कद्दू की खीर – कद्दू और दूध की मिठाई बनाने की विधि – 19 दिसंबर 2015

आज मैं आपको एक अत्यंत स्वादिष्ट खीर बनाने की विधि बताने जा रहा हूँ, जिसे कद्दू और दूध से बनाया जाता है: कद्दू की खीर! अपने स्वाद के अनुसार निश्चित ही आप उसे थोड़ा-बहुत बदलकर भी बना सकते हैं-लेकिन जैसा भी बनाएँ, इसके शानदार स्वाद का आनंद लेने से वंचित न रहें और घर पर अवश्य तैयार करें!

कद्दू की खीर – कद्दू और दूध से तैयार मिठाई

भोजनोपरांत ग्रहण करने के लिए कद्दू और दूध के मिश्रण में काजू और शक्कर मिलाकर यह स्वादिष्ट व्यंजन तैयार करें! इसका स्वाद वाकई कुछ खास है!

कद्दू की खीर तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री

1 लीटर: दूध
500 ग्राम: कद्दू
50 ग्राम: काजू
50 ग्राम: बादाम
50 ग्राम: किशमिश
200 ग्राम: शक्कर
सजावट के लिए केसर

कद्दू की खीर कैसे तैयार करें?

सर्वप्रथम कद्दू के बड़े टुकड़े काट लें और उसके बाद उन्हें छील लें। टुकड़े बहुत छोटे न करें क्योंकि बाद में उन्हें पकड़कर किसना भी है! कद्दू को किसने के बाद आप मनपसंद आकार के काजू और बादाम के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें।

अब स्टोव जलाकर, उस पर एक बड़ी सी कड़ाही रखकर दूध उबालें। जब दूध काफी गरम होकर ऊपर आने लगे, उसमें किसा हुआ कद्दू मिला दें। लगातार मिश्रण को चलाते हुए मध्यम आँच में पकने दें। मिश्रण को चलाते रहना महत्वपूर्ण है: कद्दू पककर मुलायम हो जाए, इसके लिए आपको लगातार मिश्रण को चलाते रहना होगा। इस काम में लगभग 30 मिनट का समय लगता है।

जब कद्दू पककर मुलायम हो जाए और दूध भी अच्छा गाढ़ा हो जाए तब आप उसमें बादाम और काजू के टुकड़े और शक्कर भी मिला दें। अच्छी तरह मिश्रण को चलाएँ जिससे सारी सामग्रियाँ अच्छी तरह आपस में एकसार हो जाएँ और शक्कर भी पूरी तरह घुल जाए। जब इतना हो जाए, कड़ाही को स्टोव पर से नीचे उतार लें। आपकी डिश तैयार है!

अंत में केसर मिलाकर खीर की सजावट करें!

भोजन के बाद इस स्वादिष्ट खीर का आनंद लें!

सप्ताहांत में बनाने लायक केले और जई के झटपट तैयार होने वाले कुकीज़ – 5 सितंबर 2015

आज मैं आपको एक स्वादिष्ट कुकीज़ बनाने की विधि बताने जा रहा हूँ, जिन्हें आप अचानक आ जाने वाले मेहमानों को खिलाने के लिए झटपट तैयार कर सकते हैं- जैसा कि यहाँ हम अक्सर करते हैं! विभिन्न स्तरों पर आप उसमें थोड़ा-बहुत बदलाव भी कर सकते हैं और उन्हें दो मुख्य भोजनों के बीच, भोजन के बाद या चाय-कॉफी के साथ भी ले सकते हैं!

फटाफट तैयार होने वाले केले और जई के कुकीज़

तुरत-फुरत, आसान और अत्यंत स्वादिष्ट! सामग्रियों को आपस में मिलाइए, बेक कीजिए और परोस दीजिए-और ये स्वास्थ्य के लिए भी लाभप्रद हैं क्योंकि इन्हें विटामिन और फाइबर से भरपूर केले और जौ से तैयार किया जाता है!

केले और जई के कुकीज़ तैयार करने में कितना समय लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


2 कप: जई (ओट्स)
3 नग: पके केले
1/2 कप: खजूर
1/2 कप: किशमिश
1/3 कप: पिघला हुआ मख्खन

3 से 5 चम्मच: पिसी शक्कर

केले और जौ के कुकीज़ कैसे तैयार करें?

