क्या हम सेक्स कर सकते हैं? एक साधारण सवाल, जो दो व्यक्तियों को आनंद प्रदान कर सकता है! 30 दिसंबर 2013

यौन क्रिया

बहुत से लोग मुझसे सलाह लेते हैं, जिनमें से बहुत सी समस्याएँ उनके व्यक्तिगत जीवन से संबन्धित होती हैं और कई बार ऐसी समस्याएँ भी होती हैं, जो वे किसी और के साथ साझा नहीं कर पाते। अक्सर चर्चा में आने वाला विषय होता है सेक्स, जो कि है भी बहुत महत्वपूर्ण! कई लोगों की समस्या के मूल में किसी के साथ यौन संबंध स्थापित करने की मनुष्यों की नैसर्गिक इच्छा होती है और इसलिए मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूँ कि किसी के साथ सेक्स संबंध स्थापित करने के विषय में यह प्रश्न सामाजिक रूप से सहज स्वीकार्य होना चाहिए: क्या आप मेरे साथ सेक्स संबंध स्थापित कर सकते हैं?

जी हाँ, मेरे विचार में यह एक सामान्य प्रश्न है, जैसे यह कहना कि "मुझे भूख लगी है, कुछ खाने को मिलेगा?" या "प्यास लगी है, पानी दे दो प्लीज़!" मुझे लगता है कि यौन-संतोष जीवन में अत्यंत आवश्यक है और लोगों की खुशी और अच्छे स्वास्थ्य के पीछे उसका महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसलिए अगर हम इस विषय में थोड़ा सा खुला रुख अपनाएं और दूसरे से इसके लिए पूछ सकें तो हम संसार के हर व्यक्ति की खुशी का स्तर ऊंचा उठा सकते हैं!

इस बात की कल्पना करें कि क्या हो अगर आज, इस जमाने में, आप अपने जैसे किसी एकाकी और साथी की तलाश में लगे मित्र से पूछ सकें कि क्या वह आपके साथ यौन संबंध बनाने के लिए राज़ी हो सकता है! बल्कि इससे आगे बढ़कर मान लीजिए कि किसी अजनबी के सामने यह प्रस्ताव रखें! न सिर्फ भारत में, जहां यौनिकता पर आज भी बहुत से बंधन हैं और इस विषय में सार्वजनिक बातचीत करना निषिद्ध माना जाता है, यह एक घृणास्पद प्रश्न होगा। यहाँ तक कि पश्चिम में भी लोग इस प्रश्न पर कम से कम आपको असभ्य अवश्य समझेंगे और फिर आपसे नाराज़ हो सकते हैं या अपने आपको अपमानित भी महसूस कर सकते हैं। अगर कोई ज़्यादा ही आहत हो जाए तो आप पर यौन उत्पीड़न का आरोप भी लग सकता है, जिस पर आपकी गिरफ्तारी भी संभव है।

कामुकता ऐसा विषय क्यों बन गया कि उससे संबन्धित अपनी आवश्यकताओं के बारे में आप किसी से चर्चा भी न कर सकें? क्या समाज को उन विषयों के प्रति खुला रुख नहीं अपनाना चाहिए, जो किसी को बुरी तरह परेशान कर सकते हैं? किसी दूसरे व्यक्ति के साथ यौनिक घनिष्ठता प्राप्त न होना, शारीरिक अंतरंगता की इच्छा-पूर्ति न हो पाना जैसी साधारण बातें किसी को अवसादग्रस्त करने के लिए काफी है! भले ही आप जानते हैं कि यह आपके द्वारा इच्छित कोई भावनात्मक और दीर्घकालिक संबंध नहीं होने वाला है लेकिन ऐसे किसी दूसरे के साथ, जो खुद भी इसी खोज में लगा है, एक रात का संबंध, एक बार का अनुभव भी आपके खालीपन को दूर कर सकता है! तो एक दूसरे को खुश करने के लिए हम क्यों नहीं इस तरीके को अपनाते?

वास्तविकता यह है कि कई देशों में लोग ठीक यही करते हैं-भले ही वे यह बात ज़ोर-शोर से नहीं कहते। वे एक ऐसे साथी की तलाश में, जो खुद भी सेक्स की इच्छा रखता हो, किसी नाइट क्लब में जाते हैं। फिर वे किसी एक के घर चले जाते हैं और भविष्य के लिए बिना किसी वचनबद्धता के सेक्स संबंध स्थापित करते हैं। यहाँ तक कि वे एक-दूसरे के नाम से ज़्यादा कुछ भी नहीं जानते। यह समाज द्वारा स्वीकृत है लेकिन कोई इस विषय में बात नहीं करता। इसे इस तरह स्वीकार किया जाता है जैसे वास्तव में यह समाज को स्वीकार न हो। कुछ लोग इसे बड़ा घटिया काम मानते हैं और सोचते हैं कि ऐसा नहीं होना चाहिए। ऊंचे नैतिक मूल्यों को स्थापित करने की कोशिश करते हुए आप भले ही अपनी यौन इच्छाओं की पूर्ति न होने के कारण नाखुश रहें मगर तब तक इंतज़ार करें, जब तक आपका कोई शानदार, उच्च कोटि का रोमांस न शुरू हो जाए। फिर भी बहुत से लोग सिर्फ इसी उद्देश्य से डिस्को में जाते हैं।

अगर यह आपको और सामने वाले को खुशी प्रदान करता है तो क्यों नहीं ऐसा होना चाहिए? दुनिया भर के समाजों, अपने रुख में खुलापन लाएँ और फिर कामुकता को एक नैसर्गिक ज़रूरत के रूप में स्वीकार करें!

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