सोआ दाल – सोआ के साथ मूंग की दाल मिलाकर तैयार व्यंजन – 5 दिसंबर 2015

आज मैं आपको एक अत्यंत स्वादिष्ट और स्वास्थ्यकर व्यंजन बनाने की विधि बताने जा रहा हूँ, जिसे सोआ दाल कह सकते हैं। इसे मूंग की दाल के साथ सोआ मिलाकर तैयार किया जाता है। सोआ इस दाल को सामान्य रूप से भारत में पकाई जाने वाली दालों से अलग एक लज़ीज़ स्वाद और सुगंध प्रदान करता है!

सोआ दाल – मूंग की दाल के साथ सोआ

सामान्य रूप से पकाई जाने वाली दालों का एक अलग, अत्यंत लज़ीज़ विकल्प! मूंग की दाल में सोआ के शानदार स्वाद और सुगंध का मज़ा लें!

सोआ दाल तैयार करने में कितना समय लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


1 कप: छिलके वाली मूंग की दाल
3 कप: पानी

1 बड़ा चम्मच: वनस्पति तेल
1/2 छोटी चम्मच:गरम मसाला
1/2 छोटी चम्मच: जीरा
1 छोटी चम्मच: धनिया पाउडर
3 नग: टमाटर
स्वाद के अनुसार नमक

सोआ दाल कैसे तैयार करें?

सबसे पहले मूंग की दाल लेकर उसे अच्छी तरह धो लीजिए। फिर एक बरतन में 3 कप पानी लेकर मूंग की दाल को हल्दी और नमक के साथ स्टोव पर रखकर उबालिए। जब पानी उबलने लगे तो स्टोव को धीमा करके दाल मिश्रित पानी को मध्यम आँच में 20 मिनट तक उबलने दें।

इस बीच आप सोआ को साफ कर सकते हैं। सोआ को पहले धोइए और फिर उसकी मोटी और बड़ी डगालें निकालकर उसे बारीक टुकड़ों में क़तर लें। तीन टमाटरों को धोकर उन्हें भी बारीक टुकड़ों में काट लें।

जब मूंग की दाल पककर मुलायम हो जाए तो आप उसमें तड़का लगाने की तैयारी कर सकते हैं-तड़का यानी सारे मसालों का मिश्रण। एक कड़ाही में तेल गरम कीजिए और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए, उसमें जीरा, गरम मसाला और धनिया पाउडर मिलाएँ और अच्छी तरह चलाते हुए सारे मसाले भून लें। मसाले जल न जाएँ इसलिए लगातार चलाते रहें और जब मसालों की खुशबू रसोई में फैलने लगे, मसालों में टमाटर के टुकड़े डालकर उन्हें भी अच्छी तरह चलाते हुए भूनिए, जिससे टमाटर पककर मुलायम हो जाएँ। जब टमाटर मुलायम हो जाएँ तो आप उसमें सोआ भी मिला दें। अच्छी तरह चलाकर टमाटर और सोआ को एकसार कर लें और मिश्रण को दो मिनट तक आँच पर गरम होने दें।

अंत में, मूंग दाल में इस मिश्रण को मिला दें और सभी सामग्रियों को अच्छी तरह चलाकर एकसार कर लें। बस, हो गया! चावल, रोटी या सब्जियों के साथ गरमागरम दाल परोसें!

दोस्तों के साथ इस सुस्वादु डिश का सामूहिक आनंद लें!

मूंग-मसूर दाल – मूंग दाल और लाल मसूर की दाल का व्यंजन – 15 अगस्त 2015

दालें भारतीय भोजन का अनिवार्य हिस्सा होते हैं। विभिन्न प्रकार की दालें और उन्हें आपस में मिलाकर दाल पकाने की भारत में अनेक विधियाँ हैं। आज मैं आपको अपना तरीका बता रहा हूँ-एक ऐसा खास व्यंजन जिसे मूंग और लाल मसूर की दालों को मिलाकर तैयार किया जाता है!

मूंग-मसूर दाल

मूंग और मसूर की दालों को मिलाकर दाल पकाएँ- इसके स्वाद से आप अभिभूत रह जाएँगे!

मूंग-मसूर दाल तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री

1/2 कप छिली हुई मूंग की दाल
1/2 कप मसूर की दाल
3 कप पानी
1 बड़ा चम्मच वनस्पति तेल
1 छोटी चम्मच जीरा
1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
1 चुटकी हींग
2 नग टमाटर
स्वाद के अनुसार नमक

मूंग-मसूर की दाल कैसे तैयार करते हैं?

