इंडो-जर्मन चपाती – भारतीय आटे में रे, स्पेल्ट और जई का आटा मिलाकर तैयार की जाने वाली रोटी बनाने की विधि – 19 सितंबर 2015

आप जानते ही हैं कि हमारे आयुर्वेदिक रेस्तराँ में बेकरी संबंधित जर्मन व्यंजन, जैसे ब्रेड, केक इत्यादि भी उपलब्ध होंगे। इसीलिए हमने अपनी रसोई में कुछ समय से कई तरह के आटों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है और इन गैर-भारतीय आटों के साथ भारतीय आटे को मिलाकर उन्हें भारतीय तरीके से पकाने के प्रयोग भी शुरू कर दिए हैं। उदाहरण के लिए, यहाँ भारत में सामान्य रूप से बनाई जाने वाली रोटी में, जिसे चपाती भी कहते हैं, प्रयुक्त भारतीय आटे के साथ हम स्पेल्ट, जई, रे आदि के गैर-भारतीय आटे मिलाने लगे हैं! इससे हमारी रोटियों का स्वाद द्विगुणित हो गया है-और, निश्चित ही वह पहले से अधिक स्वास्थ्यकर भी हो गई है।

इंडो-जर्मन चपाती – रे, स्पेल्ट और जई का आटा मिलाकर तैयार की जाने वाली भारतीय रोटी

भारतीय रोटी बनाने के लिए इस नए मिश्रण का प्रयोग कीजिए – आजमाइए, रोटी सेंकने का यह अनोखा तरीका, चपटा, फ़टाफ़ट और अत्यंत स्वादिष्ट!

इंडो-जर्मन चपाती तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


25 ग्राम: जई का आटा
25 ग्राम: स्पेल्ट का आटा
20 ग्राम: सामान्य भारतीय गेहूँ का आटा
15 ग्राम: रे का आटा
50 मिलीलीटर: पानी

स्वाद के अनुसार नमक

इंडो-जर्मन चपाती कैसे तैयार करें?

ये रोटियाँ बनाना बहुत आसान है। अपने स्वाद के अनुसार नमक लेकर सभी आटों को आपस में मिलाएँ और धीरे-धीरे पानी मिलाते हुए आटे को माड़ना शुरू करें।

प्रक्रिया का यह हिस्सा सबसे महत्वपूर्ण है। जितना अच्छी तरह आप आटा माड़ेंगे, उतना ही रोटियाँ बेलने में भी आसानी होगी और उतनी ही रोटियाँ मुलायम भी बनेंगी। कम से कम पाँच मिनट तक आटे को माड़ना चाहिए और फिर उन्हें छह या सात टुकड़ों में विभक्त कर लें। यह आपकी पसंद पर निर्भर करेगा कि आप कितनी बड़ी रोटी चाहते हैं और उसी के अनुसार आटे के टुकड़े कर लें।

अब रोटियाँ बेलने का काम शुरू करें: आटे के एक टुकड़े को अपनी हथेलियों के बीच लेकर उसका गोला बनाएँ। फिर उस पर गेहूँ का आटा भुरकाकर या उसे आटे में डुबाकर हर तरफ से उसे सूखे आटे की बारीक परत से ढँक दें। इससे रोटी बेलते समय आटा चौके या बेलन पर चिपकेगा नहीं। चौके पर भी थोड़ा सा आटा भुरका दें और फिर गोले को चौके पर रखकर रोटी बेलना शुरू करें। अगर रोटी गोल बने तो बहुत अच्छा है लेकिन आप उसे अपना मनपसंद आकार भी दे सकते हैं।

तवा गरम करें और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए तो पहली चपाती या रोटी उस पर फैला दें और मध्यम आँच में सिंकने दें। रोटी के ऊपरी हिस्से का सूखना और निचले हिस्से का सिंककर गहरा भूरा होते जाना इस बात पर निर्भर करेगा कि आप गैस स्टोव का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं। अगर कर रहे हैं तो फिर आँच को तेज़ करके झारे से चपाती को तवे से उठाकर सीधे आँच पर रखें। चपाती को आँच पर हिलाते-डुलाते रहना पड़ेगा, जिससे वह हर तरफ से समान रूप से सिंक जाए लेकिन जले नहीं।

