ग्रीटिंग कार्ड में बेईमानी – क्रिसमस का पाखंड – 30 दिसंबर 2008

शहर:
श्वाबम्युनचन
देश:
जर्मनी

वास्तव में कभी-कभी मैं बेईमान लोगों को नहीं समझ पाता और उनके बारे में अजीब महसूस करता हूं। बहुत सारे लोग हैं जो मेरे लिये अच्छी भावना नहीं रखते। हो सकता है उन्हें जलन होती हो या वे प्रतिस्पर्धा महसूस करते हो जो यहां नहीं है क्योंकि मैं किसी भी प्रकार की प्रतिस्पर्धा में भाग नहीं लेता। हो सकता है कि उन्हें यह पसंद न हो कि मैं उनके आध्यात्मिकता के मार्ग का अनुमोदन नहीं करता जो मुझे अकसर बहुत सतही और अव्यावहारिक लगता है। हमारे पास साक्ष्य है कि उनके ह्र्द्य में शुभकामना नहीं है लेकिन नव वर्ष और क्रिसमस के अवसर पर ग्रीटिंग कार्ड प्राप्त होता है जिसमें शुभकामना अंकित रहती हैं। मुझे आश्चर्य होता है कि कैसे शुभकामनायें यात्रा कर सकती हैं डाक के साथ यदि वे आपके ह्र्द्य में नहीं हैं।

ग्रीटिंग कार्ड, आपके ह्र्द्य के अंतर में जो है उसे अभिव्यक्त करने का प्रतीक मात्र है। कार्ड कितना बड़ा या महंगा है इससे फर्क नहीं पड़ता, आप वह कुछ भी नहीं भेज सकते जो आपके पास नहीं है। और यदि आपके ह्र्द्य में शुभकामना है, तो वो तब भी पहुंच जायेगी भले ही आप उन्हें कार्ड के रुप में डाक से न भेजें।

मुझे इस तरह के ग्रीटिंग कार्ड प्राप्त होते हैं जो मुझे लोगों के दोहरे चरित्र को दिखलाते हैं। जो उनके दिल में होता है वह उनकी जुबान से बिल्कुल अलग होता है। मैं ईमानदारी की कद्र करता हूं। यदि अगर आपको कुछ नहीं पसंद है आप ईमानदारी के साथ अभिव्यक्त कर सकते हैंI दिल में कुछ और, जुबान पर कुछ और वाली यह बेईमानी आपके लिये बहुत सारी मनोवैज्ञानिक समस्या पैदा करेंगी और आपके अध्यात्मिक मार्ग पर अनकों बाधायें उत्पन्न करेंगी।

मैं इस नए साल में उनके दिल में अधिक शांति, प्रेम और ईमानदारी लाने के लिए कामना करता हूं|

आज शाम में इरा अपनी बहन मेरवी के साथ आज जिसका आज जन्मदिन था, हमने एक साथ उम्दा रात्रि भोज का आनंद लिया और उन्होंने हमें अगले साल फिनलैंड आने के लिए आमंत्रित किया|