मूंग और मसूर की दालों को धोने से शुरुआत करें। एक बरतन में पानी लेकर उसमें दालें भिगो दें और उसमें नमक, हल्दी डालकर अच्छी तरह मिलाएँ। अब बरतन पर ढक्कन रखकर पानी को उबलने के लिए रख दें।

इस बीच आप टमाटर धो लें और उन्हें बारीक टुकड़ों में काट लें। पानी उबल रहा है या नहीं, जाँच करते रहें क्योंकि, अन्यथा वह आपके ढक्कन को गिरा देगा! जब पानी उबलने लगे, आँच धीमी करके दालों को अगले आधे घंटे के लिए उबलने दें। बीच-बीच में चलाते रहें।

आधे घंटे बाद आपकी दालें अच्छी पक गई होंगी। स्टोव बंद कर दें और दालों को एक तरफ रख लें।

अब एक गहरी कड़ाही में तेल गरम करें और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए तो उसमें जीरा और हींग डालकर अच्छी तरह चलाएँ। इन मसालों की इतना भूनें कि उनकी महक रसोई में फैल जाए और जीरा गहरा भूरा हो जाए और उसके बाद मसालों में टमाटर के टुकड़े भी डाल दें। अच्छी तरह चलाएँ जिससे मसाले टमाटर में अच्छी तरह मिल जाएँ और पककर मुलायम हो जाएँ।

जब टमाटर पककर मैश हो जाएँ आप इस मिश्रण को दाल में मिलाकर अच्छी तरह चलाएँ।

भोजन के साथ परोसें। यह चावल और सब्जियों के साथ और भी स्वादिष्ट लगती है।

दोस्तों के साथ इस डिश का मज़ा लें!

खिचड़ी – पोषक तत्वों से भरपूर – दाल, चावल और सब्जियों से तैयार व्यंजन – 21 फरवरी 2015

आज मैं आपको एक स्वास्थ्यवर्धक, खाने में हल्की डिश तैयार करने की विधि बताने जा रहा हूँ, जो बनाने में आसान है और आसानी के साथ हजम भी हो जाती है। यह भी एक तरह की खिचड़ी है, जिसे हरे मटर और गाजर मिलाकर तैयार किया जाता है। हमारे योग सत्रों में शामिल होने वाले उन मेहमानों को, जिनका हाजमा दुरुस्त नहीं होता और जो कुछ हल्का-फुल्का खाना चाहते हैं, हम अक्सर यह बनाकर खिलाते हैं। इस विधि में हम ताज़ा अदरक और हल्दी पाउडर का इस्तेमाल करेंगे। अगर आपको ताज़ी कच्ची हल्दी की गांठें मिल जाएँ तो और भी अच्छा-आप उन्हें भी कच्चे अदरक की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आपको ताज़ा कच्चा अदरक न मिले तो उसकी जगह आप अदरक पाउडर यानी सोंठ पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

खिचड़ी-पोषक तत्वों से भरपूर, दाल, चावल और सब्जियों के मिश्रण से तैयार

तुरत-फुरत तैयार करें: एक ऐसा व्यंजन, जो खाने में हल्का हो, स्वास्थ्यवर्धक हो, स्वादिष्ट हो और जिससे शरीर को आवश्यक सभी पोषक तत्व प्राप्त हो जाते हों!

खिचड़ी तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


100 ग्राम मूंग की दाल
60 ग्राम चावल
50 ग्राम गाजर
50 ग्राम हरे मटर
2 लीटर पानी
1 बड़ा चम्मच वनस्पति तेल

1 छोटी चम्मचज़ीरा
1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
1 छोटा चम्मच ताज़ा कटा हुआ अदरक
स्वाद के अनुसार नमक

खिचड़ी कैसे तैयार करें?

आप मूंग की दाल और चावल को एक साथ मिलाकर और उसे छन्नी में लेकर धो सकते हैं। अच्छी तरह धो लें और उन्हें एक बरतन में पानी मिलाकर कुछ देर भीगने के लिए छोड़ दें, जिससे वे कुछ पानी भीतर सोख लें। इस बीच आप गाजर, अदरक और, अगर ताज़ी कच्ची गाँठ उपलब्ध है तो हल्दी को भी धोकर, छीलकर और बारीक काटकर अलग रख लें।

जब इतना काम हो जाए तो स्टोव जलाकर एक गहरे बरतन में तेल गर्म करें और जब वह पर्याप्त गर्म हो जाए, उसमें जीरा डालकर चलाएँ। अब उसमें कटा हुआ अदरक और हल्दी मिला दें। अगर कच्ची हल्दी की जगह हल्दी पाउडर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे अभी न मिलाएँ। इस मिश्रण को अच्छी तरह चलाते हुए भून लें। जब ये मसाले अच्छी तरह भुन जाएँ और उनका रंग बदलकर हल्का भूरा हो जाए तो उसमें गाजर और हरे मटर भी मिला दें और एक बार चलाकर मसालों को सब्ज़ियों के साथ एकसार कर लें। अब नमक भुरक दें और चलाएँ और फिर लगातार तीन मिनट तक सारे मिश्रण को बीच-बीच में चलाते रहें।

तीन मिनट बाद चावल, मूंग की दाल और पानी भी मसालों के साथ मिला दें। अगर कच्ची हल्दी की जगह हल्दी पाउडर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो हल्दी भी इसी समय डालें और सारे मिश्रण को अच्छी तरह चलाकर बरतन पर ढक्कन रख दें। पानी को उबालें और जब उबाल आ जाए तो आँच धीमी करके सारे मिश्रण को मध्यम आँच में पकने के लिए छोड़ दें-इस बीच आप खाना बनाने का दूसरा काम निपटा सकते हैं!

