सामान्य टूरिस्ट गाइडों से हम किस तरह अलग हैं? 22 जुलाई 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि वे अपना टूर गाइड व्यवसाय किस तरह चलाते हैं, कैसे यात्रियों के साथ हमारे व्यवहार में ईमानदारी, शराफत और सत्यनिष्ठा सर्वोपरि होते हैं और कैसे वे यात्री हमारे ग्राहक बनने के बाद मित्र भी बन जाते हैं।

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एक अधार्मिक आश्रम धार्मिक प्रश्नों के क्या उत्तर देता है – 11 फरवरी 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि ऐसे लोगों की लिखित पूछताछ का, जो स्पष्ट ही उनसे मेल नहीं खाते यानी धार्मिक अपेक्षाएँ लिए हुए धार्मिक लोग, तो वे उनका क्या उत्तर देते हैं!

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पूरी तरह धर्म रहित अनुभव के लिए हमारे आश्रम में आपका स्वागत है – 10 फरवरी 2015

स्वामी बालेंदु अपने आश्रम और दूसरे धार्मिक आश्रमों के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए बता रहे हैं कि लोग क्यों उनके जैसे गैर-धार्मिक आश्रमों में आना पसंद करते हैं।

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ईमानदार रहिए, अच्छे रहिए, प्यारे और भोलेभाले दिखाई दीजिए मगर धोखेबाजी से नहीं! 9 सितम्बर 2014

स्वामी बालेन्दु नम्रता प्रदर्शित करने की आम भारतीय आदत के बारे में बता रहे हैं, जो सामान्यतः दिल को बहुत भाती है मगर कभी-कभी वास्तव में झूठ होती है!

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लेखकों: जब कोई आपकी रचना की नक़ल करे तो सम्मान महसूस करें! 1 सितम्बर 2014

स्वामी बालेन्दु लेखकों की कड़ुवी त्रासदी की चर्चा कर रहे हैं: बिना इजाज़त उनकी रचना उड़ा ली जाती है, टुकड़ों-टुकड़ों में उन्हें नेट पर इधर-उधर पोस्ट कर दिया जाता है, दूसरी जगह उन्हें प्रकाशित किया जाता है, और उनका नामोल्लेख तक नहीं किया जाता!

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हम अपने स्कूली बच्चों के अभिभावकों के छोटे-मोटे झूठ क्यों स्वीकार कर लेते हैं? 18 अगस्त 2014

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे हमारे स्कूल के बच्चों के अभिभावक आदतन बेईमानी करते हैं और जब आमदनी की बात चलती है तो उनके झूठ का पता चलता है!

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ईमानदारी से जवाब दें, चाहे किसी को बुरा लगे या भला – 23 मार्च 13

स्वामी बालेन्दु बताते हैं कि पूछे गए प्रश्न का उत्तर ईमानदारी से दें । सामने वाले को आपका उत्तर बुरा लगे या भला, इसकी चिंता न करें।

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उल्टा – सीधा जवाब देने के बजाए जवाब ही न दें तो बेहतर होगा – 21 मार्च 13

स्वामी बालेन्दु बताते हैं कि इस तीसरे विकल्प का इस्तेमाल करो यदि आपको लगता है कि आपके उत्तर से प्रश्नकर्ता नाराज़ हो जाएगा!

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दूसरों को खुश करने के लिए झूठ न बोलें – 20 मार्च 13

स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि आमतौर पर जब कोई हमसे कुछ पूछता है तो हम वह जवाब देते हैं जो प्रश्नकर्ता को पसंद आएगा।

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धार्मिक और आध्यात्मिक लोगों के लिए 15 सवाल- 1 अक्तूबर 2012

स्वामी बालेंदु धर्म और आध्यात्मिकता से संबन्धित प्रश्नों पर गहराई से सोचने के बाद 15 चुने हुए प्रश्न सबके सामने रख रहे हैं, जिन्हें धार्मिक और आध्यात्मिक व्यक्तियों को अपने आप से पूछना चाहिए।

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