Tag: मित्र
यहाँ सब कुछ आभासी नहीं है: जब सोशल मीडिया मित्रों को वास्तविक जीवन में एक-दूसरे से मिलवाता है! 16 दिसंबर 2015
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे सोशल मीडिया के ज़रिए उन्हें अपने जीवन में ... Read More
एक और समारोह, जिसने बच्चों को आश्चर्य में डाल दिया – 19 अक्टूबर 2015
आज आश्रम में आयोजित एक और पार्टी का वर्णन करते हुए स्वामी बालेंदु बता रहे ... Read More
दोस्तों के साथ मौजमस्ती से भरपूर समय बिताना – 18 अक्टूबर 2015
स्वामी बालेंदु उनके आश्रम में आए हुए दोस्तों के बारे में चर्चा करते हुए बता ... Read More
बात करने के लिए कभी-कभी आपको किसी दूरस्थ मित्र की ज़रूरत पड़ती है – 8 सितंबर 2015
स्वामी बालेंदु अपने एक मित्र का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसने बात करने के लिए ... Read More
सीज़न शुरू होते ही दोस्तों का आना शुरू हो चुका है – आश्रम के जीवन में परिवर्तन हो रहा है – 6 सितंबर 2015
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि आश्रम में नए-पुराने दोस्तों का आना-जाना शुरू हो गया ... Read More
लोगों के जीवन पर धर्म और ईश्वर का प्रभाव – भारत और पश्चिमी देशों के बीच तुलना – 3 अगस्त 2015
स्वामी बालेन्दु ईश्वर और धर्म के प्रभाव के मामले में भारत और पश्चिमी देशों में ... Read More
वृन्दावन के हमारे आश्रम में नास्तिक सम्मेलन – 26 जुलाई 2015
स्वामी बालेंदु दो दिन पहले उनके आश्रम में आयोजित नास्तिक सम्मेलन के बारे में बता ... Read More
पश्चिमी महिला के लिए क्यों भारत में सामाजिक जीवन बनाने में दिक्कतें पेश आ सकती हैं – 2 जुलाई 2015
स्वामी बालेंदु उन दिक्कतों के बारे में लिख रहे हैं, जो एक पश्चिमी महिला के ... Read More
अगर आप अपनी पत्नी के साथ बलात्कार नहीं करते तो आप भारत के सिर्फ 25% लोगों में से एक हैं – 10 जून 2015
अपने मित्र के साथ बलात्कार पर और उससे जुड़े आँकड़ों पर हुई चर्चा का ज़िक्र ... Read More
आप बिकनी पहनना ठीक नहीं समझते? मेरी पत्नी उन्हें बीच पर पहनती हैं! क्या हम अब भी दोस्त बने रह सकते हैं? 9 जून 2015
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि क्यों उन्हें उन लोगों के साथ घनिष्ठ होना कठिन ... Read More
जब परिवर्तन मित्रों के बीच नज़दीकियाँ कम कर देते हैं – 8 जून 2015
स्वामी बालेंदु अपने एक मित्र का ज़िक्र करते हुए बता रहे हैं कि कैसे उन्होंने ... Read More
पुराने दोस्तों से दूरी पर दुखी न हों, आप इस विषय में कुछ नहीं कर सकते! 3 मई 2015
स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि बहुत करीबी मित्रों के बहुत दूर चले जाने पर ... Read More
अपने वास्तविक मित्रों के साथ मिलकर बदलावों को अनुभव करने का सुखद एहसास – 29 मार्च 2015
स्वामी बालेन्दु आश्रम में आए हुए मेहमानों का ज़िक्र करते हुए बता रहे हैं कि ... Read More
जब एक राजनेता के प्रति अपने समर्पण और भक्ति को पुरानी मित्रता से अधिक महत्व दिया जाता है -15 फरवरी 2015
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे एक राजनैतिक नेता की आलोचना करने के कारण ... Read More
क्या मैं पैसे कमाने के लिए नास्तिक हो गया – 8 फरवरी 2015
जब स्वामी बालेंदु को पता चला कि उनके एक पुराने दोस्त को यह शक हो ... Read More
