े हल्के सुनहरे दिखाई देने लगें। अब इस मिश्रण में पुदीने और धनिये का पेस्ट भी मिला दें और अच्छी तरह चलाते हुए इस मिश्रण को कुछ देर पकने दें।

दो मिनट बाद, जब पेस्ट का रंग गहरा हरा हो जाए, उसमें चावल, पानी और नमक भी मिला दें। एक बार आँच तेज़ करके मिश्रण को उबल जाने दें फिर आँच धीमी करके चावल को अगले बीस मिनट तक पकने के लिए छोड़ दें। उसे बिना चलाए, धीमी आँच पर पकने दें!

पानी की गुणवत्ता पर निर्भर करेगा कि चावल कितनी देर में पकते हैं लेकिन आप इसकी जाँच इस तरह कर सकते हैं: पकने पर चावल के दानों के सिरे छत की ओर होंगे और बरतन के तले में पानी उबलने का स्वर नहीं होगा। जब इतना हो जाए, समझिए आपका पुदीना-धनिया-चावल तैयार है। बरतन को नीचे उतार लें और गर्मागर्म परोसें।

दोस्तों के साथ आप भी इसके अनोखे स्वाद का आनंद लें!

दही चावल – चावल में दही मिलाकर बनाया जाने वाला व्यंजन – 11 अक्टूबर 2014

आज मैं आपको एक ऐसा व्यंजन बनाने की विधि बताने जा रहा हूँ, जो अपरा का भी पसंदीदा व्यंजन है। न सिर्फ उसका स्वाद बेमिसाल है बल्कि वह उनके लिए भी बड़ा मुफीद है, जिनका पेट खराब रहता है या जिन्हें दस्त की शिकायत हो जाती है – उसे ठीक करने में भी यह व्यंजन मददगार सिद्ध होता है!

दही चावल – दही में चावल

बनाने में बेहद आसान, तुरत-फुरत, बहुत स्वादिष्ट और सबसे बड़ी बात, खाने में वास्तव में बड़ा ही हल्का!

दही चावल बनाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री

1 कप बासमती चावल
2 कप पानी
1 छोटी चम्मच वनस्पति तेल
3 कप दही
1 छोटी चम्मच काली सरसों
1 छोटी चम्मच मैथी के बीज
5 मीठी नीम के पत्ते
स्वाद के अनुसार नमक

दही चावल कैसे तैयार करें?

चावल को अच्छी तरह धो लें और स्टोव जलाकर चावल के साथ पानी लेकर उसे स्टोव पर चढ़ा दें। पानी को उबलने दें और जब पानी उबलने लगे तो आँच धीमी कर दें और चावल को पकने दें। चावल को चलाएँ नहीं मगर उसे अच्छी तरह पक जाने दें। इसमें लगभग 20 मिनट का समय लगेगा। जब पानी भाप बनकर उड़ जाए और चावल के दानों की नोक ऊपर की ओर उठ जाए, समझिए चावल अच्छी तरह पक गए हैं।

एक कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें मेथी के बीज, सरसों और धुली हुई मीठी नीम की पत्तियाँ डालकर चलाएँ। जब ये मसाले तड़कने लगें और खूब गर्म हो जाएँ, आँच थोड़ी धीमी कर दें। मसालों को थोड़ा भुन जाने दें और फिर पके हुए चावल को भी कड़ाही में लेकर उन्हें मसालों के साथ अच्छी तरह मिलाएँ। उसके बाद दही मिलाएँ और सारे मिश्रण को अच्छी तरह चलाते हुए एकसार कर लें और अंत में स्टोव बंद कर दें। ऊपर से नमक मिलाएँ और एक बार फिर मिश्रण को अच्छी तरह चलाएँ और लीजिए आपके दही चावल तैयार हैं!

अब आप उनका मज़ा ले सकते हैं!