लेकिन अगर आपके पास गैस स्टोव नहीं है तो उसे सीधे तवे पर भी सेंक सकते हैं। जब चपाती का ऊपरी हिस्सा सूख जाए तो रोटी को पलट दें। अब जो हिस्सा नीचे है, उसे भी सिंक जाने दें। चपाती को उलटने-पलटने की यह प्रक्रिया आपको दो-तीन बार दोहरानी पड़ेगी। चार मिनट में सारी प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी और इतने समय में आपकी रोटी तैयार हो जानी चाहिए! थोड़ा अभ्यास हो जाने के बाद आप दो तवों पर दो रोटियाँ एक साथ भी सेंक सकेंगे।

यह चपाती गरमागरम खाने पर अधिक अच्छी लगती है। इसलिए भोजन से थोड़ा पहले ही रोटी बनाना शुरू करें और सब्जी, रोटी, दाल और चावल के साथ परोसें।

मित्रों के साथ इस अनोखी रोटी का आनंद लें!

गोभी पराँठा – फूल-गोभी का मसाला भरकर तैयार की गई भारतीय रोटी – 11 अप्रैल 2015

हमें खाने में स्वादिष्ट पराँठे यानी दही, फल और कुछ और मसाले भरकर बनाई जाने वाली भारतीय रोटियों का नाश्ता पसंद है और अगर वे गोभी का मसाला भरकर तैयार किए जाने वाले गोभी-पराँठे हों तो कहना ही क्या!

गोभी-पराँठा – गोभी भरकर तैयार की जाने वाली भारतीय रोटी

गोभी भरकर तैयार की जाने वाली भारतीय रोटी घर पर बनाएँ और इस स्वादिष्ट नाश्ते के साथ दिन की शुरुआत करें!

गोभी-पराँठे तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


250 ग्राम गेहूँ का आटा
1 नग फूल गोभी
150 मिलीलीटर पानी
1 बड़ा चम्मच घी

1/2 छोटी चम्मच नमक
भूनने या सेंकने के लिए वनस्पति तेल या घी

गोभी-पराँठा कैसे तैयार किया जाता है?

आटे में नमक मिलाएँ और इस मिश्रण के बीचोंबीच दबाकर एक छोटा सा गढ़ा बना लें और उसमें घी डालकर मिश्रण को थोड़ा एकसार कर लें। अब लगातार सधी हुई धार के साथ धीरे-धीरे पानी उंडेलते हुए तुरंत ही तेज़ी के साथ आटे को माड़ना शुरू करें। एक हाथ से पानी डालें और दूसरे से आटा माड़ते जाएँ। सारा पानी मिला देने के बाद आटा माड़ने का काम आप दोनों हाथों से कर सकते हैं। पाँच मिनट तक आटा माड़ने का काम जारी रखें।

इस आटे को अब 12 बराबर-बराबर भागों में विभक्त कर लें और हर भाग को हथेली पर लेकर गेंद की शक्ल दें। इन गोलों को अलग रख दें।

अब फूलगोभी उठाएँ और पत्ते निकालकर उसे अच्छी तरह धो लें। गोभी के बारीक फूलों से शुरू करते हुए पूरी गोभी को एक किसनी पर बारीक कीस लें।

इसके बाद आटे के गोलों को बेलना है! गोलों को चौके पर बीचोंबीच रखकर बेलन से उसे चपटा करते हुए गोल आकार में बेल लें। ध्यान रहे उसे लगभग 1 सेंटीमीटर मोटा बेलना है। अब एक छोटा चम्मच भरकर गोभी लें और उसे आटे की मोटी रोटी के बीचोंबीच रखें और चारों ओर से आटे की रोटी को मोड़ते हुए गोभी को ढँक दें और आटे के किनारों को दबाकर चिपका दें। अब इसे भी हथेली पर गोल घुमाकर फिर से गोला बना लें।

गोभी को आटे में भरने की प्रक्रिया सभी 12 टुकड़ों के साथ दोहराएँ। अब गोभी से भरा एक गोला लेकर उसे सूखे आटे में सान लें और फिर चौके पर रखकर बेलन की सहायता से तीन से पाँच मिलीमीटर पतला बेल लें। आटा चौके पर चिपके नहीं इसलिए बेलने से पहले चौके पर भी थोड़ा सा सूखा आटा फैला लेना चाहिए।