दस मिनट बाद ढक्कन खोलकर खिचड़ी का जायजा ले सकते हैं। मिश्रण काफी गाढ़ा हो गया होगा। अगर पानी पहले से आधा रह गया हो तो आँच बिल्कुल धीमी कर दें और बरतन पर ढक्कन रखकर एक बार फिर पकने के लिए छोड़ दें। धीमी आँच में जितना अधिक देर खिचड़ी पकेगी, उसका स्वाद उतना ही बढ़ता जाएगा!

हालांकि यह आपके पानी और आँच पर निर्भर करता है, मगर लगभग अगले दस मिनट में मूंग की दाल पानी में पूरी तरह घुल-मिल गई होगी और गाजर और मटर भी अच्छे पक गए होंगे-असल में आपकी खिचड़ी तैयार हो चुकी होगी! अगर आप उसे अधिक गाढ़ा खाना चाहते हैं तो कुछ देर और पकने दें!

इसके बाद खिचड़ी का आनंद लेने का काम ही बचता है-तो बस, शुरू हो जाइए!

सोआ मूंग दाल – सोआ के साथ मूंग की दाल बनाने की विधि – 23 अगस्त 2014

आज का व्यंजन है सोआ मूंगदाल, जो मुझे व्यक्तिगत रूप से बहुत पसंद है और मुझे विश्वास है कि वह उन सबकी भी पसंदीदा डिश बन जाएगी, जो सोआ पसंद करते हैं:सोआ मूंगदाल-सोआ के साथ मूंगदाल मिलाकर बनाया जाने वाला व्यंजन!

सोआ मूंगदाल – सोआ के साथ मूंगदाल

खाने में मज़ेदार, बनाने में आसान और आसानी के साथ हजम हो जाने वाली डिश!

सोआ मूंगदाल बनाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री

1 कप मूंग की दाल
100 ग्राम सोआ
3 कप पानी
1 बड़ा चम्मच वनस्पति तेल
1 छोटी चम्मचज़ीरा
1/2 छोटी चम्मचहल्दी
स्वाद के अनुसार नमक

सोआ मूंगदाल कैसे तैयार करें?

सबसे पहले आपको सोआ को लेकर तैयारी करनी होगी। उसकी बड़ी डंठलों को निकाल दें और बचे हुए हिस्से को बारीक टुकड़ों में काट लें। अब एक बरतन में पानी और मूंगदाल लेकर स्टोव जलाकर उसे तेज़ आँच पर उबलने के लिए रख दें। थोड़ा सा नमक और हल्दी पाउडर मिलाकर चलाएँ और बरतन पर ढक्कन रख दें।

उबलने में ज़्यादा समय नहीं लगेगा लेकिन आपको उस पर नज़र रखनी होगी अन्यथा पानी बरतन के बाहर आने लगेगा और स्टोव को गंदा करेगा। जब पानी उबलने लगे तो स्टोव की आँच को थोड़ा कम कर दें और ढक्कन खोलकर उसमें सोआ मिला दें। मिश्रण को कुछ देर चलाकर बरतन पर पुनः ढक्कन रख दें। ऊपर छेद वाला ढक्कन हो तो ठीक होगा मगर सादा ढक्कन है तो उसे इस तरह रखें कि भाप निकलने की जगह बनी रहे। मुख्य बात यह है कि भाप बाहर निकलती रहे। बीच-बीच में इस मिश्रण को चलाते रहें।

बीस मिनट बाद आपकी दाल पककर मुलायम हो गई होगी और सोआ दाल के साथ अच्छी तरह मिल गया है। मैं इसे थोड़ा गाढ़ा पसंद करता हूँ इसलिए स्टोव बंद करने से पहले थोड़ा और इंतज़ार करता हूँ कि दाल मेरे मन मुआफिक गाढ़ी हो जाए।

अंत में आपको सिर्फ एक कड़ाही में तेल गरम करके दाल में तड़का भर लगाना है। तो, एक कड़ाही लेकर उसमें तेल गरम करें और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए तो उसमें जीरा डालकर चलाएँ। जीरे न जले इसलिए उसे चलाना आवश्यक है। जब जीरे की महक रसोई में फैलने लगे और वह भुनकर हल्का सुनहरा हो जाए तो इस तड़के को सीधे सोआ मिश्रित दाल में झोंक दें। इस सारे मिश्रण को एक बार और चलाएँ और लीजिए, आपकी सोआ मूंगदाल तैयार हो गई!

भोजन साथ इस दाल के चटखारे लीजिए!

