आभासी पर्दे के लिए वास्तविक इंसान को अनदेखा न करें – 17 दिसंबर 2015

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि जब कोई व्यक्ति आपसी चर्चा के समय अपने मोबाइल फोन या टेबलेट पर बात करने लगता है तो यह बड़ा तकलीफदेह होता है।

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इस बात को समझिए कि आपका वास्तविक जीवन आपकी ऑनलाइन दुनिया से अधिक महत्वपूर्ण है – 4 मार्च 2015

स्वामी बालेन्दु आगाह कर रहे हैं कि सोशल मीडिया में लोग जो भी लिखना चाहते हैं, लिखते हैं-और उसके साथ तुलना आपको दुखी कर सकती है। ऐसी स्थिति में वास्तविक दुनिया की ओर वापस लौट जाएँ!

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क्या वास्तव में आप काल्पनिक संसार को वास्तविक संसार से अधिक वरीयता देते हैं? 18 सितम्बर 2014

स्वामी बालेन्दु टीवी देखने के विरुद्ध कुछ और तर्क प्रस्तुत कर रहे हैं। वे क्यों सोचते हैं कि टीवी लोगों को आभासी दुनिया में रहने को प्रेरित करता है, यहाँ पढिए।

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आपका समय अमूल्य है, उसे टीवी सीरियल देखकर बरबाद न करें! 17 सितंबर 2014

स्वामी बालेंदु टीवी न देखने की अनुशंसा करते हुए तीन कारण बता रहे हैं कि वे यह अनुशंसा क्यों कर रहे हैं-वे इस विषय में क्या सोचते हैं, यहाँ पढिए!

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Friendshiplog.com – अपने मित्रों की याद को साझा कीजिए- 28 अक्तूबर 2013

स्वामी बालेंदु प्रस्तुत करते हैं ‘Friendshiplog.com’, अपने मित्रों के बारे में सुंदर कहानियों को साझा करने हेतु एक नई वैबसाइट!

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