आध्यात्मिक जिज्ञासुओं के लिए फंदा: अस्तित्वहीन की खोज का अंतहीन सिलसिला – 30 जुलाई 2014

स्वामी बालेन्दु उन लोगों के बारे में लिख रहे हैं जो गुरुओं, धर्मों और स्वामियों के चंगुल में फँस गए हैं: इन लोगों को उस वस्तु की खोज करने के लिए उद्यत किया जाता है जिसे वे कभी पा नहीं सकेंगे।

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अगर पाना चाहते हैं तो खोजना बंद करें! 29 जुलाई 2014

स्वामी बालेंदु उन लोगों के बारे में लिख रहे हैं, जो अपने आपको ‘साधक’ कहते हैं और उन्हें सलाह दे रहे हैं कि खुश रहने के लिए उन्हें चाहिए कि उसे खोजना बंद कर दें।

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सिर्फ असंतुष्ट लोग ही जीवन के मकसद के बारे में पूछते हैं – 28 जुलाई 2014

स्वामी बालेंदु के व्यक्तिगत सत्र में एक व्यक्ति शामिल हुआ और कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि उसे जीवन के महत्वपूर्ण प्रश्नों पर विचार करना चाहिए। जीवन में हर तरह से प्रसन्न और संतुष्ट इस व्यक्ति से बालेंदु जी के वार्तालाप के बारे में पढिए।

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