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अत्यधिक सेक्स किस तरह एक रूखा अनुष्ठान बनकर रह जाता है – 2 दिसंबर 2015

यौन क्रिया

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि कैसे आप भले ही अत्यधिक सेक्स करते हों, खुले, स्वच्छंद संबंधों में अलग-अलग लोगों के साथ यौनरत होते हों, अंततः आप उससे बोर हो जाते हैं और आपको संतुष्टि नहीं मिलती।

धर्म, सेक्स, ईश्वर और आपके पूर्वजों के बीच क्या संबंध है? 13 अक्टूबर 2015

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स्वामी बालेंदु धर्म, सेक्स, कुछ नियमों और उनकी आपसी अंतःक्रियाओं से उद्भूत बहुत सारी मज़ेदार बातों के बारे में लिख रहे हैं!

हस्तमैथुन से सेक्स के प्रति अरुचि पैदा नहीं होती बल्कि इसका उल्टा होता है! 4 जून 2015

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स्वामी बालेंदु अपने एक मित्र के इस विचार का जवाब दे रहे हैं कि ज़्यादा हस्तमैथुन करने से दंपति एक-दूसरे के साथ सोना बंद कर देंगे। इस ब्लॉग में पढ़िए कि क्यों वे सोचते हैं कि इसका ठीक उल्टा होता है।

अपने हाथ की मदद लें – आपको हस्तमैथुन करते हुए अपराधी क्यों महसूस नहीं करना चाहिए! 3 जून 2015

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स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि क्यों हस्तमैथुन करना पूरी तरह नैसर्गिक है और उससे आपको कोई हानि नहीं पहुँचती। तो आगे बढिए और खुद आप अपनी मदद कीजिए!

अश्लील फिल्में बलात्कार का कारण नहीं हैं। क्यों? 2 जून 2015

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स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि क्यों अश्लील फिल्में या उनके कारण उपजी काम-वासना के नतीजे में बलात्कार नहीं होते। बल्कि इसका विपरीत होता है: काम-वासना का दमन, सेक्स और महिलाओं का दमन ही बलात्कार का कारण बनते हैं!

कामुकता – एक आनंदित करने वाली नैसर्गिक अनुभूति – उसे बीमारी समझने वाले स्वयं बीमार हैं – 1 जून 2015

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स्वामी बालेंदु कामुकता को परिभाषित करते हुए बता रहे हैं कि क्यों उनकी नज़रों में वह महज एक सुंदर एहसास है, जो आनंदित करता है- और वास्तव में उसका दमन करना ही बीमारी का लक्षण है!

महिलाओं की यौन इच्छाओं से पुरुषों की सुरक्षा करना – लैंगिक समानता की दिशा में एक और तर्क – 7 मई 2015

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स्वामी बालेन्दु लैंगिक भेदभाव के विरुद्ध आवाज़ उठा रहे हैं: कोई यह क्यों नहीं पूछता कि वास्तव में पुरुष यौन सम्बन्ध स्थापित करना चाहता है या नहीं?

किशोरवय उम्र में पैसे की खातिर सेक्स? कृपया अपने आसपास के माहौल पर नज़र डालिए! 9 अप्रैल 2015

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स्वामी बालेन्दु यह बताते हुए कि कैसे किशोर लड़कियाँ बचपन से ही वेश्यावृत्ति के धंधे में आ जाती हैं, इस विषय पर अपने विचार लिख रहे हैं।

अमीर होना और सेक्स की इच्छा – इतना आसान भी नहीं है – 25 अगस्त 2014

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स्वामी बालेंदु आश्रम में आए एक मेहमान का किस्सा बयान कर रहे हैं, जिसने उन्हें चन्दा देने का वादा किया लेकिन उसके बदले में उसने जो मांग रखी, उसकी पूर्ति वे नहीं कर सकते थे!

‘आइए, सेक्स के बारे में बातें करें’ का अर्थ ‘आइए, अश्लील चित्र देखें’ नहीं है! 7 अगस्त 2014

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स्वामी बालेंदु बहुत से भारतीयों की संकीर्ण, बीमार मानसिकता का वर्णन करते हुए बता रहे हैं कि भारत के लोग सोचते हैं कि सेक्स से संबन्धित हर चीज़ या हर बात गंदी और अश्लील होती है।