व्यंजन बनाने के आज तक दिए गए मेरे निर्देशों में शायद यह सबसे सरल है।

सबसे पहले खजूर के बीज निकालकर फेंक दें और गूदे को बारीक काट लें। फिर केले छील लें और उन्हें एक कटोरे में लेकर फॉर्क की सहायता से अच्छी तरह मैश कर लें। अब उसमें दूसरी सभी सामग्रियाँ डालकर अच्छी तरह मिलाकर एकसार कर लें।

जिन्हें अधिक मीठा पसंद है, वे कुछ ज़्यादा शक्कर मिलाएँ जबकि कम शक्कर खाने वाले कम मिलाएँ या न खाने वाले न भी मिलाएँ तो भी चलेगा-आप चाहें तो, उसमें शक्कर की जगह शहद का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। पंद्रह मिनट के लिए कटोरे को एक तरफ रख दें, जिससे मिश्रण स्थिर हो जाए।

इस बीच आप अपना ओवन गरम करके रख सकते हैं। उसे 200 डिग्री सेन्टीग्रेड तक गरम करके उसकी ट्रे पर बेकिंग पेपर रख दीजिए।

पंद्रह मिनट बाद दो चम्मच लेकर बेकिंग पेपर पर मिश्रण के छोटे-छोटे ढेर बनाकर रख दें। ट्रे को ओवन में रखें और बस, 20 मिनट बाद आपको सुंदर केले और जौ के कुकीज़ तैयार मिलेंगे!

दोस्तों को खिलाएँ, खुद खाएँ! आनंद लें!

अनारदानों के साथ केले का मूस – 8 अगस्त 2015

आज मेरे सबसे छोटे भाई, यशेंदु का जन्मदिन है और इस खुशी के मौके पर मैं आपको एक मीठी और स्वादिष्ट डिश बनाने की विधि बताना चाहता हूँ: बनाना मूस (केले का मूस)! ‘मूस’ शब्द हमें बाद में पता चला लेकिन यह डिश हम बहुत पहले से बनाया करते थे, क्योंकि इसे तैयार करना बहुत आसान है और इसमें समय भी बहुत कम लगता है! मैं जानता हूँ कि ज़्यादातर लोग समझते होंगे कि ‘मूस’ नामक व्यंजन को बिना अंडे के बनाया ही नहीं जा सकता लेकिन हमारा यह व्यंजन हमेशा की तरह अंडा रहित है!

अनारदानों के साथ केले का मूस

भोजन के बाद परोसने के लिए आदर्श और केले और रसभरे अनारदानों के स्वर्गिक स्वाद से सराबोर!

अनारदानों के साथ केले का मूस तैयार करने में कितना समय लगता है?

तैयारी करने में:
उसके बाद ठंडा होने के लिए चार घंटे फ्रिज में रखना पड़ता है।

सामग्री

500 ग्राम केले
1 छोटी चम्मच नींबू का रस
250 ग्राम ताज़ा क्रीम
3 बड़े चम्मच शहद
1 नग अनार

अनारदानों के साथ केले का मूस कैसे तैयार करें?

केलों को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। उन्हें सीधे एक ब्लेंडर में रख सकते हैं। नींबू निचोड़कर उसका एक चम्मच रस भी ब्लेंडर में डाल दें। इससे केले का मूल प्राकृतिक रंग देर तक बना रहेगा और वह बदलकर काला नहीं पड़ेगा और व्यंजन में हल्का खट्टा सा एहसास भी भर जाएगा। केलों को ब्लेन्ड कर लें, जिससे उनका महीन पेस्ट तैयार हो जाए। ध्यान रहे, केले के टुकड़े बिल्कुल न रहें।

अब इस पेस्ट में क्रीम और शहद भी मिला दें और एक बार फिर अच्छी तरह ब्लेन्ड कर लें, जिससे क्रीम और केले का पेस्ट एकसार हो जाए। इस मिश्रण को निकालकर एक अलग बरतन में रख लें।

इसी समय आप अनार छीलने का काम शुरू कर दें- अक्सर यह एक अप्रिय काम होता है, विशेष रूप से अगर आप पहली बार अनार छील रहे हों! पहले भी मैं अनार छीलने का आसान तरीका बता चुका हूँ, आज फिर देख लीजिए! सबसे पहले अनार के सिरों को काटकर अलग कर दीजिए और अनार के छिलके के ऊपरी हिस्से पर चाकू से लगभग 2-3 मिलीमीटर भीतर तक चार खड़े चीरे लगा दीजिए, जैसे आप उसके चार खड़े टुकड़े करना चाहते हों। अभी सिर्फ उसके ऊपरी हिस्से को काटना है-अगर आप भीतर तक काट देंगे तो उसके दानों का स्वादिष्ट रस बाहर निकल आएगा! चीरे लगाने के बाद हथेलियों के बीच रखकर अनार को हल्का दबाते हुए घुमाएँ, जिससे चीरों के स्थान पर वह थोड़ा खुल जाएगा। उसके बाद हल्के हाथों से उसके चार टुकड़े अलग किए जा सकते हैं। अब हर टुकड़े को छिलके वाले भाग पर चम्मच से ठोंकेंगे तो अनार के सारे दाने साबुत बाहर निकल आएँगे। दानों के गुच्छों की बाहरी पतली परत अलग करके लगभग सारे दाने केले के मूस के साथ मिला दें और थोड़े से दाने सजावट के लिए रख लें।

