Tag: भारत

क्या सकारात्मक नज़रिया आपको फूड पॉयज़निंग से बचा सकता है? 1 नवंबर 2015
क्या सकारात्मक नज़रिया आपको फूड पॉयज़निंग से बचा सकता है? 1 नवंबर 2015
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि भारत में कहीं भी बाहर खाते-पीते समय आपको क्यों ... Read More
जब आश्रम आना ऐसा लगता है जैसे किसी विशाल चिड़ियाघर देखने आए हों - 20 अक्टूबर 2015
जब आश्रम आना ऐसा लगता है जैसे किसी विशाल चिड़ियाघर देखने आए हों – 20 अक्टूबर 2015
स्वामी बालेंदु आश्रम में और आश्रम के बाहर वृंदावन में घूमते हुए हर कहीं दिखाई ... Read More
आक्रामक टूरिस्ट गाइड्स भारत में स्वच्छंद घूमने-फिरने का मज़ा किरकिरा कर देते हैं - 11 अक्टूबर 2015
आक्रामक टूरिस्ट गाइड्स भारत में स्वच्छंद घूमने-फिरने का मज़ा किरकिरा कर देते हैं – 11 अक्टूबर 2015
स्वामी बालेंदु भारत भ्रमण पर आए विदेशी यात्रियों के कटु अनुभवों का वर्णन करते हुए ... Read More
भारत में सामाजिक परिस्थिति लगातार बेहद शर्मनाक, शोचनीय और पीड़ादायक हो चली है - 7 अक्टूबर 2015
भारत में सामाजिक परिस्थिति लगातार बेहद शर्मनाक, शोचनीय और पीड़ादायक हो चली है – 7 अक्टूबर 2015
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि क्यों वे समझते हैं कि भारत में मौजूदा हालत ... Read More
जब मुझे अछूत के पास बैठने पर आगाह किया गया - 4 अक्टूबर 2015
जब मुझे अछूत के पास बैठने पर आगाह किया गया – 4 अक्टूबर 2015
स्वामी बालेंदु उनके साथ हुई एक घटना की चर्चा कर रहे हैं, जो दर्शाती है ... Read More
भारत में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस - चीन से चटाइयां और योग के शक्तिशाली व्यापारियों को धनलाभ - 21 जून 2015
भारत में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस – चीन से चटाइयां और योग के शक्तिशाली व्यापारियों को धनलाभ – 21 जून 2015
स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि कैसे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के समारोहों में पर्दे के ... Read More
मेरी प्रिय, पश्चिम की महिलाओं: भारतीय पुरुषों से ऑनलाइन प्रेम संबंध बनाते समय सतर्क रहें - 15 जून 2015
मेरी प्रिय, पश्चिम की महिलाओं: भारतीय पुरुषों से ऑनलाइन प्रेम संबंध बनाते समय सतर्क रहें – 15 जून 2015
यह बड़ी आम बात है कि अक्सर पश्चिमी महिलाएँ भारतीय पुरुषों से ऑनलाइन चैटिंग करती ... Read More
भारत में शिक्षा व्यवसाय को बंद कराने में अम्माजी'ज़ आयुर्वेदिक रेस्तराँ किस तरह सहायक होगा? 21 मई 2015
भारत में शिक्षा व्यवसाय को बंद कराने में अम्माजी’ज़ आयुर्वेदिक रेस्तराँ किस तरह सहायक होगा? 21 मई 2015
स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि क्यों वे सोचते हैं कि धनी और गरीब दोनों ... Read More
धनवान और गरीब सभी के लिए एक जैसी उच्च स्तरीय मुफ्त शिक्षा का सपना - 20 मई 2015
धनवान और गरीब सभी के लिए एक जैसी उच्च स्तरीय मुफ्त शिक्षा का सपना – 20 मई 2015
स्वामी बालेंदु अपने इस स्वप्न का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसके अनुसार वे एक ऐसा ... Read More
भारत - जहाँ शिक्षा भ्रष्टाचार और पैसे वालों की शिकार हो गई है - 19 मई 2015
भारत – जहाँ शिक्षा भ्रष्टाचार और पैसे वालों की शिकार हो गई है – 19 मई 2015
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि गरीबों और मध्य वर्ग के लोगों के लिए बच्चों ... Read More
भारत का पैसा कमाने का स्कूली धंधा: शिक्षा की बिक्री - 13 मई 2015
भारत का पैसा कमाने का स्कूली धंधा: शिक्षा की बिक्री – 13 मई 2015
स्वामी बालेंदु अपने शहर के स्कूलों का उदाहरण देते हुए बता रहे हैं कि भारत ... Read More
हमारे गरीब बच्चों की और हमारी निराशा और असहाय स्थिति - 12 मई 2015
हमारे गरीब बच्चों की और हमारी निराशा और असहाय स्थिति – 12 मई 2015
स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि कैसे उन्हें और उनके स्कूल के बच्चों को बड़ी ... Read More
भारत में विवाह पवित्र बंधन है इसलिए पति के द्वारा किया गया जबरन सम्भोग बलात्कार नहीं - 6 मई 2015
भारत में विवाह पवित्र बंधन है इसलिए पति के द्वारा किया गया जबरन सम्भोग बलात्कार नहीं – 6 मई 2015
स्वामी बालेन्दु एक मंत्री के एक हास्यास्पद बयान का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसमें उसने ... Read More
अपने आस-पास नज़र दौड़ाएँ और देखें कि कोई भूखा तो नहीं सो रहा! 4 मई 2015
अपने आस-पास नज़र दौड़ाएँ और देखें कि कोई भूखा तो नहीं सो रहा! 4 मई 2015
स्वामी बालेंदु कुछ तथ्य रख रहे हैं: दुनिया में और भारत में व्याप्त भूख के ... Read More
पति, पत्नी और प्रेमी तथा उनकी समस्या सुलझाने वाले दस लोग - 8 अप्रैल 2015
पति, पत्नी और प्रेमी तथा उनकी समस्या सुलझाने वाले दस लोग – 8 अप्रैल 2015
भारत के बहुत से इलाकों में वैवाहिक समस्याएँ किस तरह से सुलझाई जाती हैं: कुछ ... Read More
"मैं ईश्वर की इच्छा से गरीब हूँ और इस बारे में कुछ नहीं किया जा सकता" - धर्म का बुरा प्रभाव - 26 मार्च 2015
"मैं ईश्वर की इच्छा से गरीब हूँ और इस बारे में कुछ नहीं किया जा सकता" – धर्म का बुरा प्रभाव – 26 मार्च 2015
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि न जाने कितने लोग अपनी बुरी हालत को सहजता ... Read More