जब मैं पारंपरिक विवाह समारोह में शिरकत करता हूँ तो क्या मैं दहेज प्रथा का समर्थन करता हूँ? 25 दिसंबर 2014
स्वामी बालेंदु एक दहेज प्रथा विरोधी भारतीय के इस सवाल का जवाब दे रहे हैं ... Read More
हाँ, मैं मांसाहार को लेकर असहिष्णु हूँ- और इस विषय में मुझे कोई अपराधबोध भी नहीं है – 10 दिसम्बर 2014
स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि मांस खाने वाले मित्रों के साथ भोजन करते हुए ... Read More
अच्छे और बुरे, दोनों वक़्तों में, दोस्त दोस्त होते हैं – 4 दिसंबर 2014
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे वे आजकल आश्रम आए हुए अपने दोस्तों के ... Read More
जब मित्र आपके ज़ख़्मों पर मरहम लगाते हैं – 16 नवंबर 2014
स्वामी बालेंदु 2006 के अंत में हुई बहन की मृत्यु की घटना के संदर्भ में ... Read More
अलग-अलग आस्था रखने वाले मित्र – यह मित्रता कैसे निभ सकती है! 4 नवंबर 2014
स्वामी बालेंदु विस्तार से बता रहे हैं कि वे कैसे धार्मिक मित्रों के साथ पटरी ... Read More
जब स्वयं को प्रबुद्ध समझने वाले व्यक्ति असंवेदनशील बन जाते हैं! 2 नवम्बर 2014
स्वामी बालेन्दु एक ईमेल का ज़िक्र कर रहे हैं, जो उन्हें उनकी बहन की मृत्यु ... Read More
कैसे? केवल परिचित ही नहीं बल्कि मित्र बनायें! 16 सितम्बर 2014
स्वामी बालेन्दु मित्रता के बारे में लिखते हुए अपने मित्रों के बारे में बता रहे ... Read More
पार्टी, जिसके लिए मैं खास तौर पर भारत से जर्मनी आया – 15 सितम्बर 2014
स्वामी बालेन्दु अपने जर्मन मित्र के 60वें जन्मदिवस पर आयोजित पार्टी का वर्णन कर रहे ... Read More
यौनिकता को स्वीकार करें – सिर्फ उसके बारे में प्रवचन देना ही पर्याप्त नहीं है! 14 सितंबर 2014
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि अपने नए स्वीडिश मित्रों से उनकी क्या बातचीत हुई ... Read More
मैं जर्मनी क्यों आया? 10 सितंबर 2014
स्वामी बालेंदु इतने कम अंतराल के बाद ही परिवार सहित अपने जर्मनी प्रवास के कारणों ... Read More
एक नकारात्मक रवैया रखने वाले मित्र को सकारात्मक बनने में मदद करना – 27 जुलाई 2014
स्वामी बालेन्दु अपने एक मित्र के बारे में बता रहे हैं, जिसने अपने नए सम्बन्ध ... Read More
ज़ोर-ज़बरदस्ती मत कीजिए, परिवर्तन तभी होता है जब वह भीतर से निसृत होता है! 29 मई 2014
स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि क्यों अपने मित्र को न तो बदलने का प्रयास ... Read More
जब औपचारिकताओं की मित्रता बनाए रखना ठीक होता है! 28 मई 2014
स्वामी बालेन्दु ऐसी मित्रता का वर्णन कर रहे हैं, जिसमें प्रेम को एक सीमा तक ... Read More
जिन मित्रों से आप बिल्कुल सहमत नहीं हैं, उनके साथ प्रेम करना! 27 मई 2014
स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे उन मित्रों के बीच भी आपस में प्रेम ... Read More
2014 के संबंध में मेरा पूर्वानुमान: भाग एक – 14 जनवरी 2014
स्वामी बालेंदु अगले कुछ महीनों का पूर्वानुमान लगा रहे हैं और 2014 की शुरुआत की ... Read More
जनवरी से जून 2013 तक के अपने जीवन की समीक्षा – 31 दिसंबर 2013
स्वामी बालेंदु सन 2013 के पहले छह महीनों को पीछे मुड़कर देखते हुए उसकी समीक्षा ... Read More
अपने ही देश मेँ एक देसी सैलानी को विदेशी समझ लिया जाए तो? 25 दिसंबर 2013
स्वामी बालेंदु अपने रोमांचक लखनऊ दौरे के बारे में बता रहे हैं, जहाँ उन्होंने खूब ... Read More