अब पराँठों को सेंकना है। तवा गर्म करें और जब वह पर्याप्त गर्म हो जाए, आँच को थोड़ा धीमा कर लें। पराँठे को तवे पर रखकर थोड़ी देर सिंकने दें। आप देखेंगे की आँच पराँठे को सुखा रही है और जब निचला हिस्सा पूरी तरह सूख जाए, पराँठे को पलट दें और यही प्रक्रिया दोहराते हुए उसे दूसरी तरफ भी सेंक लें। अब एक चाय का चम्मच लेकर उसे तेल या घी में डुबाएँ और थोड़ा सा तेल या घी लेकर पहले सिंकी हुई ऊपरी सतह पर फैला दें और पराँठे को पलट दें। इसके बाद तुरंत ही तेल या घी चुपड़ने की यह प्रक्रिया दूसरी तरफ भी दोहराएँ। एक झारा (spatula) लेकर पराँठे को थोड़ा दबाते जाएँ, जिससे पराँठा हर जगह से एक जैसा सिंक जाए। एक बार फिर पराँठे को पलट दीजिए और यही प्रक्रिया दूसरी सतह के साथ भी दोहराएँ और इस तरह दोनों तरफ से पराँठा एक जैसा हल्का सुनहरा सिंक जाएगा।

गोभी से भरे आटे के सभी गोलों के साथ यही पूरी प्रक्रिया दोहराते हुए पराँठे तैयार कर लें। दही या चटपटे अचार के साथ इस लाजवाब नाश्ते का मज़ा लें!

मूली पराँठा – मूली भरकर बनाया जाने वाला पराँठा – 7 फरवरी 2015

आज मैं आपको नाश्ते के लिए एक बहुत लोकप्रिय भारतीय व्यंजन तैयार करने की विधि बताने जा रहा हूँ: मूली पराँठा। यह एक तरह की रोटी है, जिसे मूली भरकर तवे पर सेंका जाता है। किसी भी अचार के साथ इसे खाया जा सकता है-और इसके शानदार स्वाद के कारण आप इसे इतना खा लेंगे कि आपको दिन भर कुछ और खाने की आवश्यकता नहीं होगी!

मूली पराँठा – मूली भरकर बनाई जाने वाली रोटी

एक आम भारतीय नाश्ता, जो एक तरह की चटपटी, मज़ेदार रोटी है, जिसे आप आसानी से घर पर तैयार कर सकते हैं!

मूली पराँठा तैयार करने में कितना समय लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


250 ग्राम गेहूँ का आटा
150 मिलीलीटर पानी
1 बड़ा चम्मच घी

1/2 छोटी चम्मच नमक
1 बड़ी सफ़ेद मूली

मूली पराँठा कैसे तैयार करें?

एक गहरे बरतन में आटा लेकर उसमें नमक और घी मिलाएँ। इस मिश्रण को थोड़ा मिला लें और फिर धीरे-धीरे पानी डालते हुए आटे को माड़ते जाएँ। जब सारा पानी मिला लिया जाए, आटे को दोनों हाथों से अच्छी तरह मसल-मसलकर माड़ लें।

जब आटा अच्छा एकसार होकर मुलायम हो जाए, आप उसके 12 बराबर-बराबर टुकड़े कर लें और हथेलियों पर रखकर उनके गोले बनाकर अलग रख लें।

मूली को धोकर उसके सिरे काटकर अलग कर दें और मूली को छील लें। फिर उसे कीसकर (उसका कद्दूकस बनाकर) एक अलग बरतन में रख लें।

