Tag: दुख

यूरोप में शरणार्थियों की दुखद परिस्थिति - 31 अगस्त 2015
यूरोप में शरणार्थियों की दुखद परिस्थिति – 31 अगस्त 2015
बालेंदु स्वामी यूरोप के शरणार्थियों के विषय में बता रहे हैं जो तकलीफदेह यात्राएँ करके ... Read More
दुखद हादसों के बाद भी कैसे जीवन अपनी गति से चलता रहता है - 26 अक्टूबर 2014
दुखद हादसों के बाद भी कैसे जीवन अपनी गति से चलता रहता है – 26 अक्टूबर 2014
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि बहन को खोने के बाद किस तरह उनका दैनिक ... Read More
प्रियजन के विछोह को शब्दों में वर्णन करना संभव नहीं! 5 अक्टूबर 2014
प्रियजन के विछोह को शब्दों में वर्णन करना संभव नहीं! 5 अक्टूबर 2014
स्वामी बालेंदु उनकी बहन की मृत्यु के बाद उनके परिवार में छाए गहरे शोक का ... Read More
मेरे जीवन का सबसे बुरा वक़्त: जब मैंने अपनी बहन को खो दिया - 28 सितम्बर 2014
मेरे जीवन का सबसे बुरा वक़्त: जब मैंने अपनी बहन को खो दिया – 28 सितम्बर 2014
स्वामी बालेन्दु अपनी आत्मकथा में अपनी बहन के दुखद निधन के प्रकरण की चर्चा कर ... Read More
अपने दुख का मुकाबला कैसे करें? क्या उसे दबाकर? क्या उसका दमन करके? 12 दिसंबर 2013
अपने दुख का मुकाबला कैसे करें? क्या उसे दबाकर? क्या उसका दमन करके? 12 दिसंबर 2013
स्वामी बालेंदु दुखी होने और उसका मुक़ाबला करने की क्रमबद्ध कार्यप्रणाली का विवेचन कर रहे ... Read More
अपने प्रिय से हमेशा के लिए बिछुड़ने के गम में धार्मिक दर्शन किसी काम नहीं आते- 11 दिसंबर 2013
अपने प्रिय से हमेशा के लिए बिछुड़ने के गम में धार्मिक दर्शन किसी काम नहीं आते- 11 दिसंबर 2013
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि क्यों स्वर्ग, पुनर्जन्म और आत्मा की अमरता के धार्मिक ... Read More
अम्माजी के बगैर एक साल- 10 दिसंबर 2013
अम्माजी के बगैर एक साल- 10 दिसंबर 2013
स्वामी बालेंदु ठीक एक साल पहले अपनी माँ के देहांत के बाद आश्रम और वहाँ ... Read More
शोक के समय एक मौन सांत्वना - 7 जुलाई 2013
शोक के समय एक मौन सांत्वना – 7 जुलाई 2013
2005 में अपने मौन-व्रत के दौरान एक बहुत ही दुखद समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया के ... Read More
आयरिश लोग और शराब - अपने पूर्वाग्रह की पुष्टि होते हुए देखना - 19 मई 2013
आयरिश लोग और शराब – अपने पूर्वाग्रह की पुष्टि होते हुए देखना – 19 मई 2013
स्वामी बालेंदु आयरलैंड में बिताए अपने समय के बारे में बता रहे हैं कि वहाँ ... Read More
समय आपके सारे दुख-दर्द हर लेगा, उसे अवसर दीजिए - 4 जनवरी 13
समय आपके सारे दुख-दर्द हर लेगा, उसे अवसर दीजिए – 4 जनवरी 13
स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि समय किस तरह से अपना कार्य करता है जब उनकी ... Read More
कर्म-कांडों से नहीं मिलता स्वर्ग: नानीजी - 3 जनवरी 13
कर्म-कांडों से नहीं मिलता स्वर्ग: नानीजी – 3 जनवरी 13
स्वामी बालेन्दु उनकी माँ की मृत्यु पर उनके पिता और नानी की धार्मिक मान्यताओं के ... Read More
धर्म कहता है, बुरे वक़्त पर मरे तो परिवार के पांच लोग और मरेंगे! - 2 जनवरी 13
धर्म कहता है, बुरे वक़्त पर मरे तो परिवार के पांच लोग और मरेंगे! – 2 जनवरी 13
स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि धार्मिक कर्मकाण्ड पंचक किस प्रकार से उनके मन में भय ... Read More
क्या स्वर्ग की कोरी कल्पना में स्वाहा हो जाती है किसी के गुज़र जाने की पीड़ा? - 1 जनवरी 13
क्या स्वर्ग की कोरी कल्पना में स्वाहा हो जाती है किसी के गुज़र जाने की पीड़ा? – 1 जनवरी 13
स्वामी बालेन्दु गम के समय में कुछ लोगों के द्वारा दी गई सलाह के विषय ... Read More
सम्बन्धविच्छेद के बाद! बीती ताहि बिसारि दे …….. 28 फरवरी 09
सम्बन्धविच्छेद के बाद! बीती ताहि बिसारि दे …….. 28 फरवरी 09
स्वामी जी एक ऐसी स्त्री के बारे में लिखते हैं जो अतीत को भुला नहीं ... Read More