अब इस मिश्रण को छोटी-छोटी कटोरियों में परोसने के लिए निकाल लें या फिर उसे एक बड़े बरतन में रख लें और बाद में छोटी कटोरियों में परोसें। लेकिन परोसने से पहले इन कटोरियों को या मूस से भरे बरतन को तीन से चार घंटे या रात भर फ्रिज में रखना होगा। इतनी देर में वह पर्याप्त ठोस हो जाएगा।

परोसने से पहले बचे हुए अनार के दाने भुरकाकर मूस की सजावट करना न भूलें-और फिर मित्रों के साथ इस स्वादिष्ट डिश का आनंद लें!

आम का श्रीखंड – आम का फ्रूटक्रीम बनाने की विधि – 25 अप्रैल 2015

आज मैं आपको एक मौसमी व्यंजन तैयार करने की विधि बताने जा रहा हूँ, जो गर्मियों में खाने में अत्यंत स्वादिष्ट लगता है: आम का श्रीखंड। इसे आम का फ्रूट क्रीम कहा जा सकता है और जब कि आम तौर पर इसे पके आमों को पूरी तरह मैश करके यानी उसका पेस्ट बनाकर तैयार किया जाता है, हम इसे आम के छोटे-छोटे टुकड़े करके बनाना पसंद करते हैं। यह बनाने में बहुत आसान है मगर खाने में उतना ही मज़ेदार!

आम का श्रीखंड – आम का फ्रूट क्रीम

गर्मियाँ शुरू हो गई हैं-और यह फलाहार का मौसम है! आम के स्वर्गिक स्वाद का क्रीमी दही के साथ दुगना आनंद लें!

आम का श्रीखंड तैयार करने में कितना समय लगता है?

तैयारी करने में:

इसके अलावा दही का पूरा पानी निकालने में कुछ घंटे अतिरिक्त लगते हैं।

सामग्री


500 ग्राम पके आम
1 किलोग्राम दही
200 ग्राम शक्कर का चूरा
चुटकी भर नमक

आम का श्रीखंड कैसे तैयार करें?

आपको जब भी आम का श्रीखंड तैयार करना हो, इसकी तैयारी कुछ घंटे पहले ही शुरू करनी पड़ती है। सबसे पहला काम होता है, दही के पानी को बाहर निकालना। दही को एक साफ, पतले कपड़े में लपेट दें और उसे सिंक या किसी बड़े बरतन के ऊपर लटका दें। पानी बूंद-बूंद करके बहुत धीरे-धीरे निकलता रहेगा और दही ठोस किन्तु मुलायम होता जाएगा। इसमें तीन से पाँच घंटे लग सकते हैं और यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपके दही में पानी कितना है। इतना ध्यान रखें कि आगे इस्तेमाल करने से पहले दही काफी ठोस हो जाना चाहिए।

जब यह काम हो जाए, दही को कपड़े से बाहर निकालें और एक बड़ी तश्तरी में या किसी साफ सतह पर रख लें। अब इसे मैश करना है। हथेली की सहायता से ठोस दही को तश्तरी पर रगड़ें और मैश करते हुए उसका पेस्ट तैयार कर लें। शुरू में वह तश्तरी में चिपकेगा लेकिन जिस तरह आटा माड़ते समय होता है, जब आप उसे ताकत के साथ काफी देर तक रगड़ते रहेंगे तो वह तश्तरी से छूटकर चिकना, मुलायम और एकसार होता जाएगा। यह काम आपको लगभग 15 मिनट तक करते रहना है, जिससे दही बिलकुल महीन, मुलायम पेस्ट में तब्दील न हो जाए और उसमें दही या मलाई के कतरे न रह जाएँ।

अब इस महीन, मुलायम दही में शक्कर और चुटकी भर नमक मिलाकर पुनः मसलें, जिससे शक्कर और नमक दही में अच्छी तरह घुल-मिल जाए। इस मिश्रण को फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें।

अब आमों को धोकर छील लें और एक बड़े बरतन के ऊपर रखकर बारीक काट लें। आम काटते हुए बहुत सा रस गिरता है और इस तरह काटने से आम के टुकड़ों के साथ मीठा रस भी बरतन में इकट्ठा होता रहेगा! गुठली निकालकर फेंक दें।

अब ठंडे दही को फ्रिज से बाहर निकालें और उसमें आम के टुकड़े मिला दें। अच्छी तरह चलाकर एकसार कर लें। बस हो गया, आपका स्वादिष्ट आम का श्रीखंड तैयार है। चाहें तो उसे फ्रिज में रखकर ठंडा कर लें, और मज़ा आएगा!