मीठे चावल-इलाइची और ज़ाफ़रान (केसर) युक्त मीठे चावल – 21 दिसंबर 2013

रमोना और मैं आजकल लखनऊ में हैं, समझ लीजिए शरद ऋतु का मज़ा लेने एक सप्ताह के लिए अपरा के साथ यहाँ आ गए हैं। इस तरह आपके लिए व्यंजन बनाने की यह विधि मैं, हमारे उत्तर प्रदेश की राजधानी, लखनऊ में बैठकर लिख रहा हूँ। और यह बेहद स्वादिष्ट व्यंजन है, जिसे अक्सर खास मौकों पर ही बनाया जाता है: मीठे चावल! उन लोगों के लिए पेश है एक खास व्यंजन, जो चावल को मीठे रूप में खाना चाहते हैं लेकिन चावल की खीर (दूध-भात) की तरह दूध के साथ नहीं!

मीठे चावल-इलाइची और जाफरान (केसर) युक्त मीठे चावल

चावल का एक स्वादिष्ट मीठा व्यंजन, जिसे इलाइची और केसर की सहायता से राजशाही स्वाद प्रदान किया गया है!

मीठे चावल पकाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री

1 कप बासमती चावल या गोल्डन पुलाव राइस
2 कप पानी
2 चाय का चम्मच घी
1/4 छोटी चम्मच दालचीनी
1 बड़ी चम्मच शक्कर
1 साबुत इलायची इलाइची (पूरी फली)
1 छोटी चम्मच जाफरान (केसर) के धागे
अगर चाहें तो अपनी पसंद के अनुसार 15-20 किसमिस

मीठे चावल कैसे बनाएँ

जैसा कि चावल के किसी भी व्यंजन के साथ आवश्यक है, पकाने से पहले चावल अच्छी तरह धो लें। इसके अलावा सिर्फ इलाइची के साथ थोड़ी तैयारी की ज़रूरत पड़ती है-उसे छीलकर पीस लें, जिससे उसकी तेज़ महक हवा में फैल जाए। यही महक केसर के साथ मिलकर आपके मीठे चावल को खुशनुमा बना देगी।

इन सभी सामग्रियों को एक बर्तन में लेकर और अच्छी तरह चलाकर एकसार कर लें। इससे चावल सारी ख़ुशबुओं और जाफरान के सुंदर पीले रंग को अपने में जज़्ब कर लेगा। पंद्रह मिनट इस मिश्रण को पड़ा रहने दें और उसके बाद फिर एक बार चलाकर और बरतन को ढँककर उसे आग पर रख दें।

शुरू में पानी उबालने के उद्देश्य से आग को तेज़ रखें। दो मिनट मिश्रण को उबलने दें फिर आंच धीमी कर दें। इसके बाद अब आपको सिर्फ उसके पकने का इंतज़ार करना है। ढक्कन हटाएँ नहीं, न ही उसे बार-बार चलाएं, बस उसे धीरे-धीरे पकने दें। पंद्रह मिनट बाद आप इस बात की जांच कर सकते हैं कि चावल पक गए या नहीं। अगर पानी वाष्प बनकर उड़ गया हो तो आग बुझा दें। एक बार पुनः चावल को हल्के हाथ से चलाकर उसमें पड़े अवयवों (मसालों को) को अच्छी तरह मिला लें और बरतन नीचे उतार लें।

बस, आपका सुंदर पीला-मीठा चावल तैयार है! उसे गर्मागर्म परोसें और सजावट के लिए, चाहें तो, थोड़ा सा जाफरान चावल पर भुरका दें।

मैथी चावल – मैथी के साथ पकाए गए आयुर्वेदिक गुणों से युक्त चावल – 23 नवंबर 2013

आज मैं एक बहुत आसान डिश बनाने की विधि बताने जा रहा हूँ। इसे बनाने में आपको कोई दिक्कत पेश नहीं आएगी-लेकिन सबसे बड़ी बात यह कि इसे खाने के पश्चात आप उसके लाभ भी महसूस कर पाएंगे! यह हैं मैथी के साथ पकाए जाने वाले चावल! आयुर्वेद में मैथी का उपयोग वात कम करने वाली दवाई के रूप में किया जाता है इसलिए चावल को मैथी के साथ पकाने पर चावल का स्वाद तो बढ़ता ही है, साथ ही गैस की शिकायत में भी बहुत राहत मिलती है!

