पश्चिमी महिलाओं के साथ संबंधों के प्रति गंभीर हो रहे भारतीय पुरुषों और पश्चिमी महिलाओं के लिए कुछ टिप्स – 18 जून 2015

शहर:
वृन्दावन
देश:
भारत

पिछले कुछ दिनों से मैं उन पश्चिमी महिलाओं पर ब्लॉग लिख रहा हूँ, जो भारतीय पुरुषों के साथ ऑनलाइन चैटिंग करने के बाद उनके प्रेम में लिप्त हो जाती हैं और फिर उनसे मिलने भारत चली आती हैं। इसी सन्दर्भ में एक ब्लॉग मैंने उन पुरुषों के बारे में भी लिखा था, जो समय काटने के लिए चैटिंग करते हैं और उसी ब्लॉग में मैंने एक स्थान पर ज़िक्र किया था कि अलग-अलग लोगों के साथ परिस्थितियाँ अलग-अलग हो सकती हैं। जैसे, एक क्षीण सी संभावना हो सकती है कि कोई भारतीय पुरुष इस मामले में वाकई गंभीर हो। आज का ब्लॉग मैंने इसी संभावना पर चर्चा करने के लिए सुरक्षित किया है- इस विषय पर अपने कुछ विचार, कुछ टिप्पणियाँ, जिन्हें आपको, इस रास्ते पर आगे कदम रखते हुए, याद रखना चाहिए।

सबसे पहले तो आप दोनों को बधाई कि इतनी भौगोलिक दूरी के बावजूद सिर्फ आधुनिक मीडिया की बदौलत आपको अपना मनपसंद साथी और प्रियकर मिल गया है! मैं आप दोनों के दीर्घकालीन और सुखी सहजीवन के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ। लेकिन साथ ही मैं चाहता हूँ कि पूरी गंभीरता के साथ वचनबद्ध होने से पहले आप अपने आपको तैयार कर लें। पुनः मैं कहना चाहता हूँ कि मेरे ये विचार उन लोगों के साथ मेरे वार्तालाप और अनुभवों का नतीजा हैं, जो ऐसी परिस्थितियों से गुज़र चुके हैं या ऐसे दंपतियों के साथ, जो भिन्न-भिन्न देशों और संस्कृतियों से संबंध रखते हैं।

जिस व्यक्ति को आप उसके लिखे शब्दों से या फोन पर बात करके और वीडियो संवाद के ज़रिए जानते हैं, पूरी संभावना है कि उसका सोचने का तरीका आपसे पूरी तरह भिन्न हो। निश्चित ही, आपके देश के भी सारे पुरुष और सारी महिलाएँ अलग-अलग व्यक्तित्व रखते हैं लेकिन यहाँ हम संस्कृतियों के बीच की गहरी खाई को भी उसमें जोड़ रहे हैं। और तब, आपके जीवन में पदार्पण करने वाले इस व्यक्ति को अपने जीवन में पूरी तरह समाहित कर लेना या पराए देश में रहकर अपने आपको पूरी तरह उसके जीवन में विलीन कर लेना आसान नहीं होगा। ऐसी-ऐसी दिक्कतें पेश आएँगी, जिनकी अभी, जब कि आपके जीवन की शुरुआत होने ही जा रही है, आप कल्पना भी नहीं कर सकते। इसीलिए मैं आपसे कुछ तैयारियाँ करने की गुजारिश कर रहा हूँ, जिससे ये मामले विशाल समस्याओं का रूप न ले लें।

किसी भी रूप में हो, ऑनलाइन संवाद एक बात है और वास्तव में दूसरे के साथ रहना, भौतिक रूप से एक छोटे से इलाके में, सीमित विस्तार और सीमाबद्ध वातावरण में एक साथ रहना बिल्कुल दूसरी बात है। हम समझ सकते हैं कि किसलिए ये पश्चिमी महिलाएँ यहाँ आती हैं और यहाँ आकर क्या जानने की कोशिश करती हैं: आपको दोनों में से एक देश में जाकर आपस में मिलना होगा और व्यक्तिगत रूप से मिलकर एक-दूसरे के व्यक्तित्व को जानना-समझना होगा!

दोनों में से कोई एक देश चुनें- लेकिन वीजा की पाबंदियों के कारण भारतीय पुरुषों के लिए पश्चिमी देशों की यात्रा के मुकाबले वहाँ की महिलाओं के लिए भारत की यात्रा करना आसान है। आप कोई अच्छी जगह चुन सकते हैं, जो स्वाभाविक ही व्यक्तिगत रुचि और आपकी परिस्थितियों पर निर्भर है। भारत के किसी अलग कोने में कोई जगह, जिसे एक तटस्थ स्थान कहा जा सके, बात करने के लिए बढ़िया जगह हो सकती है। महिला एक संयुक्त परिवार के घरेलू अनुभवों और झंझटों से विचलित होना नहीं चाहेगी और भारतीय पुरुष भी इससे बचना चाहेगा क्योंकि वह भी नहीं चाहेगा कि उसके परिवार में इसका अन्यथा अर्थ निकाला जाए।

आपको बार-बार और लगातार बात करते रहना होगा, जिससे चीज़े साफ़ हो सकें। विस्तार में जाने में ज़रा भी न हिचकिचाएँ और दूसरों की देखादेखी सिर्फ यही न पूछते रहें: 'तुम्हें यह अच्छा लगा?', 'तुम्हें वह कैसा लगा?' आदि। स्पष्ट बात करें कि आपकी क्या अपेक्षाएँ हैं, क्या अनिवार्य है और आप किन चीजों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकते!

महिलाओं, भारत के बारे में आपके मन में जो भी पूर्वाग्रह हैं, सुनी-सुनाई बातें हैं, उन्हें साफ-साफ दूसरे के सामने रखें। उनमें से बहुत सी बातें सही हैं और आपके होने वाले जीवन साथी को चाहिए कि उनके बारे अपने विचार स्पष्ट करे, जिससे आप जान सकें कि उनमें खतरे के निशान तो नहीं हैं कि समय रहते अपने पैर पीछे खींच लिए जाएँ!

पुरुषों, पश्चिमी महिलाओं के साथ आप भी वही करें जो आपने उनके बारे में सुना है, उनकी जीवन चर्या और उनकी पसंद-नापसंद। वह सब पूछें जो आप हमेशा से पूछना चाहते थे और कुछ भी न छोड़ें-अगर आप चाहते हैं कि आप अपनी होने वाली जीवन साथी को सदा प्यार करते रहें तो उसके बारे में आपको पहले से सब कुछ जानना होगा!

मैं चाहूँगा कि आप किसी एक विशेष बिन्दु पर पहुँचें जो उभयनिष्ठ हो, कि आपके बीच प्रेम के अलावा भी अधिकतर बातें समान हों, अनुकूल हों। और यह भी कि याद रखें, एक शानदार संबंध की यह सिर्फ शुरुआत है!

मुझे इस विषय में लोगों की बहुत रुचि नज़र आई इसलिए मैं इससे संबन्धित कुछ और विषयों और प्रश्नों को, जिन पर आपको भी खुलकर चर्चा करनी चाहिए, अपने ब्लॉग का विषय बनाते हुए और अधिक विस्तार से लिखूँगा।