तिल के लड्डू – तिल की मिठाई बनाने की विधि – 31 जनवरी 2015

आज मैं आपके लिए एक और मिठाई बनाने की विधि लिखना चाहता हूँ-इस बार बहुत आम भारतीय मिठाई: लड्डू! मगर सामान्य चने के आटे यानी बेसन के नहीं बल्कि तिल और मेवों को मिलाकर तैयार किए जाने वाले लड्डू! ठंड में खास तौर पर बनाए जाने वाले अत्यंत स्वादिष्ट लड्डू!

तिल के लड्डू

एक आम भारतीय मिठाई बनाकर देखें। उत्सवों के लिए उपयुक्त, समारोहों के लिए और भी बढ़िया-या फिर सिर्फ घर में खाने के लिए!

तिल के लड्डू बनाने में कितना वक़्त लगता है?

कुल समय:
इसके अलावा अगर खोआ स्वयं तैयार कर रहे हों तो तीन घंटे अतिरिक्त।

सामग्री


500 ग्राम खोआ
या
2.5 लीटर दूध
350 ग्राम तिल
150 ग्राम काजू
100 ग्राम छिले हुए बादाम
100 ग्राम किशमिश
1 छोटी चम्मच घी
500 ग्राम पिसी शक्कर

तिल के लड्डू कैसे बनाएँ?

अगर आपने पतले, भूरे छिलके वाले बादाम खरीदे हैं तो उन्हें पानी में भिगोने से काम की शुरुआत करें। इससे बादाम के छिलके नरम पड़ जाएँगे और उन्हें छीलना आसान हो जाएगा।

भारत में बहुत सी मिठाइयाँ दूध से तैयार की जाती हैं। लेकिन उनमें से कई सीधे दूध से तैयार नहीं की जातीं बल्कि खोए से बनाई जाती हैं, जिसे दूध को औटाकर तैयार किया जाता है। भारत में यह बाज़ार से खरीदा जा सकता है या फिर आप घर पर भी उसे तैयार कर सकते हैं। हालांकि इसमें समय और प्रयास दोनों लगते हैं मगर उसे बनाना ज़्यादा कठिन काम नहीं है:

एक गहरे बरतन या कड़ाही में दूध उबालने के लिए रख दें। उसे लगातार उबालते हुए चलाते रहें। चलाते रहना वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण और आवश्यक है, जिससे दूध जलकर बरतन के तले में चिपकने न लगे। इसीलिए इस काम के लिए अगर कोई सहयोगी हो तो बेहतर-किसी भी स्थिति में दूध को चलाना बंद न करें! दूध धीरे-धीरे औटकर कम होना शुरू हो जाएगा और आखिर में गाढ़ा होते हुए ठोस होकर कुल दूध का पंचमांश रह जाएगा।

जब ठोस खोआ तैयार हो जाए तो उसे कुछ देर और भूनना होगा, जिससे उसका रंग हल्का सुनहरा हो जाए। खोआ बनाने की यह पूरी प्रक्रिया लगभग तीन घंटे का समय लेती है और पूरी तरह तैयार हो जाने पर खोए की भीनी खुशबू से सारी रसोई महक उठती है! जब यह काम पूरा हो जाए तो खोए को नीचे उतारकर ठंडा होने के लिए अलग रख दीजिए।

अब एक गहरी कड़ाही में तिल लेकर हलकी आँच पर भूनना शुरू कीजिए। बिना रुके उसे चलाते रहें क्योंकि तिल बहुत संवेदनशील होते हैं और ज़रा ध्यान हटते ही आसानी से जलने लगते हैं। जब वे भी हल्के सुनहरे हो जाएँ, उन्हें भी कड़ाही से निकालकर ठंडा होने के लिए अलग रख दीजिए।

अगर आपने पहले बादाम भिगोकर रखे थे तो अब आप उसके छिलके निकाल लें। बादाम और काजुओं के चार-चार टुकड़े कर लें। एक कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें काजू और बादाम लेकर हल्का भून लें। जब बादाम और काजू हल्के सुनहरे हो जाएँ, उनमें किशमिश भी मिला दें और उन्हें भी लगभग आधे मिनट तक गर्म होने दें। अब स्टोव बंद कर दें और काजू, बादाम और किशमिश निकालकर उन्हें ठंडा होने के लिए अलग रख दें।

जब सब कुछ, यानी खोआ, तिल के बीज और बादाम, काजू तथा किशमिश का मिश्रण ठंडे हो जाएँ तो इन सभी सामग्रियों को और पिसी शक्कर को एक बड़े बरतन में लेकर अच्छी तरह मिलाएँ। हाथों से सारे मिश्रण को अच्छी तरह मैश करें, जिससे खोए के साथ दूसरी सारी वस्तुएँ अच्छी तरह एकसार हो जाएँ।

अब आपको इस मिश्रण के गोल-गोल लड्डू तैयार करने हैं। अगर उसी दिन न खाना हो तो उन्हें आप फ्रिज में रख दें।

जब मर्ज़ी हो, उनका मज़ा ले सकते हैं!