मूँग चना – मूँग और चने का व्यंजन तैयार करने की विधि – 19 जुलाई 2014

जब सोमवार को हम केमनित्ज़ पहुंचे तो देखा, हमारी प्रिय मित्र अन्या ने थोड़े से मूँग और थोड़े से चने भिगोकर रखे हैं। उसका इरादा था कि एक से वह रात के खाने के लिए कुछ बना लेगी और दूसरे का इस्तेमाल वह अगले नाश्ते के लिए करने वाली थी। अक्सर वह अपनी बेटी के साथ ही खाना खाती है इसलिए खाना वह बहुत अधिक मात्रा में नहीं पकाती और इसलिए ऐसा लग रहा था कि हमारे आने के बाद सिर्फ मूँग और चने इतने लोगों के लिए पर्याप्त नहीं होंगे। इसके अलावा हमारी मित्र सिल्विया भी हमसे मिलने आने वाली थी अर्थात एक खाने वाला और बढ़ने वाला था! तब यशेंदु के दिमाग में यह बात आई कि क्यों न दोनों को मिलाकर एक डिश बना ली जाए-और वास्तव में खाने के बाद पता चला कि यह तो बेहद स्वादिष्ट बनती है! हम सबको यह डिश बहुत पसंद आई तो सोचा क्यों न आज इसी व्यंजन को बनाने की विधि आपको बताई जाए!

मूँग-चना – खड़े मूँग और खड़े चने की सब्जी

ज़्यादा मेहमान आ गए! परेशानी की कोई बात नहीं-दो दालों को मिलाइए और बनाइए यह स्वादिष्ट व्यंजन! खाने में मज़ेदार, बनाने में आसान!

मूँग-चना बनाने में कितना वक़्त लगता है?

कुल समय:
इसके अलावा मूँग और चने को 6 से 8 घंटे तक भिगोकर रखना होता है।

सामग्री


1 कप साबुत काबुली चने
1 कप साबुत मूँग
6 कप पानी
1 कप दही
400 ग्राम टमाटर
1 बड़े चम्मच खाने का तेल
1 छोटी चम्मचज़ीरा
1 तेज पत्ता
1 छोटी चम्मचगरम मसाला
1 1/2 छोटी चम्मचधनिया पाउडर
1/2 छोटी चम्मचहल्दी पाउडर
1 चुटकी हींग
1 चुटकी लौंग
1 चुटकी जावित्री
1 चुटकी जायफल
स्वाद के अनुसार नमक

मूँग-चना कैसे तैयार करें?

भिगोने से पहले मूँग और चने को अच्छी तरह धो लें। पकाने से लगभग छह से आठ घंटे पहले दोनों को भिगोकर रखना ज़रूरी है। और हाँ, दोनों को अलग-अलग भिगोएँ और ध्यान रखें कि पर्याप्त पानी लें, जिससे पूरे समय मूँग और चने पानी से ढँके रहें।

पकाते समय चने के पानी को फेंक दें और एक बड़े बरतन में छह कप पानी लेकर और थोड़ा सा नमक मिलाकर उसमें चनों को उबालने के लिए आग पर रख दें। बरतन पर ढक्कन रखकर उबलने दें। जब पानी उबलने लगे तो आँच को मध्यम रहने दें, जिससे पानी उबलता रहे। बीच-बीच में उसे चलाते रहें।

30 से 40 मिनट बाद आप उबलते चने में मूँग भी मिला दें और फिर 20 मिनट और उबलने दें। बीच-बीच में मिश्रण को चलाते रहें। इतने समय में मूँग पूरी तरह पककर पानी में घुल जाएँगे।

इस बीच आप टमाटर तैयार कर सकते हैं। सबसे पहले उन्हें अच्छी तरह धोकर उनके छोटे टुकड़े कर लें। एक गहरी कड़ाही में तेल गरम करें और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए, उसमें जीरा, तेजपत्ता, हींग, लौंग, जावित्री, जायफल, गरम मसाला, धनिया पाउडर और हल्दी मिलाकर भून लें। ध्यान रहे ये मसाले जलें नहीं, सिर्फ उन्हें हल्का सुनहरा होने तक भूनना है, जिससे मसालों की महक रसोई में फैल जाए। अब इसमें बारीक कटे हुए टमाटर मिला दें और अच्छी तरह चलाएँ जिससे सारे मसाले टमाटर में अच्छी तरह मिल जाएँ। कड़ाही पर ढक्कन रखकर टमाटर के टुकड़ों को मध्यम आँच में पकने दें।

पाँच मिनट बाद ढक्कन उठाकर मिश्रण को चलाएँ और टमाटर के टुकड़ों को चम्मच की सहायता से हल्के हाथों से दबा-दबाकर उनकी प्यूरी बना लें।

मूँग को जब आग पर रखे 20 मिनट हो जाएँ, आप इस बात की जाँच कर लें कि चने भी अच्छी तरह पक गए हैं या नहीं। इतने समय में उन्हें इतना पक जाना चाहिए कि चने साबुत दिखाई दें मगर मैश न हों। जब ऐसा हो जाए, उसमें मसालों में पके टमाटर की प्यूरी मिला दें। इस मिश्रण को अच्छी तरह चलाकर एक बार फिर उबलने दें। फिर स्टोव बंद करके मिश्रण को नीचे उतार लें।

अंत में एक कप दही लें, जिसे पहले ही अच्छी तरह चलाकर पतला कर लिया जाना चाहिए। इस पतले दही को धीरे-धीरे चने और टमाटर के इस मिश्रण में मिलाएँ। धीरे-धीरे दही मिलाते हुए मिश्रण को चलाते रहें, जिससे सारा मिश्रण एकसार हो जाए।

भोजन के साथ गर्मागर्म परोसें और मित्रों के साथ भोजन का आनंद उठाएँ!

