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स्कूलों में बच्चों को ईश्वर और धर्म से क्यों प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए – 25 अगस्त 2015

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स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि कैसे उन्होंने अपने स्कूल की पाठ्य पुस्तकों में परिवर्तन करके उन्हें अधार्मिक बनाया और किन तरीकों से वे धार्मिक प्रभावों को अपने स्कूल से बाहर रखते हैं।

हमारे स्कूल में व्यावहारिक उदाहरणों की सहायता से समानता का सिद्धान्त की शिक्षा – 24 अगस्त 2015

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स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि उनके स्कूल में बराबरी का सिद्धांत किस तरह सिखाया जाता है- खुद उसे व्यवहार में लाकर व्यावहारिक तरीके से भी और बातचीत के द्वारा भी।

भारत में शिक्षा व्यवसाय को बंद कराने में अम्माजी’ज़ आयुर्वेदिक रेस्तराँ किस तरह सहायक होगा? 21 मई 2015

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स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि क्यों वे सोचते हैं कि धनी और गरीब दोनों वर्गों से आने वाले बच्चों को अच्छी, स्तरीय निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के अपने स्वप्न को साकार करने में वे सफल होंगे!

धनवान और गरीब सभी के लिए एक जैसी उच्च स्तरीय मुफ्त शिक्षा का सपना – 20 मई 2015

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स्वामी बालेंदु अपने इस स्वप्न का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसके अनुसार वे एक ऐसा स्कूल खड़ा करना चाहते हैं, जो धनी और गरीब सभी बच्चों को बढ़िया से बढ़िया शिक्षा मुफ्त मुहैया करेगा! यह योजना कैसे काम करेगी, यहाँ पढ़िए!

भारत – जहाँ शिक्षा भ्रष्टाचार और पैसे वालों की शिकार हो गई है – 19 मई 2015

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स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि गरीबों और मध्य वर्ग के लोगों के लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर पाना क्यों मुश्किल है-भ्रष्टाचार और शिक्षा के व्यावसायिक रूपान्तरण के कारण!

कठिन निर्णय: कब कोई बच्चा हमारे स्कूल में भर्ती होने के लिहाज से ‘पर्याप्त गरीब नहीं’ होता? 18 मई 2015

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स्वामी बालेन्दु अपनी एक उलझन के बारे में बता रहे हैं: स्कूल में भर्ती के लिए आने वाले हर नए बच्चे के बारे में सही-सही निर्णय लेना कठिन हो जाता है कि उसका परिवार ‘पर्याप्त गरीब’ है या नहीं।

हमारी चैरिटी योजनाओं का ध्येय और उनका इतिहास – गरीब बच्चों को मुफ़्त शिक्षा – 14 मई 2015

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स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि उनका चैरिटी स्कूल कैसे अस्तित्व में आया, उसके पीछे निहित मूल विचार क्या था और कैसे वह मौजूदा स्थिति तक पहुँचने में कामयाब हुआ!

भारत का पैसा कमाने का स्कूली धंधा: शिक्षा की बिक्री – 13 मई 2015

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स्वामी बालेंदु अपने शहर के स्कूलों का उदाहरण देते हुए बता रहे हैं कि भारत में शिक्षा का व्यवसाय एक बड़े धंधे की तरह उभर चुका है।

हमारे गरीब बच्चों की और हमारी निराशा और असहाय स्थिति – 12 मई 2015

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स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि कैसे उन्हें और उनके स्कूल के बच्चों को बड़ी निराशा हुई जब अपने स्कूल के गरीब बच्चों को वे पास ही स्थित एक निजी स्कूल में भर्ती नहीं करा सके।

भारत में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते हम अपने स्कूल को विकसित नहीं कर पा रहे हैं – 11 मई 2015

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स्वामी बालेन्दु बता रहे हैं कि क्यों वे अपने स्कूल में 8वीं कक्षा शुरू नहीं कर पाएँगे और क्यों उन्हें वर्तमान में चल रही 6ठी और 7वीं की कक्षाएँ भी बंद करनी पड़ रही हैं।

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