शर्करा-रहित, पनीर से तैयार केक (चीज़केक) जिसे बेक भी नहीं करना पड़ता – 24 जनवरी 2015

अगर आप बिना अंडे, बिना लासे का और यहाँ तक कि बिना शक्कर का केक बनाना चाहते हैं तो आप इस विधि का प्रयोग कर सकते हैं: पनीर से तैयार हमारा केक। इस बनाने में आपको ओवन की भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी! घर में बनाकर देखें-यह स्वादिष्ट भी बहुत है!

अंडा, शक्कर रहित और बिना सेंके भारतीय केक

अंडा रहित, शक्कर रहित केक बिना ओवन के तैयार कीजिए।

भारतीय केक (चीज़केक) तैयार करने में कितना समय लगता है?

कुल समय:
इसके अलावा पनीर को दबाकर उसका सारा पानी अलग करने में रात भर का समय और लगता है।

सामग्री

4 लीटर दूध
4 नग नींबू
5 बड़े चम्मच शहद
1 छोटी चम्मच ज़ीरा
1/2 छोटी चम्मच गरम मसाला
1/2 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
1 चुटकी जावित्री
1 चुटकी जायफल
सजावट के लिए थोड़ा सा केसर

भारतीय केक (चीज़केक) कैसे तैयार करें?

सबसे पहले पनीर तैयार करना होगा, जिसे आप पहले बताई जा चुकी विधि से तैयार कर लें। अच्छा होगा अगर आप केक बनाने से एक दिन पहले, शाम को ही पनीर तैयार कर लें क्योंकि उसे रात भर सूती टॉवेल में लपेटकर किसी भारी वज़न के नीचे दबाकर रखना होता है। यह वज़न कोई बड़ा सा चपटे तले वाला पानी से भरा हुआ बरतन हो सकता है। रात भर में यह वज़न पनीर को अच्छी तरह दबाकर उसमें मौजूद पानी को पूरी तरह निकाल देगा।

सबेरे आप टॉवल से पनीर अलग कर लें और उसे एक बड़ी तश्तरी में रखकर हाथों से अच्छी तरह मैश करें। यह प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण है और इसमें निपुणता और काफी प्रयास की ज़रूरत होगी। अगर आप यह काम अच्छी तरह कर पाए तो आपको बिना गुठलियों वाला बढ़िया एकसार पनीर का पेस्ट प्राप्त होगा।

जब पनीर का अच्छा एकसार पेस्ट तैयार कर हो जाए तो उसमें शहद मिलाकर एक बार फिर तश्तरी पर ही मसलकर एकसार कर लें। ध्यान रहे कि पेस्ट में गुठलियाँ न रहें और शहद भी अच्छी तरह एकसार हो जाए। अगर चाहें तो इसी समय इसमें पिस्ते या किशमिश जैसे सूखे मेवे मिला सकते हैं और मिलाने पर फिर से अच्छी तरह मसलकर उन्हें एकसार कर लें।

अब आपको केक को आकार देना है-और यह सिर्फ आप पर निर्भर है कि आप कैसा आकार देना चाहते हैं: दिल का, चौकोर, गोलाकार या और कुछ! गोल आकार के लिए आप एक बड़ी सी गोलाकार चूड़ी का उपयोग कर सकते हैं।

अंत में केक को सजाना भर है। हम इसके लिए जाफरान या केसर का उपयोग करते हैं लेकिन आप किसी और वस्तु का उपयोग भी कर सकते हैं: पिस्तों का, केसर पाउडर का या किशमिश या दूसरे सूखे मेवों का।

अब इसके बाद आपके पास इस शानदार केक का मज़ा लेने का काम ही बचता है। तो, शुरू हो जाइए!

तिल की गजक – तिल से तुरत-फुरत तैयार स्वादिष्ट और कुरकुरी मिठाई – 3 जनवरी 2015

जैसा कि मैं आपको पहले ही बता चुका हूँ, हम बिना किसी पूर्वयोजना के इस समय एक रात के लिए गुड़गाँव में हैं। मैंने इस बीच कोई ऐसी डिश तैयार नहीं की है कि जिसके बारे में आपको बता सकूँ। अलबत्ता इस दौरे में रमोना ने अवश्य ही हमारे कुछ मित्रों से एक व्यंजन बनाना सीखा है: तिल की गजक, जोकि तिल से तैयार एक कुरकुरी स्वादिष्ट मिठाई है। इसे घर में तैयार करके आज़माएँ, यह मीठी मगर बहुत ही स्वादिष्ट मिठाई है!

