नशीले पदार्थों का सेवन करने के बाद होने वाला मतिभ्रम आध्यात्मिक अनुभव नहीं है – 27 अप्रैल 2014

स्वामी बालेंदु अपने एक अनुभव की चर्चा कर रहे हैं जिसमें कुछ लोगों ने उनकी वेषभूषा से यह समझ लिया कि वे नशीले पदार्थों का सेवन करते होंगे।

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क्या है नागा साधू की मूल अवधारणा – मोह-माया का त्याग या गांजा पीने और नंग-धडंग रहने की छूट? – 29 जनवरी 13

स्वामी बालेन्दु बताते हैं कि नागा साधुओं की मूल अवधारणा क्या है, उनका आचरण कैसा होना चाहिए था और आज असल में है कैसा। भारत के नंगे किन्तु पवित्र पुरुषों के ऊपर एक आलोचनात्मक दृष्टि|

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पार्टियों में शराब और सिगरेट की जरूरत नहीं है और गर्भावस्था में तो बिलकुल भी नहीं है – 3 जुलाई 09

स्वामी जी कानूनी ड्रग जैसे शराब और निकोटिन के बारे में लिख रहे हैं। अगर आप खुलकर नाचना चाहते हैं तो आपको शराब पीने की जरूरत नहीं है। साथ ही आपको गर्भावस्था में धुम्रपान या शराब का सेवन नहीं करना चाहिए|

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शराब के बिना जश्न मनाकर देखिए – 2 जुलाई 09

स्वामी जी शराब के बारे में लिख रहे हैं कि कैसे ये कई लोगों के लिए मौज मस्ती का जरिया बन गई है। आपको किसी पल का आनन्द लेने के लिए शराब की आवश्यकता क्यों पड़ती है|

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