अब आटे का एक गोला उठाएँ और उसे पटे पर रखकर बेलन से उसे थोड़ा सा बेल लें, जिससे वह छोटी सी गोल चपटी रोटी में तब्दील हो जाए। अब एक छोटा चम्मच भरकर मूली का कद्दूकस लें और उसे इस रोटी के बीचोंबीच रख दें। रोटी को किनारों से उठाते हुए इस तरह मोड़ें कि वह मूली के कद्दूकस को पूरी तरह ढँक ले। यह बहुत आसान है-अगर आपको लगता है कि मूली का कद्दूकस कुछ ज़्यादा है और दिक्कत हो रही है, तो थोड़ा सा निकालकर पुनः कोशिश करें। हाथ में रखकर उसे पुनः गोलाकार कर लें-अब आपके पास मूली से भरा गोला होगा। आटे के सभी 12 टुकड़ों में इसी तरह मूली भर कर उनके गोले बना लें। मूली अलग-अलग आकारों में आती है और अगर आपके पास मूली का कद्दूकस बच भी जाता है तो उसे किसी और तरह से, जैसे सलाद के रूप में, उपयोग में लाया जा सकता है।

अब एक मूली से भरा हुआ गोला उठाइए और उसे सूखे आटे में रखकर हल्के से घुमाएँ, जिससे उस पर थोड़ा सा सूखा आटा लग जाए। अब चकले पर थोड़ा सा सूखा आटा फैलाकर, उस पर यह आटे का गोला रखें और उसे हल्के हाथों से तब तक बेलते जाएँ जब तक कि वह तीन से पाँच मिलीमीटर मोटी रोटी में तब्दील न हो जाए।

तवा गरम करें और जब वह अच्छा गरम हो जाए तो आँच थोड़ी धीमी करके तवे पर ताज़ा बेला हुआ पराँठा रख दें। उसे एक तरफ से सिंक जाने दें और जब वह एक तरफ से सूख जाए तो उसे पलट दें। एक चाय का चम्मच लेकर उसे घी में डुबाएँ और पराँठे के सिंके हुए हिस्से पर घी चुपड़ दें। पराँठे को पुनः पलट दें और दूसरी तरफ भी इसी तरह घी चुपड़ें और एक झारे या चपटे फ़लक वाले बड़े चम्मच से पराँठे को हल्के हाथों से दबाएँ। पराँठे को फिर से पलटें और उसे झारे से दबाकर अच्छी तरह हर तरफ से सेंक लें। इसी तरह उलट-पलटकर दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंक लें।

जब आप एक पराँठे को सेंक रहे हैं, दूसरा गोला उठाकर उसे बेलते जाएँ। जब पहला पराँठा हल्का सुनहरा हो जाए, उसे झारे की सहायता से नीचे उतार लें और एक हॉटपॉट में रखें या पहले से थोड़े गरम ओवन में रख दें, जिससे वह ठंडा न होने पाए। इसी विधि से आप अच्छी तरह सिंके और गरमागरम 12 पराँठे तैयार कर लें और फिर एक साथ बैठकर नाश्ते का आनंद लें!

मीठा परांठा – मीठी भारतीय रोटी बनाने की विधि – 15 मार्च 2014

कुछ दिन पहले जब हमारे मित्र थॉमस और आइरिस यहाँ, हमारे आश्रम में आए थे, वे रोज़ ही नाश्ते के अंत में एक खास मीठे व्यंजन का मज़ा लेते थे: मीठा परांठा! और क्योंकि उस वक़्त आए हुए सभी मेहमान उसे बहुत पसंद करते थे, आज मैं इस मीठी रोटी को बनाने की विधि बताना चाहता हूँ:

मीठा परांठा – मीठी भारतीय रोटी

जो लोग भारतीय पद्धति से तैयार मीठा नाश्ता करना चाहते हैं उनके लिए मीठा परांठा बनाने की यह विधि प्रस्तुत है!

मीठा परांठा तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


170 ग्राम गेहूं का आटा
70 मिलीलीटर पानी
50 ग्राम चीनी
परांठा तलने के लिए तेल या घी

मीठा परांठा कैसे तैयार करें?