तिल की गज़क

इस स्वादिष्ट मिठाई को घर में स्वयं तैयार करें-आसान और तुरत-फुरत!

तिल की गज़क बनाने में कितना समय लगता है?

कुल समय:

सामग्री


20 बड़े चम्मच तिल के बीज
10 बड़े चम्मच शक्कर
1 गोल्फ बाल के बराबर गुड़
15 गुलाब की पंखुड़ियाँ

तिल की गज़क कैसे तैयार करें?

स्टोव पर एक कड़ाही गरम करें और उसमें तिल के बीज लेकर इतना चलाएँ कि तिल अच्छी तरह भुन जाएँ। जब उनका रंग कुछ गहरा हो जाए, कड़ाही नीचे उतारकर तिल के बीजों को एक बरतन में अलग रख दें।

गुड़ को बारीक तोड़ लें। यह आवश्यक है, जिससे बाद में वह आसानी के साथ एक सा पिघल जाए। काम करने की जगह को साफ कर लें और फिर वहाँ थोड़ा सा तेल चुपड़ दें-बाद में वहीं आपको अपनी मिठाई बेलना है।

अब आप कड़ाही में शक्कर लेकर उससे बूरा शक्कर (भुनी शक्कर) बनाने की प्रक्रिया शुरू करें। इसके लिए कड़ाही को पुनः आग पर रखना होगा। शक्कर को चलाते रहें जिससे वह जले नहीं। कुछ देर बाद वह पिघलकर द्रव में तब्दील हो जाएगी।

जब पूरी शक्कर पिघलकर द्रव बन जाए, उसमें गुड़ के टुकड़े भी मिला दें और अच्छी तरह चलाते रहें, जिससे गुड़ और शक्कर एकसार हो जाएँ। जब दोनों आपस में अच्छी तरह घुल-मिल जाएँ, आँच धीमी कर दें और लगातार मिश्रण को चलाते हुए उसमें तिल के बीज मिलाते जाएँ।

अब आप इस मिश्रण में गुलाब की पंखुड़ियाँ भी मिला सकते हैं। जब सारी सामग्रियाँ अच्छी तरह आपस में घुल-मिल जाएँ, स्टोव बंद कर दें और कड़ाही का सारा मिश्रण पहले से तेल चुपड़कर तैयार जगह पर फैला दें।

एक चम्मच की सहायता से इस मिश्रण को समान मोटाई के साथ फैला दें। यह थोड़ा चिपचिपा होता है मगर मिश्रण को ज़्यादा से ज़्यादा पतला फैलाने का प्रयास करें। इस पेस्ट की ऊपरी सतह के ठंडे होने का कुछ इंतज़ार करें, जिससे बेलते वक़्त वह बेलन पर चिपके नहीं। और फिर मिश्रण को बीचोंबीच से बेलते हुए किनारों की तरफ अधिक दबाव के साथ बेलें। दबा-दबाकर मिश्रण को अधिक से अधिक पतला (लगभग 5 मिलीमीटर) बनाने की कोशिश करें! इसमें थोड़ी शक्ति और कुछ निपुणता की ज़रूरत होती है मगर गज़क जितनी पतली होगी उतनी ही स्वादिष्ट और कुरकुरी होगी!

अंत में एक पिज्जा-रोलर-नाइफ लेकर (पिज्जा काटने का चाकू लेकर) गज़क को चौकोर टुकड़ों में काट लें या अपना मनपसंद आकार दें। अगर आप उसे इसी समय काट लें तो यह आसानी के साथ हो जाएगा जबकि अधिक देर हो जाने पर उसे काटने का एकमात्र उपाय होगा, उसे तोड़कर अलग करना!

आप इस मिठाई को गरम या ठंडा किसी भी तरह से खा सकते हैं और यह काफी समय तक खराब नहीं होती। यह बहुत स्वादिष्ट है और हमें भी, विशेषकर ठंड के मौसम में, यह अत्यंत पसंद है।

ताज़ा पनीर भरकर तैयार की गई मिठाई – 6 दिसंबर 2014

पिछले सप्ताह मैंने आपको संदेश बनाने की विधि बताई थी। जब हम संदेश बना रहे थे तभी हमारे मन में एक और प्रयोग करने का विचार आया था और उसी प्रयोग के नतीजे में हमें यह शानदार मिठाई प्राप्त हुई है, जिसे बनाने की विधि हम आज आपके सामने रख रहे हैं।

ताज़ा पनीर भरकर तैयार मिठाई

थोड़े से प्रयत्न से आप इस अतुलनीय मिठाई को बनाने का और उसे चखने का आनंद प्राप्त कर सकते हैं! यह मिठाई सभी पसंद करेंगे!

