भारत भ्रमण पर आई गोरी महिलाओं को क्या नहीं करना चाहिए! भाग एक – 3 फरवरी 2014

यात्रा

पिछले हफ्ते मैंने अकेले भारत-भ्रमण पर आई पश्चिमी महिलाओं को कुछ सुझाव दिए थे और क्योंकि सुझाव काफी ज्यादा थे, मुझे इन सुझावों पर दूसरा भाग भी लिखना पड़ा था। जब कि पिछले हफ्ते मेरा फोकस सिर्फ उन्हीं बातों पर था, जिनका ध्यान इन महिलाओं को रखना चाहिए, इस हफ्ते मैं इसके कुछ अन्य पहलुओं पर चर्चा करूंगा:

एक गोरी महिला को भारत में अकेले यात्रा करते हुए क्या नहीं करना चाहिए।

1- अंधेरा हो जाने पर बाहर इधर-उधर अकेले न घूमें

जी हाँ, होना तो यही चाहिए कि अकेले कहीं भी, कभी भी सुरक्षित घूमने-फिरने की स्वतन्त्रता हो लेकिन दुर्भाग्य से दुनिया अभी सुरक्षा की इस पायदान पर नहीं पहुंची है। भारत में अनेक जगहें ऐसी होती हैं, जहां सड़कों पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं होती और अगर आप बाज़ार या मंदिर जैसी किसी व्यस्त जगह पर नहीं हैं तो वहाँ रात में कुछ ज़्यादा ही अंधेरा हो जाता है। इसलिए विशेष रूप से ऐसी जगह पर, जिसे आप ठीक से नहीं जानतीं या आप जानती हैं कि शाम को वहाँ ज़्यादा लोग नहीं होते, अकेले न घूमें।

2- जिस काम को आप कभी अपने देश में भी नहीं करतीं, उसे यहाँ भी न करें

यह एक महत्वपूर्ण बिन्दु है जिसका ध्यान आपको रखना चाहिए। जब आप बाहर घूमने निकलती हैं तो आप अपने कार्यालयीन कामों और रोज़मर्रा की वर्जनाओं से मुक्त होने के कारण उत्फुल्ल और स्वतंत्र महसूस करना चाहती हैं। मैं मानता हूँ कि भारत में आप बहुत से मामलों में पश्चिमी देशों से भी ज़्यादा स्वतंत्र महसूस कर सकती हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप सुरक्षा के बुनियादी नियमों की अनदेखी करें। जो काम आप अपने यहाँ नहीं करतीं तो उसके पीछे कोई न कोई तर्क होता होगा-इसलिए अपने आपको ढीला छोड़ दें और मस्तिष्क को स्वतन्त्रता का अनुभव करने दें मगर जब मामला सुरक्षा का हो तो किसी बात पर समझौता न करें!

3- ऐसे कपड़े न पहनें, जिनसे अंग-प्रदर्शन होता हो

आप सोच रही होंगी कि यह तो ड्रेस कोड जैसी बात हो गई। मैंने अक्सर लोगों को पश्चिमी महिलाओं के लिए यह सलाह देते हुए सुना है कि वे सड़क पर चलते हुए "भारतीय वस्त्र" पहनें, जैसे साड़ी या पंजाबी सूट इस बात पर पर्दा डाल सकते हैं कि आप इस देश की रहने वाली नहीं है, विदेशी हैं। जैसे सिर्फ ये परिधान यौन प्रताड़ना से या उससे भी ज़्यादा बुरे किसी हादसे से आपको दूर रख पाएंगे। जैसे भारतीय महिलाओं को ऐसी प्रताड़नाओं से गुजरना न पड़ता हो। इस विषय पर अपने विचार स्पष्ट करते हुए मैंने पहले भी लिखा है कि बलात्कार या यौन प्रताड़नाओं के पीछे महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले कपड़ों का कोई हाथ नहीं होता और यह भी कि पश्चिमी महिलाओं की तुलना में भारतीय महिलाएं ऐसी प्रताड़नाओं का शिकार कहीं ज़्यादा होती हैं।

तो मैं इस बात पर विश्वास नहीं करता कि भारतीय वस्त्रों का इस विषय में कोई लाभकारी नतीजा हो सकता है। इससे इस तथ्य में कोई तब्दीली नहीं आती कि आप एक विदेशी महिला हैं, कि आप एक गोरी महिला हैं। इन वस्त्रों के बावजूद आप यहाँ समरस दिखाई नहीं देंगी। बल्कि इसके विपरीत, भारतीय परिधानों में एक पश्चिमी महिला ज़्यादा दिलचस्प दिखाई देगी क्योंकि लोगों ने अक्सर उन्हें इन परिधानों में नहीं देखा है। आपका गोरा शरीर, और साड़ी में? आप अनोखी और मोहक लगेंगी। सालों इस देश में रहने के बाद आज भी मेरी पत्नी को लोगों की उत्सुक नज़रों का सामना करना पड़ता है और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसने कौन से कपड़े पहन रखे हैं। इसलिए पहरावे वाली बात को मन से निकाल ही दें।

लेकिन: याद रहे कि सामान्य रूप से अक्सर दिखाई न देने वाली चीज़ें सेक्सी नज़र आती हैं। भारतीय संस्कृति में 6 गज़ लंबी साड़ी में लिपटी महिला अपना पूरा पेट प्रदर्शित कर सकती है और जिसे यूरोप में सेक्सी माना जा सकता है, लेकिन यहाँ यह एक बिल्कुल सामान्य बात है, जिस पर किसी की नज़र तक नहीं पड़ती। लेकिन उसके घुटने दिखाई नहीं देने चाहिए। इसलिए मैं इस सुझाव का समर्थन करता हूँ कि भारत में घूमते हुए आपके कंधे और घुटने ढंके होने चाहिए और जहां तक संभव हो, वक्षों के बीच की गहराई कम से कम दिखाई दें। यह आपकी संस्कृति में सामान्य बात हो सकती है लेकिन यहाँ इसे सेक्सी माना जाता है और अगर आप लोगों की नज़रों से बची रहना चाहती हैं तो मिनी स्कर्ट से दूर ही रहें तो बेहतर।

जब आप मेरी इस सलाह को मान लेते हैं तो एक और बात मैं अवश्य कहना चाहूँगा: इन बातों की अति न करें। सामान्य रूप से कैप्री यहाँ चल जाएंगी, उसी तरह आधी बांह वाले टीशर्ट भी। हर वक़्त लंबी बांह के शर्ट और फुलपैंट पहनना आवश्यक नहीं है।

भारत की यात्रा अवश्य करें और उसे जी भरकर देखें। बड़े शहरों में आपको बड़ी संख्या में आधुनिक महिलाएं पश्चिमी वस्त्रों में घूमती-फिरती दिखाई देंगी। इसलिए परेशान होने की ज़रूरत नहीं है, मुझे लगता है कि आप अपने लिए उचित वस्त्रों का चुनाव करने में समर्थ होंगी!

इस विषय को आगे बढ़ाते हुए उस पर कल भी चर्चा होगी

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