एक प्रतियोगिता, जो मुझे अच्छी नहीं लगी, भले ही मैंने उसे जीत लिया था – 20 जुलाई 2014

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे उनके एक मित्र ने एक भाषण प्रतियोगिता आयोजित की, जिसमें उन्हें विजय तो प्राप्त हो गई मगर फिर भी उस प्रतियोगिता के विचार से वे आखिर तक उदासीन ही रहे।

Continue Readingएक प्रतियोगिता, जो मुझे अच्छी नहीं लगी, भले ही मैंने उसे जीत लिया था – 20 जुलाई 2014

दूसरों से तुलना करने पर न तो आपकी सुन्दरता बढ़ती है न ही घटती है- 27 अगस्त 2013

स्वामी बालेंदु समझा रहे हैं कि कैसे सिर्फ औरतें ही नहीं, कई मर्द भी अपने से कम सुंदर व्यक्ति को देखकर ही सुंदर महसूस कर पाते हैं या खुश हो पाते हैं!

Continue Readingदूसरों से तुलना करने पर न तो आपकी सुन्दरता बढ़ती है न ही घटती है- 27 अगस्त 2013

दूसरों के साथ अपनी तुलना मत कीजिए और खुश रहिए! 26 अगस्त 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे दूसरों से अपनी तुलना करने पर कई लोग तनावग्रस्त और दुखी हो जाते हैं। इस आदत पर काबू पाने के लिए आप क्या कर सकते हैं, यहाँ पढ़िये!

Continue Readingदूसरों के साथ अपनी तुलना मत कीजिए और खुश रहिए! 26 अगस्त 2013

गहरे अवसाद और बर्न आउट के बाद वापस सामान्य होने की लम्बी और थका देने वाली प्रक्रिया- 22 अगस्त 2013

स्वामी बालेंदु उन लोगों के बारे में लिख रहे हैं, जो शारीरिक और मानसिक क्षय से पीड़ित हैं और अब उससे उबरना चाहते हैं। ऐसे लोगों को क्या चाहिए और उन्हें क्या करना चाहिए, इस विषय पर एक सलाह।

Continue Readingगहरे अवसाद और बर्न आउट के बाद वापस सामान्य होने की लम्बी और थका देने वाली प्रक्रिया- 22 अगस्त 2013

सफलता और शिखर पर पहुँचने की महत्वाकांक्षा कहीं तनाव, अवसाद और पतन की राह पर न ले जाए! 21 अगस्त 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि किस तरह कई लोग समय से पहले बूढ़े हो जाते हैं। हर तरह का तनाव और दबाव उन्हें ध्वस्त कर देता है-और अंत में जब जीवन का उन्हें कोई अर्थ नज़र नहीं आता तो अवसादग्रस्त हो जाते हैं।

Continue Readingसफलता और शिखर पर पहुँचने की महत्वाकांक्षा कहीं तनाव, अवसाद और पतन की राह पर न ले जाए! 21 अगस्त 2013

उपलब्धियां और सफलताएँ जब खुशियों से ज़्यादा महत्वपूर्ण हो जाते हैं! 20 अगस्त 2013

स्वामी बालेंदु लिख रहे हैं कि कामकाजी जीवन में मौजूद प्रतिस्पर्धा और पुरस्कार आपके अहं को पुष्ट करते हैं और जब सफलता नहीं मिलती तो वह ध्वस्त हो जाता है।

Continue Readingउपलब्धियां और सफलताएँ जब खुशियों से ज़्यादा महत्वपूर्ण हो जाते हैं! 20 अगस्त 2013