ताज़ा पनीर भरकर मिठाई बनाने में कितना समय लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री

भरने का मसाला तैयार करने हेतु:
5 लीटर दूध
3 नग नींबू
250 ग्राम शक्कर का पाउडर
आटे के लिए
1 किलो गेहूँ का आटा
300 ग्राम शक्कर का पाउडर
200 ग्राम वनस्पति तेल
150 मिलीलीटर दूध
तलने के लिए तेल

ताज़ा पनीर भरकर मिठाई कैसे तैयार करें?

सबसे पहले आपको पिछले सप्ताह बताई गई विधि की सहायता से संदेश बनाना पड़ेगा। आवश्यक नहीं कि संदेश के गोले पूरी तरह गोल हों ही और उन्हें सजावट की भी आवश्यकता नहीं है। उन्हें तैयार करके एक तरफ रख दें।

दूध को गुनगुना होने तक गरम करके अलग रख लें। शक्कर और गेहूँ के आटे को मिला लें। इस मिश्रण में आहिस्ता-आहिस्ता तेल मिलाएँ और मसलकर एकसार कर लें। तेल के पश्चात थोड़ा-थोड़ा दूध मिलाएँ और अच्छी तरह मसलें, जिससे वह हाथों में चिपके नहीं और इतना मुलायम आटा तैयार हो जाए कि उसे मनचाहा आकार दिया जा सके।

अब इस आटे की समान आकार की लोइयाँ बना लें। एक लोई लेकर और उसे हथेली पर रखकर लगभग पूड़ी के आकार की रोटी बना लें। इसके बीचोंबीच संदेश के लड्डू रखकर रोटी को मोड़ते जाएँ, जिससे लड्डू ढँकता जाए। उसके अंतिम सिरे पर थोड़ा पानी लगा लें और सिरों को दबाकर अच्छी तरह आटे को आपस में चिपका दें, जिससे ढँकने के पश्चात संदेश के बाहर निकलने की संभावना न रहे।

अब एक कड़ाही में तेल गरम करें। जब तेल काफी गरम हो जाए तो आँच धीमी कर दें, जिससे जब आप गोलों को तलें तो वे मध्यम आँच में धीरे-धीरे, हर तरफ से और बीचोंबीच भी तल जाएँ।

जब गोलों का रंग हल्का सुनहरा हो जाए और वे बाहर से कुरकुरे हो जाएँ, उन्हें बाहर निकालकर ठंडा होने दें। गरम खाएँ या ठंडा, स्वाद उनका हमेशा लाजवाब होगा! बस, ठंडा होने पर वे ज़्यादा कुरकुरे हो जाते हैं!

संदेश – पनीर से तैयार मीठा व्यंजन – 29 नवम्बर 2014

आज मैं एक ऐसी मिठाई तैयार करने की विधि बताना चाहता हूँ जिसे बाज़ार से खरीदकर खाना मुझे पसंद नहीं है लेकिन जब मैं खुद उसे अपने हाथों से बनाता हूँ-या मेरी माँ हमें बनाकर खिलाती थी-तब वह मुझे हमेशा पसंद आती रही है: सन्देश! इस मिठाई का जन्मस्थान बंगाल है और इसे तैयार करने में पनीर का उपयोग किया जाता है। यह इसे एक ख़ास स्वाद प्रदान करता है- आइए, इसे घर में तैयार करें!

संदेश-पनीर से तैयार मिठाई

क्या चॉकलेट और केक खा-खाकर ऊब गए हैं? यह नया व्यंजन आजमाएँ: बनाने में आसान, स्वादिष्ट और एक नए स्वाद का एहसास!

संदेश तैयार करने में कितना समय लगता है?

कुल समय:

सामग्री


5 लीटर दूध
3 नग नींबू
250 ग्राम पिसी शक्कर
इसके अलावा सजावट और स्वाद के अनुसार पिस्ते, इलाइची और केसर।

संदेश कैसे तैयार करें?

यह एक ऐसा व्यंजन है जिसमें बाज़ार से खरीदा गया पनीर नहीं चलेगा। उसे घर पर ही खुद बनाना होगा- अन्यथा उसे मैश करना बहुत मुश्किल होगा! तो, दूध लीजिए, उसमें नींबू निचोरिए और इस (पहले बताई गई) विधि से घर पर पनीर तैयार कर लीजिए।

जब पनीर तैयार हो जाए तो उसे एक टॉवेल में लपेटकर उस पर पानी से भरा कोई (चपटा) बरतन या कोई पत्थर रख दीजिए, जिससे पनीर में मौजूद सारा पानी निकल जाए।

इसमें लगभग एक घंटे का समय लगेगा। पनीर ख़ासा सूख जाना चाहिए मगर उसे बहुत सख्त नहीं होना चाहिए।