आटे को पानी में मिलाकर अच्छी तरह गूँथें। गीले, गूँथे हुए आटे के तीन हिस्से करके दोनों हाथों के बीच रखकर सबके छोटे-छोटे गोले बना लें।

बेलते वक़्त गीला आटा पटे-बेलन पर न चिपके इसलिए थोड़ा सा सूखा आटा रोटी बेलने के पटे पर भुरकाएं और उस पर गीले आटे का एक गोला रखकर बेलन से तब तक बेलें, जब तक आटे का गोला एक मोटी, चपटी, वृत्ताकार रोटी की शक्ल अख़्तियार न कर ले। शक्कर (चीनी) का एक तिहाई हिस्सा लेकर उसे इस मोटी रोटी के बीचों-बीच रखकर रोटी को किनारों से मोड़ते हुए शक्कर को आटे से ढँक दें। अब शक्कर सहित इस आटे के गोले को फिर से तब तक बेलें जब तक कि वह आपकी मनपसंद मोटाई की गोल रोटी में तब्दील न हो जाए।

स्टोव पर एक तवा गर्म करें और जब वह पर्याप्त गर्म हो जाए, बेले गए पराँठे को उस पर रख दें और उसे एक तरफ से अच्छी तरह सेंक लें। दो मिनट बाद पराँठे को थोड़ा सा उठाकर उसका निचला हिस्सा देखें कि वह ठीक तरह से सिंक गया है या नहीं। अगर वह पर्याप्त सिंककर हल्का गुलाबी हो गया हो तो उसे पलटा दें और पराँठे का दूसरा हिस्सा भी इसी तरह सेंक लें। इस बीच एक चम्मच में थोड़ा सा तेल या घी लेकर उसे पराँठे पर फैला दें। जब पराँठे का दूसरा हिस्सा भी पर्याप्त सिंक जाए तो उसे एक बार और पलटाएँ और यही क्रिया दूसरी तरफ भी दोहराएँ। पराँठे को एक दो बार और उलटें- पलटें और जब परांठा दोनों ओर से अच्छी तरह सिंक जाए और उसका रंग बदलकर गहरा भूरा हो जाए और हर तरह से वह अच्छी तरह पक जाए तो पराँठे को उतार लें। इसी तरह आटे के बचे हुए दोनों गोलों के पराँठे बना लें।

हाँ, अगर आप ज़्यादा मीठा पसंद करते हैं तो कुछ ज़्यादा शक्कर लेकर परांठा बना लें या इसके विपरीत, कम मीठा पसंद करते हैं तो उसी मात्रा में शक्कर कम इस्तेमाल करें। हर स्थिति में, पराँठे को गर्मागर्म खाएं तो वह ज़्यादा मज़ेदार होगा। अगर केले, दही, जैम, चॉकलेट-सौस या अपनी मनपसंद किसी चटनी, अचार या सौस के साथ उसे खाएं तो उसका मज़ा और बढ़ जाता है!

दाल पराठा – मूंग की दाल का पराठा- 20 जुलाई 2013

आज शनिवार है और कोई न कोई व्यंजन बनाने की विधि सीखने का दिन! हम अक्सर यहाँ बहुत मज़ेदार भोजन ग्रहण करते हैं और मैंने बहुतेरे व्यंजन बनाने की विधियाँ आपको बताई हैं मगर कल हमने नाश्ते में बहुत स्वादिष्ट व्यंजन का आनंद लिया। दाल पराठा: भारतीय चपाती जिसे गेहूं के आटे में मूंग की दाल को मिलाकर तैयार किया जाता है।

दाल पराठा – मूंग की दाल का पराठा

नाश्ते में रोज़-रोज़ एक जैसी चीज़ें खाकर बोर हो चुके हैं? आटे में मूंग की पकी दाल मिलाकर पराठे बनाएँ। मज़ा आ जाएगा!

दाल पराठा बनाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री

50 ग्राम मूंग की दाल
100 ग्राम दही
200 ग्राम गेहूं का आटा
1 1/2 बड़े चम्मच रिफाइंड अथवा जिस भी तेल में आप भोजन बनाते हैं|
200 मिलीलीटर पानी
10 ग्राम ताज़ी धनिया पत्ती
चपाती बेलने के लिए थोड़ा सा आटा और चपाती को सेंकने के लिए अतिरिक्त तेल
स्वाद के अनुसार नमक

दाल-पराठा कैसे बनाएँ

मूंग की दाल को एक बर्तन में लेकर उसमें पानी और थोड़ा सा नमक डालकर, ढक्कन रखकर उबालें। उसे तब तक उबालते रहें जब तक पानी सूख न जाए। इसमें पाँच मिनट का समय लगेगा। इतना हो जाने पर स्टोव पर से बर्तन को उतार लें।

