अगर आप अंतर्राष्ट्रीय वैवाहिक संबंध बनाना चाहते हैं तो उसके लिए तैयारी कीजिए – 22 जून 2015

पिछले सप्ताह मैंने भारतीय पुरुषों से ऑनलाइन चैट करने वाली पश्चिमी महिलाओं के बारे में लिखा था और ठीक इन्हीं पुरुषों के लिए, जो ज़्यादातर, इन संबंधों को लेकर गंभीर नहीं होते, अपने कुछ विचार साझा किए थे। और अंत में उन जोड़ों के बारे में भी लिखा था, जो इस मामले में पर्याप्त गंभीर होते हैं और तब पहली बार आपस में मुलाक़ात करते हैं। मैं कुछ अन्य समस्याओं पर भी विस्तार से लिखना चाहता हूँ, जो अचानक उभर सकती हैं और जिन्हें शुरू में ही लगातार बातचीत के ज़रिए और उनके बारे में पहले ही ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी हासिल करके कम किया जा सकता है।

मेरे विचार में, आपका संबंध किस तरह का होगा, सबसे पहले इस बात का ठीक-ठीक पता आपको होना चाहिए। इस विषय में पहले से चर्चा करना बहुत ज़रूरी है क्योंकि इस बात की पूरी संभावना होती है कि आप दोनों का सोचने-विचारने का ढंग एक-दूसरे से काफी अलग हो! आप दोनों की परवरिश इतने अलग माहौल और इतनी भिन्न संस्कृतियों और परंपराओं के बीच हुई होती है कि यह असम्भव होता है कि किसी ख़ास परिस्थिति में आप दोनों का विचार या व्यवहार एक जैसा हो। दोनों के पास उन ख़ास परिस्थितियों से संबंधित अनुभव तथा उदाहरण एक-दूसरे से बिल्कुल अलग तरह के होते हैं!

अपने साथी से आपकी अपेक्षाएँ भी पूरी तरह भिन्न होंगी। यह स्वाभाविक है: अपने संबंधों में आपका व्यवहार आपके अपने माता-पिता के आपसी संबंधों से पूरी तरह प्रभावित होगा। भारतीय पुरुष अपनी पत्नियों से पश्चिमी पुरुषों के व्यवहार से बिल्कुल अलग तरह का व्यवहार करते हैं! और इसीलिए न सिर्फ अपने पति के साथ पश्चिमी महिला, भारतीय महिला के अपने पति के साथ होने वाले व्यवहार से, अलग व्यवहार करेगी बल्कि वह अपने पति, बॉय फ्रेंड या साथी से भी अपने लिए अलग तरह के व्यवहार की अपेक्षा रखेगी!

और इसलिए जब आप आपस में मिलते हैं, फिर अपने संबंधों के प्रति गंभीर रुख अख्तियार करते हैं और अंततोगत्वा, चाहते हैं कि वह स्नेहपूर्ण, दीर्घकालीन और सुखद हो तो आपको पहले से तैयारी की ज़रुरत होती है। आप अपने संबंधों में क्या चाहते हैं? आप सामने वाले से क्या अपेक्षा रखते हैं और आप स्वयं उसे क्या दे सकते हैं? आपको क्या अनिवार्य रूप से चाहिए और आप किन चीजों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं कर सकते? सामने वाले की संस्कृति के बारे में आपने क्या-क्या सुन रखा है और किनसे आपके मन में असुरक्षा की भावना पैदा होती रही है और भविष्य में आपके साथ वैसा होने पर आप सहन नहीं कर पाएँगे?

किसी दूसरी संस्कृति से आने वाले व्यक्ति के साथ जीवन बिताना बहुत अलग बात होती है और अक्सर यह बड़ा मुश्किल साबित होता है। एक पुरुष के रूप में कई बार आपको लगता है आप सही हैं जब कि वह दरअसल सोच रही होती है कि जो आपने किया है वह सीधे-सीधे एक मूर्खतापूर्ण या अशोभनीय व्यवहार था- और इसके विपरीत भी यही परस्पर विरोधी धारणा देखने में आ सकती है। दोनों को मिलकर यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि ये अंतर क्यों है, आपकी संस्कृति में या आपके लालन-पालन में आपके व्यवहार का मूल कहाँ छिपा है-और फिर निर्णय कीजिए कि आपकी वर्त्तमान परिस्थिति में क्या वह चल सकता है, स्वीकार्य हो सकता है! आप कहाँ हैं और निश्चित ही, आप दोनों कौन हैं, इस आधार पर लग सकता है कि पुरुष सही है मगर हो सकता है कि महिला ही सही हो- और जब आप सामने वाले के देश में होंगे तो हो सकता है कि सब कुछ बिल्कुल बदल जाए!

जब आप ऑनलाइन बातचीत कर रहे होते हैं तब सब कुछ बड़ा आसान लगता है। जब कि साथ में रहना पूरी तरह अलग बात होती है, आप अलग-अलग संस्कृतियों से न भी आते हों, तब भी! आज मैं इस पर पर्याप्य विस्तार से नहीं लिख पाया हूँ लेकिन कल मैं इसी मुद्दे पर फिर लिखना शुरू करूँगा, पहले शायद पश्चिमी महिलाओं को संबोधित करते हुए। तो, किन बातों पर आपको विचार करना चाहिए, किन पर चर्चा करनी चाहिए और किन बातों के लिए तैयार रहना चाहिए, इन विषयों पर मेरे कुछ अन्य विचारों के लिए इंतज़ार कीजिए- कल का!

