हस्तमैथुन से सेक्स के प्रति अरुचि पैदा नहीं होती बल्कि इसका उल्टा होता है! 4 जून 2015

यौन क्रिया

कल मैंने हस्तमैथुन के बारे में लिखते हुए कहा था कि क्यों यह बहुत नैसर्गिक बात है कि अपने कामोन्माद का शमन करने के लिए आप स्वयं अपनी मदद करें। मेरी ऐसी ही एक टिप्पणी पर कुछ दिन पहले मेरे के मित्र ने आपत्ति उठाई और कहा, ‘बहुत ज़्यादा हस्तमैथुन करने से प्रेमी युगल के बीच सेक्स के प्रति अरुचि पैदा हो सकती है’। मुझे लगा कि निश्चय ही यह विचार काबिले गौर है और इस पर कुछ पंक्तियों का ब्लॉग लिखा जाना चाहिए!

तो आप कह रहे हैं कि अगर आप ज़्यादा हस्तमैथुन करते हैं तो आपको अपने साथी के साथ सोने की इच्छा नहीं होती-ठीक? मुझे लगता है कि ऐसा वास्तव में हो ही नहीं सकता क्योंकि अगर मुकम्मल संभोग संभव नहीं हो पाता तो हस्तमैथुन उसका महज एक कमतर विकल्प है। वह दो मनुष्यों के बीच होने वाले वास्तविक संभोग से प्राप्त होने वाले आनंद का स्थानापन्न नहीं हो सकता। अगर आपको लगता है कि ऐसा है तो आपको अपने सेक्स जीवन और आपसी संबंधों के बारे में सोच-विचार करके उसे बेहतर बनाने पर काम करना चाहिए!

सेक्स तब संभव होता है जब उसमें दो लोग शामिल होते हैं। हस्तमैथुन स्वाभाविक है-लेकिन अगर आपका कोई बॉयफ्रेंड या गर्ल फ्रेंड नहीं है या आप शादीशुदा नहीं हैं तो वह सिर्फ एक दूसरे विकल्प का चुनाव भर है। अगर आपका कोई साथी मौजूद है तो उसके साथ अंतरंग होना आपके लिए हमेशा और हर तरह से हस्तमैथुन की तुलना में अधिक सुखद और आनंददायक होगा! अगर आप किसी अंतरंग संबंध में मुब्तिला हैं और फिर भी हस्तमैथुन की आवश्यकता महसूस करते हैं तो आपको गंभीरतापूर्वक सोचना चाहिए कि आखिर आप इस अंतरंग संबंध को क्यों जारी रखे हुए हैं- या फिर यह कि इसके बावजूद हस्तमैथुन करने कि इच्छा क्यों हो रही है। सीधी सी बात है, अगर आप मर्सीडीज़ में सफर कर सकते हैं तो आप आटो रिक्शा क्यों लेंगे?

तो मुझे इसका बिलकुल उल्टा ठीक लगता है: हस्तमैथुन की अधिकता इसका कारण नहीं है कि अपनी पत्नी या पति से संभोग करने में आपकी रुचि कम हो गई है। बल्कि अपने साथी के साथ संभोग में अरुचि का फल है कि आपको आनंद के लिए हस्तमैथुन जैसे दूसरे विकल्प ढूँढ़ने पड़ रहे हैं!

अगर आप ऐसा महसूस करते हैं तो मैं सलाह दूंगा कि ठीक-ठीक क्या हो रहा है, इसका विश्लेषण कीजिए। क्या आप अपने संबंधों में खुश नहीं हैं इसलिए अपने साथी में अब आपकी रुचि समाप्त हो गई है? या क्या आपका यौन जीवन संतोषजनक नहीं है, क्या वह बोरिंग हो चुका है या ऊब पैदा करने लगा है या क्या आपके मन में ऐसी कोई फंतासी है, जिसे आप अपने साथी के साथ साझा नहीं कर पा रहे हैं? बातचीत कीजिए, अपने साथी से इस विषय में खुलकर चर्चा कीजिए! जो भी है, उसे अपने साथी के साथ आवश्यक रूप से साझा कीजिए, जिससे समस्या का समाधान आपस में मिलकर कर सकें और अपना सामान्य यौन जीवन वापस पा सकें!

इस चर्चा का सारांश इस प्रकार है: हस्तमैथुन करके अपराधी महसूस न करें। हस्तमैथुन आपको कोई हानि नहीं पहुँचाता। समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञापनों में बताई गई संदेहास्पद दवाइयाँ आपकी तथाकथित ‘बचपन की गलतियों’ के कारण पैदा हुई स्वप्नदोष या शीघ्रपतन जैसी कथित बीमारियों का कोई इलाज नहीं कर सकतीं और न तो हस्तमैथुन करने से शिश्न छोटा होता है और न ही इन दवाइयों से वह बड़ा हो सकता है! भले ही पूरी किशोरावस्था में आप हस्तमैथुन करते रहे हों, इन समस्याओं का परस्पर कोई संबंध ही नहीं है। इसलिए अगर यौनानन्द के लिए आपको किसी का साथ उपलब्ध नहीं है तो अपनी मदद खुद कीजिए!

अगर सेक्स के लिए आपको कोई साथी उपलब्ध है लेकिन उसके साथ सेक्स संबंध आपको आनंदित नहीं करता तो यह दूसरा मामला है और हस्तमैथुन करने के स्थान पर उसे आपको आपस में मिलकर सुलझाना चाहिए, जिससे आप अपने यौन जीवन में पुनः आनंद का संचार कर सकें। क्योंकि भले ही यह सही है कि आपके संबंध सिर्फ सेक्स पर आधारित नहीं होने चाहिए लेकिन सेक्स इन अंतरंग संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ तो है ही।

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