उड़द की दाल – काली उड़द की दाल बनाने की विधि – 14 जून 2014

भारत में कई तरह की दालें उपलब्ध होती हैं और हर दाल का अपना अलग स्वाद होता है। वे भारतीय भोजन का अनिवार्य हिस्सा होती हैं और आज मैं आपको एक और दाल बनाने की विधि बताना चाहता हूँ। आप देखेंगे कि सिर्फ दाल बदल देने भर से आपको उस व्यंजन का अलग स्वाद प्राप्त होता है। चलिए, नीचे लिखी विधि से उड़द की दाल पकाएँ और उसके अनोखे स्वाद से अपने भोजन को और लज़ीज़ और लुभावना बनाएँ!

उड़द की दाल – काली उड़द

थोड़ी गरिष्ठ और प्रोटीन से भरपूर इस खास दाल को घर पर बनाएँ और मित्रों के साथ उसका मज़ा लें!

उड़द की दाल बनाने में कितना वक़्त लगता है?

कुल समय:
इसके अतिरिक्त लगभग आधा घंटा दाल को भिगोकर रखना होता है।

सामग्री


150 ग्राम उड़द की दाल, काली उड़द
1.5 लीटर पानी
2 टमाटर
1 बड़े चम्मच घी
1 छोटी चम्मचज़ीरा
1 छोटी चम्मचअदरक (बारीक कटा हुआ)
1 छोटी चम्मचधनिया पाउडर
1/2 छोटी चम्मचहल्दी पाउडर
स्वाद के अनुसार नमक

उड़द की दाल कैसे पकाएँ?

दूसरी बड़ी दालों की तरह ही आपको पकाना शुरू करने से पहले उड़द की दाल को भी लगभग आधा घंटा पानी में भिगोकर रखना होता है। इससे दाल थोड़ी नर्म हो जाती है और तब उसे उबालने में या पकाने में ज़्यादा वक़्त नहीं लगता।

एक बरतन में पानी और उड़द की दाल को साथ लेकर उसे स्टोव पर उबलने के लिए रख दें। लगभग आधे घंटे तक उड़द की दाल को उबलने दें और बीच-बीच में उसे चलाते रहें, जिससे वह बरतन में नीचे लगे नहीं। इतने समय में वह पर्याप्त नर्म हो जाती हैं।

इस बीच आप टमाटर धोकर बारीक टुकड़ों में काट लें। अदरक छीलकर उसे भी बहुत बारीक काटकर अलग रख लें। दाल में मिलाने के लिए हमें लगभग आधा छोटा चम्मच ताज़ा अदरक चाहिए। बीच-बीच में दाल को भी देखते रहें और आधा घंटे बाद उसे उँगलियों से मसलकर भी देखें कि वह पर्याप्त नर्म हो गई है या नहीं। जब वह पर्याप्त नर्म हो जाए, बरतन को स्टोव पर से उतार लें।

आपका अगला काम होगा तड़का तैयार करना, जोकि सब मसालों का मिश्रण होता है। एक कड़ाही में घी गरम करें और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए उसमें जीरा, हींग, धनिया पाउडर, हल्दी पाउडर और अंत में ताज़ा अदरक मिलाकर अच्छी तरह चलाएं। थोड़ी देर चलाते रहें, जिससे मसालों की खुशबू आने लगे और वे जलें नहीं। जब रसोई मसालों की लुभावनी खुशबू से गमकने लगे और उनका रंग बदलकर थोड़ा सुनहरा या हल्का भूरा हो जाए तो उसमें टमाटर मिला दें और मिश्रण को अच्छी तरह चलाएं। बीच-बीच में मिश्रण को चलाते हुए टमाटर को अच्छी तरह पककर मुलायम हो जाने दें, जिससे मसाले भी उनके साथ मिलकर एकसार हो जाएंगे।

जब टमाटर अच्छी तरह पककर लगभग उसकी लुगदी या प्यूरी बन जाए तो मिश्रण को स्टोव पर से नीचे उतार लें और उसे दाल में मिलाकर अच्छी तरह चलाएं। स्वाद के अनुसार नमक मिलाएँ और चाहें तो ताज़ी, साफ, कटी हुई धनिया पत्ती रखकर उसकी सजावट भी कर लें।

बस, अब भोजन के साथ इस दाल का मज़ा लें!

मटर की दाल – हरे मटर की दाल – 24 मई 2014

यहाँ जर्मनी में हम बहुत अच्छा समय व्यतीत कर रहे हैं, विशेषकर अपरा को यहाँ हर नई चीज़ देखकर बड़ा मज़ा आ रहा है! वह हर तरह का जर्मन खाना, जो भी उसके सामने आता है, चखकर देख रही है लेकिन हम भारतीय खाना भी पकाते हैं-सिर्फ उसके लिए नहीं बल्कि हम सबके लिए और अपने आयोजकों के परिवारों और दूसरे मित्रों के लिए भी। एक डिश, जिसे यहाँ हर कोई पसंद कर रहा है नीचे लिख रहा हूँ:

मटर की दाल-हरे मटर की दाल

सूखे हरे मटर की दाल को खास भारतीय पद्धति से बनाकर देखिए-बनाने में इतनी आसान कि आप सोच भी नहीं सकते और स्वादिष्ट इतनी कि आप अपनी उँगलियाँ चाटते रह जाएंगे!

