बच्चों के प्रति मौखिक हिंसा: एक-एक शब्द के साथ टूटती हुई बच्चों की दुनिया- 25 फरवरी 2014

सामान्य भारतीय परिवारों में बच्चों को हर वक़्त हिंसक धमकियाँ सुननी पड़ती हैं। स्वामी बालेंदु इस विषय पर लिखते हुए बता रहे हैं कि ये धमकियाँ किस तरह बच्चों को मानसिक नुकसान पहुंचाती हैं।

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घिसी पिटी औपचारिकताओं से छुटकारा – 1 अगस्त 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि सांस्कृतिक रूप से अपने भीतर रची-बसी औपचारिकताओं से व्यक्तिगत रूप से उन्होंने कैसे छुटकारा पाया।

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भारतीय आदतें: भ्रम पैदा करने की हद तक औपचारिक और शालीन- 24 जुलाई 2013

स्वामी बालेंदु भारतीयों की एक खास आदत का वर्णन कर रहे हैं: वे अपने व्यवहार में नम्रता की सीमाएं तोड़ देते हैं और यह समझना मुश्किल हो जाता है कि आखिर वे क्या सोच रहे हैं और चाहते क्या हैं।

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