मैं कईयों के साथ सेक्स करूं तो रोमांस – आप करें तो धोखाधड़ी – 28 फरवरी 13

यौन क्रिया

कल मैंने लैंगिक समानता और स्त्री पुरुष को लेकर दोहरे मानदंडों की बात की थी। उसे पढ़कर कई पुरुषों ने मुझे लिखा कि वे भी ऐसा ही महसूस करते हैं। बहुत सी महिलाओं ने इस बात से इंकार किया कि कभी ऐसा खयाल उनके दिमाग़ में आया हो, वहीं कुछ महिलाओं ने माना कि मेरी बात ठीक थी। आज मैं जिस मुद्दे पर लिखने जा रहा हूं उस पर सहमत होना लोगों के लिए ज्यादा मुश्किल होगाः मैं सबके बारे में यह बात नहीं कह रहा हूं लेकिन बहुत से लोग दूसरों के बारे एक अलग मानदंड रखते हैं और जब बात उनके क्रियाकलापों, विचारों और भावनाओं की आती है तो उनका पैमाना एकदम बदल जाता है।

अलग अलग नैतिकता और मूल्यों का सबसे अच्छा और स्पष्ट उदाहरण जीवन के सबसे अंतरंग पहलू सेक्स का लिया जा सकता है। लोगों के यौन व्यवहार का एक उदाहरण मैं आपको देता हूं।

एक स्थिति की कल्पना कीजिए : आप एक महिला हैं और एक सेमीनार में भाग ले रही हैं और अपनी बगल में बैठे हुए पुरुष से बातचीत करने लगती हैं। बातचीत के दौरान आपको पता चलता है कि आप दोनों एक ही होटल में ठहरे हुए हैं। आप दोनों ही अविवाहित हैं। आप शाम साथ में गुजारने का फैसला करते हैं। आप साथ डिनर करते हैं, होटल के बार में शराब पीते हैं और वापिस लौटकर एक ही कमरे में, एक ही बिस्तर पर सेक्स का आनंद लेते हैं। इस तरह आपका सप्ताहांत मौजमस्ती में बीत जाता है।

आप दोनों को पता है कि ज़िंदगी में अब दोबारा आप दोनों की भेंट शायद ही हो। सेमीनार खत्म होने के बाद आप दोनों अपने – अपने घरों को लौट जाते हैं और अपना रोजमर्रा का जीवन जीने लगते हैं। आपके एक दोस्त का दोस्त है और आपको वह पसंद है और आपको ऐसा लगता है कि बस यही आपके सपनों का राजकुमार है। आप दोनों कोशिश करते हैं, कुछ हफ्ते साथ साथ गुजारते हैं लेकिन फिर आपको लगता है कि बात कुछ जम नहीं रही है और आप दोनों अलग हो जाते हैं।

यह तो थी कहानी की शुरुआत। इसमें एक बड़ा मजेदार मोड़ तब आता है जब कुछ ही महीनों के बाद आप उसी शहर में एक दूसरे सेमीनार में भाग लेने जाती हैं। इस बार वह पुरुष आपको नहीं मिलता। मिलती है एक महिला जो उसी ग्रुप में है जिसमें आप हैं। ज़ाहिर है कि आप दोनों शाम को फिर मिलती हैं और उस पिछले सेमीनार के बारे में बात करने लगती हैं। बातों बातों में उस पुरुष का ज़िक़्र आ जाता है। आप अपनी उस नई मित्र को चटकारे लेकर सुना रही हैं कि आपने कितनी मस्त रात गुजारी थी उस पुरुष के साथ! उसने हैरान होकर आपके चेहरे को देखा और फिर बताया कि आपके तीन या चार हफ्ते बाद उसने भी उस पुरुष के साथ सेक्स किया था।

वह महिला हंस रही है और इस विचित्र संयोग का मज़ा ले रही है और आपके भीतर ज्वालामुखी फट रहा है! आप गुस्से में हैं। आपको लगता है कि आपके साथ धोखा हुआ है, आपको इस्तेमाल किया गया है और आप हताश महसूस कर रही हैं। उस रात की सुहानी यादें अब कांटों की तरह चुभ रही हैं।

यदि आप इस कहानी को पूरी तरह समझ रही हैं और खुद को इस स्थिति में रखकर सोच पा रही हैं तो मैं आपसे कहूंगा कि अब आप जरा एक कदम पीछे हटें और अपनी भावनाओं पर गौर फरमाएं। क्या हुआ? आप गुस्से से क्यों भर गई हैं? आप सोच रही हैं : "मेरी कोई औकात ही नहीं है! वो जब चाहे, जहां चाहे और जिससे चाहे सेक्स कर सकता है" यही वजह है कि आप इस पुरुष पर गुस्सा हो रही हैं।

एक बार फिर सोचें : क्या आपको नहीं लगता कि ग़लत सोच रही है आप? आपने भी तो एक दूसरे पुरुष के साथ सेक्स किया था? अग़र उस पुरुष को आपके बारे में पता चले तो उसे बुरा लगेगा या नहीं? आप दोनों ने एक रात हमबिस्तरी की, उसके बाद आप किसी तरह का कोई रिश्ता नहीं चाहते थे और आप दोनों इस बात को बखूबी समझते थे।

आपने अपने दिमाग़ में एक काल्पनिक फिल्म बना ली है जो एक फंतासी है, वास्तविकता नहीं। जब इस दूसरी स्त्री की कहानी सुनकर आपकी यह काल्पनिक कथा धराशायी हुई तो आपको बहुत निराशा हुई। उस स्त्री ने आपको अचानक सच्चाई से रूबरू करवा दिया!

अब वापिस वास्तविक दुनिया में लौट आइए, अपने गुस्से और निराशा को काबू कीजिए, अपने अहं और दर्प का शमन कीजिए और सामान्य जीवन जीना शुरु कीजिए। एक बार सपनों को दुनिया को छोड़कर जब आप इस कड़ुवी सच्चाई का सामना कर लेंगीं तो आपको खुद पर हंसी आएगी कि आपने भी तो वही सब किया है जो इस पुरुष द्वारा करने पर आपको गुस्सा आया।

यहां मैं एक बात स्पष्ट कर दूं कि मैं यहां जो कुछ भी कह रहा हूं वह स्त्री और पुरुष दोनों पर समान रूप से लागू होता है। यह घटना स्त्री और पुरुष दोनों के साथ घट सकती है। ऊपर आपने जो कहानी पढ़ी है उससे आपको स्थितियों को समझने में आसानी होगी।

दूसरे के लिए अपने से ज्यादा ऊंचे नैतिक मानदंड स्थापित करने से बचें। यदि आप सोचते हैं कि जिस व्यक्ति के साथ लंबे समय तक संबंध रखना हो उसी के साथ सेक्स संबंध बनाने चाहिए तो उसी तरह का व्यवहार करें। ऐसे व्यक्ति के साथ सेक्स संबंध न बनाएं जो आपसे शादी करने या बच्चे पैदा करने की मंशा नहीं रखता है। बाद में किसी पर दोषारोपण करने का कोई औचित्य नहीं है।

Leave a Comment