भारतीय क्यों सोचते हैं कि बच्चों को अपने अभिभावकों से डरना चाहिए? 8 दिसंबर 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे स्कूली किताबें डरा-धमकाकर बच्चों का लालन-पालन करने की भारतीय संस्कृति को प्रतिबिंबित करती हैं, विशेष रूप से पिता से डरकर रहने की संस्कृति को।

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स्कूलों को बच्चों के लिए रोचक बनाना – हमारे शिक्षकों के लिए कार्यशाला – 27 सितंबर 2015

स्वामी बालेंदु अपने स्कूल के शिक्षक और शिक्षिकाओं के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के बारे में बता रहे हैं। वहाँ उन्होंने सीखा कि कैसे कक्षा में पढ़ाए जाने वाले पाठों के साथ कहानियों को समेकित किया जा सकता है।

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कुछ बच्चे पढ़ने में कमज़ोर होते हैं लेकिन मार-पिटाई से उनमें कोई परिवर्तन नहीं होगा! 24 सितंबर 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि आपका कर्तव्य बच्चों को बेहतर इंसान बनाना है न कि उन्हें अधिक से अधिक जानकारियाँ कंठस्थ करवाना और इस मामले में भी हिंसा आपकी कोई मदद नहीं कर सकती!

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हर चाँटा आपके बच्चे को थोड़ा सा और तोड़ देता है! 23 सितंबर 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि भारतीय समाज में बच्चों के प्रति हिंसा किस तरह जड़ जमाए बैठी है और दुनिया भर के अभिभावकों और शिक्षकों से अनुरोध कर रहे हैं कि अपने बच्चों के साथ वे ज़रा सी भी हिंसा का इस्तेमाल न करें!

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एक अहिंसक स्कूल खोलने का अर्थ है पहले शिक्षकों को शिक्षित करना! 22 सितंबर 2015

स्वामी बालेंदु अपने चैरिटी स्कूल की शुरुआत के बारे में बता रहे हैं। शारीरिक प्रताड़ना की मनाही को लेकर वे पूरी तरह से स्पष्ट थे- लेकिन शुरू में शिक्षकों को यह समझाना बड़ा मुश्किल सिद्ध हुआ कि इसे कार्यरूप में परिणत कैसे किया जा सकता है!

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स्कूलों में शारीरिक प्रताड़ना: अपना खुद का स्कूल खोलने का सबसे मुख्य कारण – 21 सितंबर 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि अपना खुद का चैरिटी स्कूल खोलने के पीछे दूसरे स्कूलों में व्याप्त शारीरिक प्रताड़ना एक प्रमुख कारण था।

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एक स्कूल में शारीरिक दंड का पर्दाफाश करने के बाद टीवी परिचर्चाएँ, फोन इंटरव्यू तथा और भी बहुत कुछ – 20 सितंबर 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि शुक्रवार को अंततः पवन के स्कूल में जारी शारीरिक दंड का पर्दाफाश करने के बाद वे उससे संबंधित और भी कई गतिविधियों में व्यस्त रहे। उनके बारे में विस्तार से यहाँ पढ़िए।

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भारतीय स्कूलों में बच्चों के साथ होने वाली क्रूरतापूर्वक शारीरिक प्रताड़ना का वीडियो सहित पर्दाफाश – 18 सितंबर 2015

स्वामी बालेंदु इस ब्लॉग के ज़रिए पवन के स्कूल में दिए जा रहे शारीरिक दंड की सूचना पाठकों तक पहुँचा रहे हैं। नीचे दिए गए वीडियो को देखें, जिसमें क्रूरतापूर्वक बच्चों की पिटाई की जा रही है और जो भारतीय स्कूलों में रोज़मर्रा की बात है!

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स्कूलों में बच्चों को ईश्वर और धर्म से क्यों प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए – 25 अगस्त 2015

स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि कैसे उन्होंने अपने स्कूल की पाठ्य पुस्तकों में परिवर्तन करके उन्हें अधार्मिक बनाया और किन तरीकों से वे धार्मिक प्रभावों को अपने स्कूल से बाहर रखते हैं।

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हमारे स्कूल में व्यावहारिक उदाहरणों की सहायता से समानता का सिद्धान्त की शिक्षा – 24 अगस्त 2015

स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि उनके स्कूल में बराबरी का सिद्धांत किस तरह सिखाया जाता है- खुद उसे व्यवहार में लाकर व्यावहारिक तरीके से भी और बातचीत के द्वारा भी।

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