मटर की दाल बनाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:
इसके अलावा मटर को लगभग एक घंटा भिगोकर रखना होगा।

सामग्री


200 ग्राम हरे मटर की दाल
1.5 लीटर पानी
200 ग्राम टमाटर
1 बड़े चम्मच घी
1 छोटी चम्मचज़ीरा
1 छोटी चम्मचअदरक (बारीक कटा हुआ)
1/2 छोटी चम्मचगरम मसाला
1 छोटी चम्मचधनिया पाउडर
1/2 छोटी चम्मचहल्दी पाउडर
सजावट के लिए हरी धनिया पत्ती

स्वाद के अनुसार नमक

मटर की दाल कैसे पकाएँ?

सूखी हुई मटर बहुत सख्त होती है इसलिए पकाने से पहले उसे लगभग एक घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखना होता है। तो, डेढ़ लीटर पानी एक बड़े से बरतन में लेकर मटर को भिगोने के लिए रख दीजिए। एक घंटे बाद स्टोव जलाकर बरतन को तेज़ आंच पर रखकर मटर उबालिए। बरतन पर ढक्कन रखकर उबलने दीजिए और जब उसमें उबाल आ जाए तो मटर को चलाकर स्टोव को मध्यम आंच पर ले आइए और पुनः ढक्कन रख दीजिए, जिससे मटर कुछ देर में पक जाए। बीच-बीच में ढक्कन उठाकर मटर को चलाते भी रहें।

इस बीच आप टमाटर धोकर उन्हें बारीक टुकड़ों में काट लें। अदरक को छीलकर उन्हें भी बहुत छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर रख लें। हमें दाल में मिलाने के लिए लगभग एक चाय का चम्मच अदरक की ज़रूरत होगी। लगभग तीस मिनट बाद आप इस बात की जांच कर लें कि मटर आपकी पसंद के अनुसार पर्याप्त नर्म हो गए या नहीं। जब हो जाएँ तो बरतन को स्टोव पर से उतार लें।

अब आप एक छोटी कड़ाही में घी गरम करें और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए तो उसमें जीरा, गरम मसाला, धनिया पाउडर, हींग, हल्दी पाउडर और अदरक के टुकड़े डालकर उन्हें हल्के हाथों से चलाएं। जब तक इन मसालों की खुशबू रसोई में फैल न जाए, मसालों को चलाते रहें, जिससे वे जले नहीं और अदरक के टुकड़े थोड़े से पारदर्शी न हो जाएँ। अब मसालों में टमाटर के टुकड़े भी मिला दें।

टमाटर सहित मिश्रण को अच्छी तरह चलाएं, जिससे वे भी गरम होकर थोड़े मुलायम हो जाएँ और एक झारे या बड़े चम्मच से उन्हें मसलकर उनकी प्यूरी बना लें। जब टमाटर की प्यूरी बन जाए और मसाले उनमें एकसार हो जाएँ तो उबले हुए मटर इस मिश्रण में मिला दें और सारे मिश्रण को भी अच्छी तरह चलाएं।

अब आखिर में आप उसमें अपने स्वाद के अनुसार नमक मिलाएँ और फिर से एक बार अच्छी तरह चलाएं, जिससे मटर अच्छे गरम हो जाएँ। बस हो गया! अगर आप चाहें तो सजावट के लिए थोड़ी सी धनिया पत्ती धोकर परोसने से पहले मटर की दाल पर भुरका दें।

बस, भोजन के साथ इस दाल का मज़ा लें!

साबुत मूंग की दाल – 2 नवंबर 2013

आज हम लोग साबुत मूंग की दाल बनायेंगे। यह एक दाल की डिश है और इसलिए भारत में बहुत लोकप्रिय है। इसका स्वाद बहुत अच्छा है और प्रोटीन्स से भरपूर होते हुए भी यह पेट के लिए हल्की होती है। आम तौर पर भारत में दालों के व्यंजन, सब्जी और दही के साथ भोजन का प्रमुख हिस्सा होते हैं। इस बार साबुत मूंग की दाल बनाकर देखें और उसका मज़ा लें!

साबुत मूंग की दाल

बनाने में आसान, स्वादिष्ट और स्वास्थ्यकर! इस आम भारतीय डिश को तैयार कीजिए और मित्रों के साथ स्वादिष्ट भोजन का मज़ा लीजिए!

साबुत मूंग की दाल पकाने में कितना समय लगता है?