अब आधा चाय का चम्मच तेल लेकर उसे एक कढ़ाई में गरम करें। मूंग को इस तेल में लगभग एक मिनट भूनकर उतार लें। धनिया पत्ती धोकर, डंठल हटाकर, पत्तियाँ चुन लें।

एक बड़ा बर्तन लेकर उसमें आटा निकालें और भुनी हुई मूंग की दाल, थोड़ा सा नमक और कटी हुई धनिया पत्ती मिलाएँ। इन्हें आपस में ठीक से मिलाने के बाद सारे मिश्रण को दही मिलाकर दस मिनट तक मसलते रहें और आटा माड़ लें। आपका आटा इतना सूखा होना चाहिए कि उंगली गड़ाने पर या माड़ने पर वह आपकी उँगलियों में चिपके नहीं। एक चम्मच तेल इस आटे में मिलाकर उसे फिर से माड़ें।

अगला काम बड़ा मजेदार है! गीले आटे में से छोटे-छोटे टुकड़े काटकर टेबल टेनिस की गेंद के बराबर के गोले बनाकर एक तरफ रख लें। जैसे आप बर्फ के गोले बनाते हैं उसी तरीके से ये आटे के गोले भी बना सकते हैं। अब आप हथेली से इन गोलों को थोड़ा दबाकर, थोड़ा सा चपटा कर लें।

अब इन गोलों की रोटियाँ बेलना शुरू करें। एक छोटे से बर्तन में थोड़ा सा सूखा आटा ले लें और चकला और बेलन तैयार रखें। चकले पर थोड़ा सा सूखा आटा लेकर फैला लें। सूखा आटा बेलन पर भी लगा लें। सूखा आटा इन पर लगाने का मकसद यह है कि जब आप रोटियाँ बेलें तो आटा कहीं भी चिपककर टूटे नहीं। आटे के एक गोले को लेकर उसे भी सूखे आटे में उलट-पुलटकर चौके पर रखें और पतली, चपटी रोटी बेलना शुरू करें। चाहें तो उन्हें अपनी पसंद के अनुसार कुछ मोटा भी रख सकते हैं। यह पूरी तरह आपकी मर्ज़ी और स्वाद पर निर्भर है। इसके बाद एक और व्यक्ति आपकी मदद के लिए मिल सके तो बेहतर है, जिससे, जब आप पराठे बेलें तो वह उन्हें सेंकता जाए। अगर आप अकेले ही यह काम करना चाहते हैं तो पहले आप सभी गोलों की रोटियाँ बना लें।

स्टोव के पास ही एक छोटे से बर्तन में तेल और चम्मच तैयार रखें। तवा गरम करें-अभी तेल न डालें- और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए तो बेलकर रखी हुई रोटियों में से एक रोटी लेकर तवे पर रख दें। एक मिनट तक उसे आंच में भुनने दें। आप देखेंगे कि उसकी ऊपरी सतह का रंग बदलने लगा है और नीचे की आंच के कारण वह सूखकर हल्की सफ़ेद होती जा रही है। हल्के हाथ से रोटी को उठाकर उसका निचला हिस्सा देखें। अगर उस पर सुनहरे चकत्ते पड़ गए हैं तो पराठे को पलट दें और आंच कम कर दें। जब कि अब रोटी का दूसरा हिस्सा भुन रहा है, थोड़ा सा तेल लेकर रोटी के ऊपरी हिस्से पर फैलाएँ। रोटी को फिर पलट दें और यही क्रिया दूसरी तरफ भी दोहराएँ। चम्मच भरने की ज़रूरत नहीं है, बहुत थोड़ा तेल ही रोटी पर फैलाएँ, जिससे पराठा अच्छे से सिंक जाए। तेल में सिंकी इस रोटी को ही पराठा कहा जाता है।

चाहें तो एक झारा लेकर पराठे को हल्के से दबाते रहें जिससे पूरा पराठा हर तरफ से अच्छी तरह से सिंक जाए। उसे तब तक उलटते-पलटते रहें जब तक वह दोनों ओर से हल्का सुनहरा न हो जाए।

दही, आचार या सिर्फ मसालेदार नमक (जिरावण, बुकनी) के साथ पराठे का मज़ा लें।