माता-पिता के प्रेम में अपने जीवन से खिलवाड़ – 23 अप्रैल 2015

स्वामी बालेंदु एक वयस्क युवती का किस्सा बयान कर रहे हैं, जो इस डर से कि उसके माता-पिता को बुरा लग सकता है, अपने सपनों को साकार करने या अपने जीवन के लक्ष्यों को पाने का प्रयास छोड़ देती है।

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महत्वाकांक्षी होना अच्छा है – लेकिन स्वार्थी न हों – 3 मार्च 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि महत्वाकांक्षी होना क्यों बुरा नहीं है। यहाँ उसके फ़ायदों और नुक़सानों के बारे में पढ़िये और जानिए कि कैसे उसका प्रयोग आप अपने पक्ष में कर सकते हैं और ऐसा करते हुए आपको किन बातों का खयाल रखना चाहिए।

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