इतना हो जाने के पश्चात पनीर को एक बड़ी तश्तरी में लेकर उसी तश्तरी में रगड़-रगड़कर उसे मैश कर लें। इस तरह अपनी हथेली से मैश करने की प्रक्रिया में पनीर, जो पहले काफी ठोस था, अब बहुत बारीक पेस्ट में तब्दील हो जाएगा।

अब शक्कर के बारीक चूरे को पनीर के इस पेस्ट में मिला दीजिए। स्वाभाविक ही, यदि आप कुछ मीठा (संदेश) पसंद करते हैं तो कुछ अधिक शक्कर का चूरा मिलाएँ-या अगर कम मीठा पसंद करते हैं तो शक्कर कम मिलाएँ।

इसी समय खुशबू और स्वाद के लिए इलाइची का बारीक चूरा भी मिला दें या फिर केसर का रंग और खुशबू पसंद करते हैं तो केसर के कुछ धागों को पानी में डुबाकर उसे भी पेस्ट में अच्छी तरह मिला दें।

अब इस मिश्रण के छोटे-छोटे गोले बनाकर उन्हें पिस्तों या पानी में भीगे हुए केसर के बारीक टुकड़ों से सज़ा दें। सारे संदेश के गोलों को परोसने से पहले फ्रिज में रखें, जिससे उनमें ठन्डे स्वाद का एहसास पैदा हो जाए!

ध्यान रखें कि इस मिठाई को जादा समय तक रखा नहीं जा सकता क्योंकि उन्हें ताज़े दूध से तैयार किया गया है। ज़्यादा से ज़्यादा 24 घंटे फ्रिज में रख सकते हैं!

अब इस स्वादिष्ट संदेश का आनंद लें!

ब्रेड का हलुआ – ब्रेड का हलुआ बनाने की भारतीय विधि – 31 मई 2014

हम इस वक़्त दक्षिणी जर्मनी में रमोना के परिवार के साथ बहुत सुखद समय गुज़ार रहे हैं। स्वाभाविक ही हम लोग जब भी मिलते हैं तो एक से एक बढ़िया खानों का मज़ा लेते हैं और खाने के बाद अक्सर आइसक्रीम का आनंद भी उठाते हैं। जबकि हम यहाँ के भोजन का मज़ा ले रहे हैं मैंने सोचा आप एक दूसरे, ज़्यादा भारतीय नाश्ते का अधिक मज़ा ले सकेंगे, जिसे ब्रेड का हलुआ कहा जाता है।

ब्रेड का हलुआ – ब्रेड का हलुआ बनाने की भारतीय विधि

सूझ नहीं रहा है कि नाश्ते में क्या बनाया जाए? इसे बनाकर देखें-खाने में मज़ेदार, बनाने में आसन और सबसे बड़ी बात: बाज़ार से तुरंत कुछ लाने की ज़रुरत नहीं, सब कुछ घर में हमेशा उपलब्ध!

ब्रेड का हलुआ बनाने में कितना वक़्त लगता है?

कुल समय:

सामग्री


6 टोस्ट (ब्रेड)
400 मिलीलीटर दूध
2 बड़े चम्मच घी
50 ग्राम किशमिश
50 ग्राम काजू
200 ग्राम शक्कर

ब्रेड का हलुआ कैसे तैयार करें?

एक बरतन में दूध गर्म करें। जब तक दूध गर्म हो रहा है, आप टोस्ट (सूखी ब्रेड) के टुकड़े कर सकते हैं। एक स्लाइस के लगभग छह टुकड़े करें। इसी समय आप काजू के भी छोटे-छोटे टुकड़े कर लें। दूध गर्म तो हो मगर उबलता न हो। जब दूध गर्म हो जाए तो स्टोव की आँच धीमी कर दें, जिससे दूध गर्म होता रहे।

एक नॉन स्टिक कड़ाही में घी गर्म करें और जब वह पर्याप्त गर्म हो जाए तो उसमें ब्रेड के टुकड़े डालकर चलाएँ। घी में इन टुकड़ों को कुछ देर चलाते रहें और जब वे हलके भूरे और खस्ता हो जाएँ तो उसमें किशमिश और काजू के टुकड़े मिला दें। एक बार पुनः इस मिश्रण को चलाएँ और फिर शक्कर भी मिला दें। शक्कर गर्म होकर पिघल जाएगी।

जैसे ही शक्कर पिघलने लगे कड़ाही में दूध डालकर सारे मिश्रण को चलाएँ और लगातार चलाते हुए दूध को पाँच मिनट तक पकाएँ, जिससे दूध गाढ़ा हो जाए।

जब दूध आपकी पसंद के मुताबिक पर्याप्त गाढ़ा हो जाए, स्टोव बंद कर दें और अपने ब्रेड के हलुए को एक दूसरे बरतन में निकालकर ठंडा होने दें। सजावट के लिए हलुए के ऊपर कुछ और काजू या बादाम के टुकड़े रख सकते हैं।