हस्तमैथुन से सेक्स के प्रति अरुचि पैदा नहीं होती बल्कि इसका उल्टा होता है! 4 जून 2015

स्वामी बालेंदु अपने एक मित्र के इस विचार का जवाब दे रहे हैं कि ज़्यादा हस्तमैथुन करने से दंपति एक-दूसरे के साथ सोना बंद कर देंगे। इस ब्लॉग में पढ़िए कि क्यों वे सोचते हैं कि इसका ठीक उल्टा होता है।

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अपने हाथ की मदद लें – आपको हस्तमैथुन करते हुए अपराधी क्यों महसूस नहीं करना चाहिए! 3 जून 2015

स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि क्यों हस्तमैथुन करना पूरी तरह नैसर्गिक है और उससे आपको कोई हानि नहीं पहुँचती। तो आगे बढिए और खुद आप अपनी मदद कीजिए!

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अश्लील फिल्में बलात्कार का कारण नहीं हैं। क्यों? 2 जून 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि क्यों अश्लील फिल्में या उनके कारण उपजी काम-वासना के नतीजे में बलात्कार नहीं होते। बल्कि इसका विपरीत होता है: काम-वासना का दमन, सेक्स और महिलाओं का दमन ही बलात्कार का कारण बनते हैं!

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कामुकता – एक आनंदित करने वाली नैसर्गिक अनुभूति – उसे बीमारी समझने वाले स्वयं बीमार हैं – 1 जून 2015

स्वामी बालेंदु कामुकता को परिभाषित करते हुए बता रहे हैं कि क्यों उनकी नज़रों में वह महज एक सुंदर एहसास है, जो आनंदित करता है- और वास्तव में उसका दमन करना ही बीमारी का लक्षण है!

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महिलाएं प्रेम करती हैं मगर पुरुष सिर्फ कामुक होते हैं! नारीवादी किस तरह लिंगभेद के खिलाफ काम करती हैं-13 फरवरी 2014

स्वामी बालेंदु नारीवादियों के बीच लोकप्रिय एक जुमले का ज़िक्र करते हुए बता रहे हैं कि कैसे यह जुमला लैंगिक-समानता के कतई पक्ष में नहीं है!

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