क्या योग सीखने वाले छात्रों की मुद्राएँ ठीक करना आवश्यक है? 29 सितंबर 2015

स्वामी बालेंदु इस प्रश्न पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या योग शिक्षकों को छात्रों को बोलकर या पकड़कर सिखाना चाहिए। यहाँ पढ़िए कि वे सामान्यतः दोनों ही विकल्पों को क्यों खारिज करते हैं।

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अपने शरीर से प्रेम का अर्थ यह नहीं है कि खा-खाकर मोटे हो जाएँ और यह भी नहीं कि भूखे मर जाएँ! 20 अगस्त 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि अपने शरीर से असंतुष्ट होने पर लोग दो तरह का व्यवहार करते हैं: या तो वे खाना खाना छोड़ देते हैं और बहुत अधिक व्यायाम करने लगते हैं या फिर अपने शरीर के प्रेम में, जैसा है, उसे अपनी नियति मान लेते हैं वे दोनों बातों को उचित नहीं समझते। क्यों? यहाँ पढिए!

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क्या आप अपने शरीर से नाखुश हैं, मनपसंद खाना खाने के बाद क्या आप पछताते या ग्लानि महसूस करते हैं? 23 फरवरी 2015

अक्सर लोगों के मन में स्वस्थ और सुंदर शरीर की एक काल्पनिक तस्वीर जड़ जमाकर बैठी होती है। स्वामी बालेंदु इस बारे में लिखते हुए बता रहे हैं कि यह एकमात्र आदर्श नहीं है, जो मीडिया आपको दिखाता है।

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शिव लिंग – हिन्दू धर्म में लिंग की पूजा कैसे शुरू हुई – 17 फरवरी 2015

स्वामी बालेंदु शिवलिंग की पूजा के बारे में प्रचलित दो भिन्न-भिन्न कहानियाँ बता रहे हैं। हिंदुओं ने शिवलिंग की पूजा कैसे शुरू की, यहाँ पढिए।

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भारतीय नाभियाँ या पश्चिमी पिंडलियाँ – क्या ज़्यादा सेक्सी है? 22 दिसंबर 2014

स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि क्यों कोई सामान्य रूप से यह नहीं कह सकता कि सभी भारतीय अपने आपको ढँककर रखते हैं या सारे पश्चिमी लोग सेक्सी कपड़ों में घूमते फिरते हैं!

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आयुर्वेद संबंधी हमारी कार्यशालाओं में अदृश्य शक्तियों से सम्बंधित कोई काम नहीं होता – 29 सितंबर 2014

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि आयुर्वेद प्रशिक्षण के लिए आए प्रतिभागी उनसे अदृश्य शक्तियों संबंधी किसी काम को सीखने की अपेक्षा न करें, आश्रम में इससे संबन्धित कोई प्रशिक्षण नहीं दिया जाता लिहाजा इस बारे में यहाँ उनकी कोई मदद नहीं हो पाएगी।

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नग्नता से अधिक नैसर्गिक और क्या हो सकता है? 7 सितम्बर 2014

स्वामी बालेन्दु कुछ मित्रों के साथ स्वीडन में बिताए गए समय के बारे में बता रहे हैं। नग्नता को लेकर वे पूरी तरह नैसर्गिक व्यवहार कर रहे थे।

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खूबसूरती अलग-अलग रूपों में सामने आती है! खूबसूरती के गलत मानदंडों से हानि- 28 अगस्त 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि क्यों महिलाओं की खूबसूरती के प्रचलित मानदंड कुछ लोगों को स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह बना देते हैं!

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दूसरों से तुलना करने पर न तो आपकी सुन्दरता बढ़ती है न ही घटती है- 27 अगस्त 2013

स्वामी बालेंदु समझा रहे हैं कि कैसे सिर्फ औरतें ही नहीं, कई मर्द भी अपने से कम सुंदर व्यक्ति को देखकर ही सुंदर महसूस कर पाते हैं या खुश हो पाते हैं!

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क्या आपके पति के पॅार्न देखने से आपका यौन जीवन प्रभावित हो रहा है? – 17 अगस्त 12

स्वामी बालेन्दु पोर्न से सम्बंधित प्रश्नों का उत्तर देते हैं जबकि उनसे कुछ महिलाओं ने पूछा की उनके पति पोर्न देखते हैं तो वो क्या करें?

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