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अपने दुख का मुकाबला कैसे करें? क्या उसे दबाकर? क्या उसका दमन करके? 12 दिसंबर 2013

दुख

स्वामी बालेंदु दुखी होने और उसका मुक़ाबला करने की क्रमबद्ध कार्यप्रणाली का विवेचन कर रहे हैं। संभव है, इस विषय में उनके अनुभव आपके लिए मददगार साबित हों!

धर्म कहता है, बुरे वक़्त पर मरे तो परिवार के पांच लोग और मरेंगे! – 2 जनवरी 13

दुख

स्वामी बालेन्दु लिखते हैं कि धार्मिक कर्मकाण्ड पंचक किस प्रकार से उनके मन में भय उत्पन्न करता है जिनके यहाँ पहले ही म्रत्यु हो चुकी है और जो गम में हैं|

क्या स्वर्ग की कोरी कल्पना में स्वाहा हो जाती है किसी के गुज़र जाने की पीड़ा? – 1 जनवरी 13

दुख

स्वामी बालेन्दु गम के समय में कुछ लोगों के द्वारा दी गई सलाह के विषय में लिखते हैं, जबकि उन्हें न रोने की सलाह दी गई, पढ़िए धार्मिक कारण और उनका जवाब|