कुल समय:
उसके पहले मूंग की दाल को तीन घंटे भिगाकर रखना होगा।

सामग्री

1 कप साबुत मूंग दाल
5 कप पानी
2 मझोले आकार के टमाटर
1 बड़े चम्मच घी
1 छोटी चम्मच ज़ीरा
1/4 छोटी चम्मच साबुत सरसो
1/2 तेज़ पत्ता
1 छोटी चम्मच अदरक (बारीक कटा हुआ)
1/2 छोटी चम्मच गरम मसाला
1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
या
1 टुकड़ा ताजा हल्दी
10 या 15 करी पत्ते
स्वाद के अनुसार नमक

साबुत मूंग की दाल कैसे बनाएँ?

मूंग को धो लें और भिगोकर रख दें। बनाने से पहले मूंग को तीन घंटे तक भिगोकर रखते हैं ताकि वह कुछ नर्म हो जाए। शुरू में ही इतना पानी रखें की फूलने के बाद भी मूंग पानी में डूबे रहें मगर इतना ज़्यादा भी नहीं कि बाद में अतिरिक्त पानी फेंकना पड़े और उसके साथ मूंग के बहुमूल्य नैसर्गिक तत्व बरबाद हों। अदरक छीलकर बारीक काट लें।

जब आप दाल पकाना शुरू करें तो एक तरफ मूंग को, उसमें नमक, हल्दी और अदरक डालकर पानी सहित स्टोव पर रख दें। इस मिश्रण को पंद्रह मिनट उबलने दें। मूंग को इतना पकाएँ कि वे मुलायम होकर पानी में घुलना शुरू हो जाएँ।

मूंग को उबलने दें और दूसरी तरफ टमाटर धोकर बारीक काट लें। जब मूंग पक जाए तो एक कढ़ाई में घी गरम करें। जब वह पर्याप्त गरम हो जाए तो उसमें हींग, जीरा, तेज-पत्र, गरम-मसाला, धनिया पाउडर और कढ़ी पत्ते डालकर हल्के हाथों से चलाएं जिससे ये मसाले जलें नहीं और उनकी सुगंध रसोई में फैल जाए। जब खुशबू फैल जाए और मसाले हल्के सुनहरे हो जाएँ तो उसमें टमाटर डाल दें और फिर उन्हें पककर मुलायम हो जाने दें। आप उन्हें एक मोटे चम्मच से दबाकर मैश भी कर सकते हैं।

जब टमाटर मुलायम होकर बिखरने लगें या आप उन्हें मैश कर लें तो उसमें साबुत मूंग मिला दें। तेज़ी के साथ अच्छे से चलाएं और सारे मिश्रण को एक बार और गरम होने दें। और बस, आपकी साबुत मूंग की दाल तैयार है! सजावट के लिए उस पर बारीक कटी हुई धनिया पत्तियों को बिखेर दें!

दाल मखानी – मलाईदार शाही दाल – 29 जून 2013

बहुत दिनों से मैंने दाल से बनने वाली डिश बनाने की विधि आपको नहीं बताई है। भारतीय रसोई में कई तरह की दालें होती हैं इसलिए उन्हें भूलने की गुस्ताखी मैं नहीं कर सकता। पश्चिम में अधिकतर लोग दाल उतना पसंद नहीं करते। सोचते हैं, यह एक बिना मसालों वाली बेस्वाद और बोरिंग डिश है। जब ये लोग आश्रम आते हैं हम उन्हें दालों और बीजों(beans) से बनने वाले तरह-तरह के सुस्वादु व्यंजन चखाते हैं और तब वे उँगलियाँ,….. नहीं, चम्मच चाटते रह जाते हैं। यहाँ मैं ऐसी ही एक डिश बनाने की विधि बताने जा रहा हूँ, वास्तव में जिसे एक शाही व्यंजन कहना अनुपयुक्त नहीं होगा। इसे खास मौकों पर बनाया जाता है: दाल मखानी; उड़द दाल, चना दाल और राजमा को मलाईदार तरी के साथ बनाया जाने वाला व्यंजन!

दाल मखानी – मलाईदार दाल का व्यंजन

अपने मेहमानों को मलाईदार शाही स्वाद से परिचित कराके आश्चर्यचकित कर दें! मलाईदार, स्वादिष्ट और अप्रतिम!

दाल मखानी बनाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

इसके अलावा दालों को, मूंग फल्ली को और राजमा को भिगोने में 4 घंटे का समय अतिरिक्त लगेगा।

सामग्री

60 ग्राम उड़द की दाल
30 ग्राम चना दाल
10 ग्राम राजमा
300 मिलीलीटर पानी
1 बड़े चम्मच घी
1 छोटी चम्मच ज़ीरा
1/4 छोटी चम्मच हल्दी
30 मिलीलीटर क्रीम
2 छोटी चम्मच अदरक (बारीक कटा हुआ)
2 मध्यम आकार के टमाटर
1 चुटकी हींग
1 चुटकी जावित्री
सजावट के लिए थोड़ी सी हरी धनिया पत्ती
स्वाद के अनुसार नमक

दाल मखानी कैसे तैयार की जाती है?

