अम्माजी के बगैर एक साल- 10 दिसंबर 2013

स्वामी बालेंदु ठीक एक साल पहले अपनी माँ के देहांत के बाद आश्रम और वहाँ निवास करने वाले लोगों में आए परिवर्तन के विषय में चर्चा कर रहे हैं।

Continue Readingअम्माजी के बगैर एक साल- 10 दिसंबर 2013

अम्माजी के देहांत के एक साल बाद अपरा उनके बारे में किस तरह सोचती है? 9 दिसंबर 2013

स्वामी बालेंदु अपनी बेटी, अपरा का ज़िक्र करते हुए बता रहे हैं कि वह अपनी दादी यानी बालेंदु जी की माँ के विषय में किस तरह सोचती है।

Continue Readingअम्माजी के देहांत के एक साल बाद अपरा उनके बारे में किस तरह सोचती है? 9 दिसंबर 2013

माँ के बगैर मेरा पहला जन्मदिन – जन्मदिन न मनाने का फैसला- 14 अक्टूबर 2013

अपने जन्मदिन पर स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि क्यों यह जन्मदिन उनके पिछले जन्मदिनों से बहुत अलग है और क्यों उन्होंने आज किसी उत्सव का आयोजन न करने का निश्चय किया है।

Continue Readingमाँ के बगैर मेरा पहला जन्मदिन – जन्मदिन न मनाने का फैसला- 14 अक्टूबर 2013

आश्रम वापसी: घर वापसी सफर का सबसे सुखद हिस्सा होता है! – 26 जून 2013

स्वामी बालेंदु उस दिन का ब्योरा प्रस्तुत कर रहे हैं जिस दिन वे बेटी अपरा के साथ जर्मनी यात्रा से वापस आश्रम लौटे।

Continue Readingआश्रम वापसी: घर वापसी सफर का सबसे सुखद हिस्सा होता है! – 26 जून 2013

समय आपके सारे दुख-दर्द हर लेगा, उसे अवसर दीजिए – 4 जनवरी 13

स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि समय किस तरह से अपना कार्य करता है जब उनकी माँ की मृत्यु हुई तो, पढ़िए समय की ताकत के विषय में|

Continue Readingसमय आपके सारे दुख-दर्द हर लेगा, उसे अवसर दीजिए – 4 जनवरी 13

कर्म-कांडों से नहीं मिलता स्वर्ग: नानीजी – 3 जनवरी 13

स्वामी बालेन्दु उनकी माँ की मृत्यु पर उनके पिता और नानी की धार्मिक मान्यताओं के विषय में तथा उनकी नानी का धर्म के विषय में विचार लिखते हैं|

Continue Readingकर्म-कांडों से नहीं मिलता स्वर्ग: नानीजी – 3 जनवरी 13

धर्म कहता है, बुरे वक़्त पर मरे तो परिवार के पांच लोग और मरेंगे! – 2 जनवरी 13

स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि धार्मिक कर्मकाण्ड पंचक किस प्रकार से उनके मन में भय उत्पन्न करता है जिनके यहाँ पहले ही म्रत्यु हो चुकी है और जो गम में हैं|

Continue Readingधर्म कहता है, बुरे वक़्त पर मरे तो परिवार के पांच लोग और मरेंगे! – 2 जनवरी 13

क्या स्वर्ग की कोरी कल्पना में स्वाहा हो जाती है किसी के गुज़र जाने की पीड़ा? – 1 जनवरी 13

स्वामी बालेन्दु गम के समय में कुछ लोगों के द्वारा दी गई सलाह के विषय में लिखते हैं, जबकि उन्हें न रोने की सलाह दी गई, पढ़िए धार्मिक कारण और उनका जवाब|

Continue Readingक्या स्वर्ग की कोरी कल्पना में स्वाहा हो जाती है किसी के गुज़र जाने की पीड़ा? – 1 जनवरी 13