मुफ्त सुविधाओं का लाभ उठाते हुए आर्थिक बराबरी का उपदेश – 25 नवम्बर 2015

स्वामी बालेंदु आश्रम के एक मेहमान के इस विचार पर एक विस्तृत टिप्पणी लिख कर रहे हैं: हर व्यक्ति को समान मेहनताना दिया जाना चाहिए, चाहे वह कोई भी काम करता हो।

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हाँ, मुझे सेक्स, पैसा, भौतिक पदार्थ और मेरी पत्नी पसंद हैं और मुझे कोई अपराधबोध भी नहीं है! 19 नवंबर 2015

स्वामी बालेंदु उन चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे उन्हें प्रेम है, भले ही बहुत से लोग उन चीजों में संलग्न होना बुरा समझते हों। क्यों? और ये चीजें क्या हैं, यहाँ पढ़िए!

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भरोसा करना अच्छी बात है – मगर अपने शक पर भी भरोसा करें – 16 नवंबर 2015

स्वामी बालेंदु उन बेईमान लोगों के बारे में लिख रहे हैं जो आपसे उन पर विश्वास करने की गुज़ारिश करते हैं-लेकिन सवाल यह है कि आपको कैसे पता चले कि उनके विषय में आपका शक सही हैं या नहीं!

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सामान्य टूरिस्ट गाइडों से हम किस तरह अलग हैं? 22 जुलाई 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि वे अपना टूर गाइड व्यवसाय किस तरह चलाते हैं, कैसे यात्रियों के साथ हमारे व्यवहार में ईमानदारी, शराफत और सत्यनिष्ठा सर्वोपरि होते हैं और कैसे वे यात्री हमारे ग्राहक बनने के बाद मित्र भी बन जाते हैं।

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पूरी ईमानदारी के साथ बेईमानी – भारत में टूर-गाइडों का कमीशन व्यापार – 21 जुलाई 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि किस प्रकार एक टूर-गाइड ने उनके सामने एक प्रस्ताव रखा-पूरी ईमानदारी के साथ अपने कमीशन में हिस्सेदारी! उन्होंने इंकार कर दिया। उनके बीच हुई चर्चा के बारे में यहाँ पढ़िए!

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क्या भारत में टिप की अपेक्षा न रखने वाला पर्यटन-गाइड मिलना असंभव है? 20 जुलाई 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि उनके भाइयों के पास समय न होने पर मेहमानों के लिए बाहर से किसी पर्यटन-गाइड की तलाश बड़ा मुश्किल काम साबित हुआ। यह काम आसान क्यों नहीं है, यहाँ पढ़िए!

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भारत में शिक्षा व्यवसाय को बंद कराने में अम्माजी’ज़ आयुर्वेदिक रेस्तराँ किस तरह सहायक होगा? 21 मई 2015

स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि क्यों वे सोचते हैं कि धनी और गरीब दोनों वर्गों से आने वाले बच्चों को अच्छी, स्तरीय निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के अपने स्वप्न को साकार करने में वे सफल होंगे!

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धनवान और गरीब सभी के लिए एक जैसी उच्च स्तरीय मुफ्त शिक्षा का सपना – 20 मई 2015

स्वामी बालेंदु अपने इस स्वप्न का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसके अनुसार वे एक ऐसा स्कूल खड़ा करना चाहते हैं, जो धनी और गरीब सभी बच्चों को बढ़िया से बढ़िया शिक्षा मुफ्त मुहैया करेगा! यह योजना कैसे काम करेगी, यहाँ पढ़िए!

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भारत – जहाँ शिक्षा भ्रष्टाचार और पैसे वालों की शिकार हो गई है – 19 मई 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि गरीबों और मध्य वर्ग के लोगों के लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर पाना क्यों मुश्किल है-भ्रष्टाचार और शिक्षा के व्यावसायिक रूपान्तरण के कारण!

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कठिन निर्णय: कब कोई बच्चा हमारे स्कूल में भर्ती होने के लिहाज से ‘पर्याप्त गरीब नहीं’ होता? 18 मई 2015

स्वामी बालेन्दु अपनी एक उलझन के बारे में बता रहे हैं: स्कूल में भर्ती के लिए आने वाले हर नए बच्चे के बारे में सही-सही निर्णय लेना कठिन हो जाता है कि उसका परिवार 'पर्याप्त गरीब' है या नहीं।

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