क्या करें जब असुरक्षा की भावना से पीड़ित लोग आपको नीचा दिखाने की कोशिश करें? 18 नवंबर 2015

स्वामी बालेंदु एक ऐसे व्यक्ति का खाका खींच रहे हैं, जो मूलतः असुरक्षाग्रस्त होता है और दूसरों को नीचा दिखाकर अपने अहं को संतुष्ट करता है।

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क्या करें जब आपको नकारात्मक लोगों की संगत में रहना पड़े? 4 नवंबर 2015

*स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि उस परिस्थिति से कैसे निपटें जब आपको किसी नकारात्मक व्यक्ति के साथ रहना पड़े।

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जहाँ तक हो सके, नकारात्मक लोगों से दूर रहें – 3 नवंबर 2015

स्वामी बालेंदु पाठकों को आगाह कर रहे हैं कि जो लोग हर समय नकारात्मक बने रहते हैं, उनसे दूर ही रहें। जहाँ तक संभव हो, उनके नज़दीक जाने से बचें!

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जब कभी भी कुछ भी ठीक होता नज़र नहीं आता क्योंकि संतुष्टि भीतर से आती है – 2 नवंबर 2015

स्वामी बालेंदु उनके बारे में अपने विचार लिख रहे हैं जो कभी संतुष्ट या खुश नहीं होते। बालेंदु जी के मुताबिक़ क्यों परिवर्तन भीतर से ही आ सकता है!

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हम इतने नकारात्मक हैं कि हमें हर जगह लिंगभेद और दूसरी बुराइयाँ दिखाई देती हैं – 25 अक्टूबर 2015

स्वामी बालेंदु अपने फोटो पर आई कुछ नकारात्मक टिप्पणियों के बारे में लिख रहे हैं-टिप्पणियाँ न सिर्फ चर्चा के विषय से कोसों दूर थीं बल्कि उस व्यक्ति की आलोचना कर रही थीं जो वहाँ मौजूद तक नहीं था!

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आपका आसपास आपका आईना नहीं बल्कि परस्पर प्रभाव के साथ दोनों का अनुकूलन है – 12 अक्टूबर 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि हम अपने आस-पड़ोस द्वारा प्रभावित होते हैं और बदले में हमारा आस-पड़ोस भी हमसे प्रभावित होता है। जिसे हम अपना आइना समझ लेते हैं।

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सकारात्मक रवैया बनाए रखें – कठिनाइयाँ आपको और मजबूत बनाएँगी! 10 सितंबर 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि खराब परिस्थितियों में भी सकारात्मक रवैया कैसे बनाए रखें क्योंकि आप जानते ही हैं कि आप उनसे गुज़रकर और भी मजबूत होकर बाहर निकलेंगे!

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क्या आपके ‘जीवन का सबसे खराब समय’ चल रहा है? उससे बाहर निकलिए! 9 सितंबर 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे आप उन परिस्थितियों से बाहर निकल सकते हैं, जिसके कारण आपको वह समय जीवन का सबसे बुरा समय लग रही हैं।

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जब एक टिप्पणी आपको आश्चर्यचकित कर देती है क्योंकि वह घृणा से लबरेज है – 15 जनवरी 2015

स्वामी बालेंदु अपने ब्लॉग पर आई एक टिप्पणी की चर्चा कर रहे हैं। टिप्पणी क्या कहती है और उस पर बालेंदु जी की प्रतिक्रिया क्या है, यहाँ पढ़ें!

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मुख्य-धारा के मीडिया से अलग कुछ करें – अच्छी खबर प्रसारित करें – 8 जनवरी 2015

स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि क्यों वे सोचते हैं कि लोगों को अपने अच्छे कार्यों की चर्चा करनी चाहिए! दुनिया बुरी खबरों से भरी हुई है!

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