भारत में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते हम अपने स्कूल को विकसित नहीं कर पा रहे हैं – 11 मई 2015

स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि क्यों वे अपने स्कूल में 8वीं कक्षा शुरू नहीं कर पाएँगे और क्यों उन्हें वर्तमान में चल रही 6ठी और 7वीं की कक्षाएँ भी बंद करनी पड़ रही हैं।

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स्वतंत्र और भ्रष्टाचार-मुक्त मीडिया का स्वप्न – ‘इंडिया संवाद’ – 23 मार्च 2015

स्वामी बालेन्दु एक समूह में शामिल हुए हैं, जिसका नाम 'इंडिया संवाद' है और जिसका ध्येय भ्रष्टाचार-मुक्त मीडिया के लिए काम करना है। यहाँ वे समूह के बारे में विस्तार से बता रहे हैं!

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भारत के निजी स्कूल किस तरह शिक्षा को भ्रष्ट व्यापार में तब्दील किए दे रहे हैं! – 26 मार्च 2014

स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि कैसे भारत के निजी स्कूल अनाप-शनाप फीस और चंदे के रूप में वसूले जा रहे बेनामी रुपयों से अपनी झोली भरते चले जा रहे हैं.

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मंदिरों का धंधा – जितना ज़्यादा धन दो उतना ज़्यादा ईश्वर लो! 28 मार्च 2012

स्वामी बालेंदु दक्षिण भारत में स्थित तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर के बारे में लिख रहे हैं और बता रहे हैं कि कैसे वह मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं के कारण ईश्वर के व्यापार में लिप्त है।

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गांधी को भूले अन्ना – अन्ना हजारे ने किया शराबियों को पीटने का समर्थन – 28 नवम्बर 11

स्वामी बालेंदु ने अन्ना हजारे के उस बयान के बारे में लिखा है, जिसमें उन्होंने शराबियों से शराब छुड़ाने के लिए पिटाई करने की बात कही है।

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भारत में धर्म एक व्यापार है: यहाँ लाभ के लिए भगवान बना दिए जाते हैं! 5 सितंबर 2011

स्वामी बालेंदु अन्ना हज़ारे के साथ हुए तमाशे के बारे में, जिसमें लोगों ने ईश्वर की तरह उनकी पूजा करनी शुरू कर दी थी, लिखते हुए स्पष्ट कर रहे हैं कि कैसे भारत में धर्म एक व्यापार है!

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