रिश्ते की गरमी खत्म हो गई है – 16 मई 09

आज मैंने फोन पर अपनी एक मित्र से बात की। वह अब भी सदमे में थी क्योंकि पिछले हफ्ते उसका बॉयफ्रेंड उसे छोड़कर चला गया था। उसने बताया,” मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि ऐसा हो गया है। लेकिन ऐसा हो गया है! हम दोनों 11 सालों से साथ थे और हमारा एक बच्चा भी है। मैं बहुत दुखी हूं लेकिन मुझे इस संबंध –विच्छेद का कारण मालूम नहीं है। जो कारण उसने दिया है वह है कि हमारे रिश्ते अब वो चमक, खनक, गर्मी नहीं रही|”

जब उसने मुझे यह बताया तो मैंने उसे कहा, ”तुम्हारे रिश्ते में से अब वो गर्मी नहीं रही, इसका कोई तो कारण होना चाहिए” दुर्भाग्य से आजकल प्रेमसंबंधों में यह दिक्कत आ रही है कि थोड़ा वक़्त गुजरने के बाद लोगों को यह लगने लगता है कि रिश्ते की गर्मी खत्म हो गई है। अजीब बात यह है कि इस मामले में ऐसी नौबत 11 साल के बाद आई। अजीब इसलिए कि आजकल मैं देखता हूं कि एक या दो साल के भीतर ही ऐसा होने लगता है। आखिर क्यों?

इसका कोई न कोई कारण अवश्य होगा और यदि हम रिश्ते को बचाना चाहते हैं और दूसरे को चोट नहीं पहुंचाना चाहते हैं तो हमें यह कारण तलाश करना होगा। यह एक गहरा और बहुत ही निजी मामला है। हर एक रिश्ते में गरमी खत्म होने के अलग अलग कारण हो सकते हैं इसलिए कोई एक सर्वमान्य कारण नहीं दिया जा सकता।

यह मेरा काम है। मैं इसका विश्लेषण करने की कोशिश करता हूं और मैंने पाया है कि इसके विभिन्न कारण हैं। मैंने अपनी दोस्त से कहा कि वह हालात को स्वीकार करे। मैं जानता हूं कि वह सदमे में है और दुखी है। परंतु यदि आपके साथ ऐसा हो जाए तो आपको इसे स्वीकार करना ही पड़ेगा। जितना आप हालात से लड़ेंगें, प्रतिरोध करेंगें, उतना ही अवसाद आपको घेरेगा। समस्या का हल एक ही है कि आप स्थिति को स्वीकार कर लें। मैं आने वाले दिनों में इस पर और इससे मिलते – जुलते विषयों पर और चर्चा करूंगा।