सबसे पहले उड़द दाल, चना दाल और राजमा को अच्छे से धोकर एक बर्तन में रखें और उसमें पानी मिला दें। उन्हें 4 घंटे तक भीगने दें।

चार घंटे बाद इस बर्तन को आग पर रखें और हल्दी, नमक डालकर उबलने दें। उस पर ढक्कन रख दें और मध्यम आंच में दालों को तीस मिनट तक पकने दें। राजमा को पककर मुलायम होने में इतना समय लग जाता है। बीच-बीच में मिश्रण को चलाते रहें।

इस बीच आप टमाटर बारीक काट लें, अदरक छीलकर उसके बहुत बारीक टुकड़े कर लें। हम लगभग 1 चाय का चम्मच ताज़ा अदरक इस्तेमाल करते हैं मगर यह आपकी पसंद और स्वाद पर निर्भर है, आप इस मात्रा को कम या ज़्यादा कर सकते हैं। जब राजमा भी, जो सबसे सख्त होता है, पककर नर्म हो जाए, उबलती दालों के बर्तन को नीचे उतार लें।

एक कढ़ाई में तेल गरम करें और उसमें जीरा, हींग, जावित्री और अदरक डालकर चलाएं जिससे मसाले जल न जाए। जब अदरक पारदर्शी हो जाए, उसमें टमाटर के टुकड़े मिला दें और तेज़ी से चलाएं। इस मिश्रण को तब तक पकने दें जब तक टमाटर गलकर लगभग प्यूरी जैसा एकसार न हो जाए। अब उसमें उड़द दाल, चना दाल और राजमा का पहले से पका मिश्रण मिला दें। इस पूरे मिश्रण को अच्छे से चलाएं।

आखिर में आपको इस मिश्रण में सिर्फ क्रीम मिलानी है और सारे मिश्रण को एक बार और गरम करना है।

परोसने से पहले उसे साफ कटी हुई धनिया पत्ती और क्रीम से सजाना न भूलें! बस, उसके बाद मेहमानों के साथ इस शाही व्यंजन का मज़ा लें!

सूखी साबुत मूंग बनाने की विधि – 11 मई 2013

मैंने पहले बताया था कि गर्मियों में, जो यहाँ वृंदावन में शुरू हो गई है, सभी हल्का भोजन करना पसंद करते हैं। गर्मियों में आप बहुत गरिष्ठ खाना पसंद नहीं करते बल्कि आसानी से हजम होने वाले भोज्य पदार्थ खाना पसंद करते हैं। ऐसा ही साबुत मूंग की सब्जी बनाने का नुस्खा मैं आज आपको बताने जा रहा हूँ।

साबुत मूंग की सूखी सब्जी

स्वादिष्ट, प्रोटीन युक्त, बनाने में आसान और जो दही, चटनियों और साधारण मसालों के साथ या वैसे ही अकेले खाई जा सकती है।

साबुत मूंग की सूखी सब्जी बनाने में कितना वक्त लगता है?

कुल समय:

साबुत मूंग को पहले 6 घंटे तक पानी में भिगोकर रखना पड़ता है।

सामग्री


1 कप साबुत मूंग
2 कप पानी
1 छोटी चम्मच ज़ैतून का तेल अथवा जिस भी तेल में आप भोजन बनाते हैं|
1/2 छोटी चम्मच ज़ीरा
1/2 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
1 नींबू
50 ग्राम धनिया पत्ती
स्वाद के अनुसार नमक

साबुत मूंग की सब्जी कैसे बनाए?

अगर आप यह सब्जी सबेरे बनाना चाहते हैं तो आप साबुत मूंग को रात में ही दो कप पानी में भिगोने के लिए रख दें। अगर शाम को बनाना चाहते हैं तो सबेरे रखें। मूंग को लगभग 6 घंटे पानी में भिगोना ज़रूरी है।

आप मूंग और पानी सहित बर्तन को आग पर चढ़ा दें और पानी को उबलने दें। बीच बीच में मूंग को चलाते रहें। आपको तब तक उसे उबालना है जब तककि पानी वाष्पीकृत होकर सूख न जाए और मूंग में जज़्ब न हो जाए। आप इस समय का उपयोग धनिया पत्ती को धोने, चुनने और बारीक काटकर रखने में कर सकते हैं। लगभग 10 मिनट में जब कि आप मूंग को चलाते भी रहते हैं मूंग पर्याप्त पानी सोखकर हल्का सूख जाएगा। तब उसे आग पर से उतार लें।

अब एक कढ़ाई में तेल गरम करें। जब तेल अच्छा गरम हो जाए तो उसमें जीरा और धनिया पाउडर डाल दें और उसे चलाएं जिससे वह जल न जाए और उनकी सुगंध फैल जाए। जब वे अच्छी तरह भुन जाएँ मूंग को उसमें मिला दें और अच्छे से चलाएं जिससे सारा मसाला मूंग के साथ मिल जाए। स्वाद के अनुसार नमक मिलाएँ और फिर अच्छे से चलाएं।

आपकी मूंग की सब्जी तैयार है। उसे नीचे उतार लें और ताज़ी कटी धनिया पत्ती ऊपर से भुरका दें। स्वाद के अनुसार नींबू निचोड़कर मूंग की सब्जी परोसें।

खुद भी मज़ा लें!