Related posts

उन्मुक्त सेक्स संबंध बनाना गलत नहीं है परन्तु मुझे लगता है, वे सफल नहीं हो पाते - 3 दिसंबर 2015

उन्मुक्त सेक्स संबंध बनाना गलत नहीं है परन्तु मुझे लगता है, वे सफल नहीं हो पाते – 3 दिसंबर 2015

स्वामी बालेंदु स्पष्ट कर रहे हैं कि वे यह नहीं समझते कि खुले, स्वच्छंद संबंधों में नैतिक या सामाजिक रूप ...
एक से अधिक सेक्स पार्टनर के साथ आपसी संबंधों में रोमांच, थ्रिल, उत्तेजना और असफलता - 1 दिसंबर 2015

एक से अधिक सेक्स पार्टनर के साथ आपसी संबंधों में रोमांच, थ्रिल, उत्तेजना और असफलता – 1 दिसंबर 2015

स्वामी बालेंदु खुले संबंधों में आने वाली एक और समस्या के बारे में लिख रहे हैं: जब लोग अपने मुख्य ...
क्या आप भी अपने आपको सेक्स का सबसे बड़ा खिलाड़ी समझते हैं - 30 नवंबर 2015

क्या आप भी अपने आपको सेक्स का सबसे बड़ा खिलाड़ी समझते हैं – 30 नवंबर 2015

स्वामी बालेंदु स्वच्छंद जीवन शैली और खुले सेक्स संबंधों के बारे में लिखते हुए बता रहे हैं कि क्यों यह ...
अहं के चलते आपसी संबंधों में आने वाली समस्याओं से कैसे निपटें - 29 अक्टूबर 2015

अहं के चलते आपसी संबंधों में आने वाली समस्याओं से कैसे निपटें – 29 अक्टूबर 2015

स्वामी बालेंदु संबंधों में अहं की नकारात्मक भूमिका के विषय में लिखते हुए बता रहे हैं कि कैसे वह अक्सर ...
क्या आध्यात्मिकता (धार्मिकता) का अर्थ यह है कि आप दगाबाजी करें फिर अपने आप को माफ़ भी कर दें? 15 जुलाई 2015

क्या आध्यात्मिकता (धार्मिकता) का अर्थ यह है कि आप दगाबाजी करें फिर अपने आप को माफ़ भी कर दें? 15 जुलाई 2015

स्वामी बालेन्दु अपने एक सलाह सत्र का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसमें एक पुरुष ने स्वीकार किया कि वह अपनी ...
पश्चिम में बसना - मतलब वास्तविक रूप से स्वतंत्र होना - 7 जुलाई 2015

पश्चिम में बसना – मतलब वास्तविक रूप से स्वतंत्र होना – 7 जुलाई 2015

स्वामी बालेंदु पश्चिम में बसने जा रहे भारतीयों को बता रहे हैं कि अगर वे वास्तव में वहाँ ठीक तरह ...
भारतीय पुरुषों, अगर आप अपनी पश्चिमी साथी के साथ विदेश में बसने का मन बना रहे हैं तो कृपया इसे अवश्य पढ़ें - 6 जुलाई 2015

भारतीय पुरुषों, अगर आप अपनी पश्चिमी साथी के साथ विदेश में बसने का मन बना रहे हैं तो कृपया इसे अवश्य पढ़ें – 6 जुलाई 2015

स्वामी बालेंदु उन भारतीय पुरुषों से मुखातिब हैं, जिनकी साथी पश्चिमी महिलाएँ हैं और जो उनके साथ किसी पश्चिमी देश ...
पश्चिमी महिला के लिए क्यों भारत में सामाजिक जीवन बनाने में दिक्कतें पेश आ सकती हैं - 2 जुलाई 2015

पश्चिमी महिला के लिए क्यों भारत में सामाजिक जीवन बनाने में दिक्कतें पेश आ सकती हैं – 2 जुलाई 2015

स्वामी बालेंदु उन दिक्कतों के बारे में लिख रहे हैं, जो एक पश्चिमी महिला के सामने आ सकती हैं, जो ...
पश्चिमी महिलाओं: अपने भारतीय परिवार वालों को अपने बच्चे की पिटाई की इजाज़त न दें! 1 जुलाई 2015

पश्चिमी महिलाओं: अपने भारतीय परिवार वालों को अपने बच्चे की पिटाई की इजाज़त न दें! 1 जुलाई 2015

स्वामी बालेन्दु भारतीय पुरुषों से विवाह करके भारत में बसी पश्चिमी महिलाओं के सामने आने वाली एक और चुनौती की ...
भारत में विवाहित पश्चिमी महिलाओं: क्या आप 'रजोधर्म के भारतीय नियमों' का पालन करती हैं? 30 जून 2015

भारत में विवाहित पश्चिमी महिलाओं: क्या आप ‘रजोधर्म के भारतीय नियमों’ का पालन करती हैं? 30 जून 2015

स्वामी बालेंदु भारतीय संयुक्त परिवार में व्याप्त धार्मिक और अंधविश्वास से पूर्ण रीति-रिवाजों के बारे में लिख रहे हैं, जो ...

Leave a Reply