मैथी चावल-चावल और मैथी का आयुर्वेदिक व्यंजन

चावल पसंद करने वालों के लिए एक आसान और स्वास्थ्यकर व्यंजन! यह व्यंजन गैस की समस्या, जोड़ों के दर्द में राहत पहुंचाता है और साथ ही बहुत स्वादिष्ट भी होता है।

मैथी चावल पकाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


1 कप बासमती चावल
2 कप पानी
1 चाय का चम्मच खड़ी मैथी (मैथी के बीज)
स्वाद के अनुसार नमक

मैथी चावल कैसे बनाएँ?

इसे बनाने में बहुत ज्यादा तैयारी की आवश्यकता नहीं है। यह इस पर निर्भर है कि आप चावल कहाँ से खरीदते हैं और अगर वह साफ है तो ठीक, नहीं तो कोई खराब बीज या कंकर-पत्थर हों तो चुनकर फेंक दें। अगर आपका चावल साफ है तो आपको सिर्फ उसे धोना भर है।

एक बर्तन में चावल, मैथी और पानी लेकर उसमें थोड़ा सा नमक मिलाकर अच्छे से चलाएँ और फिर उस पर ढक्कन रखकर तेज़ आंच पर उबलने के लिए रख दें। जब पानी उबलने लगे तो फिर आंच धीमी कर दें और चावल को पकने दें। इस बीच भोजन के लिए आप दूसरे खाद्य पदार्थ तैयार कर सकते हैं। हाँ, उबलते चावल को दोबारा चलाने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है!

लगभग 10 या 15 मिनट के बाद जब बर्तन से भाप उठनी बंद हो जाए और चावल उबलने की खदबदाहट सुनाई न दे तब समझें कि चावल पक चुका है। इसके अलावा पकने पर चावल सतह पर खड़ा दिखाई देगा। बस, बर्तन आग पर से उतार लें और गरमागरम परोसें।

मैथी चावल बनाने के इस तरीके में मैथी पूरी तरह चावल में एकसार हो जाती है और आप चावल के साथ मैथी भी खाते हैं। अगर आप साबुत मैथी के बीज पसंद नहीं करते तो इसे बनाने का एक और तरीका यह है: मैथी को सीधे पानी में डालने की जगह उसे पतले कपड़े से कसकर बांधकर पानी में लटका दें। जब चावल पक जाएँ तो मैथी को अलग कर लें। मैथी के दाने नहीं होंगे मगर उसका स्वाद, खुशबू और उसके गुण चावल में उतर आएंगे!

बस, अब भोजन का आस्वाद लें।

आयुर्वेदिक लाभ

चावल को वात-कारक माना जाता है और इसलिए वह पेट में गैस को बढ़ाता है। लेकिन मैथी गैस की प्रतिकारक है और गैस बनने नहीं देती! आयुर्वेद हमें बताता है कि मैथी वात पर नियंत्रण रखती है और इस तरह वात को संतुलित करने में सक्षम है और वात से संबन्धित सभी बीमारियों, जैसे जोड़ों में दर्द में भी यह लाभकारी है!

खिलाड़ी, उम्रदराज व्यक्ति और वे जिन्हें जोड़ों में दर्द रहता है या फिर गैस की शिकायत है मगर चावल खाना चाहते हैं, इस डिश का आनंद बिना किसी नुकसान के ले सकते हैं। बल्कि इससे उन्हें लाभ ही होगा!