बच्चों के प्रति अहिंसा की प्रशंसा की जाती है मगर बुरी आदतें मुश्किल से छूटती हैं- 26 फरवरी 2014

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे आश्रम के कर्मचारी अहिंसा के वातावरण को पसंद करते हैं और अपने बच्चों को आश्रम ले आते हैं मगर बाद में उसका पालन करने में असमर्थ रहते हैं।

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बच्चों के प्रति हिंसा: क्रूर, योजनाबद्ध पिटाई या आत्मनियंत्रण रहित मार-पीट की आदत- 24 फरवरी 2014

स्वामी बालेंदु अभिभावकों की हिंसा की दो सामान्य श्रेणियों का ज़िक्र कर रहे हैं: पहली वह जिसे वे बच्चों को सज़ा देने के लिए इस्तेमाल करते हैं और दूसरी वह जब वे अपने क्रोध पर काबू नहीं रख पाते।

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क्रूर धर्म किस तरह अपने अनुयायियों को यातना देते हैं – 10 अप्रैल 2013

स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि किस तरह से सभी धर्म मानसिक हिंसा करते हैं|

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अतीत में धर्म क्रूर थे और आज भी वैसे ही हैं – 9 अप्रैल 2013

स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि आज भी दुनिया के कितने हिस्सों में धार्मिक क्रूरता विद्यमान है|

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केल्टिक और अमरीका के मूल निवासियों की आध्यात्मिकता पर मुग्ध हैं? उनकी रक्तपिपासु क्रूरता पर भी गौर करें! – 8 अप्रैल 2013

स्वामी बालेन्दु उन लोगों के विषय में बात करते हैं जो प्राचीन धर्मों और सभ्यताओं की आध्यात्मिकता से प्रभावित दिखते हैं, परन्तु आपको उनकी क्रूरताएँ भी देखनी चाहिए|

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