एक के बाद एक नए प्रेमसंबंध बनाना – 29 जनवरी 08

आज फिर एक नया दिन। प्रतिदिन की तरह आज भी हीलिंग सत्र जारी थे। एक स्त्री, जो पहले भी कई बार मेरे पास हीलिंग के लिए आ चुकी थी, आज फिर आई। मैं जब भी श्वाबमुकेन में होता हूं तो वह अवश्य आती है। यहां के अन्य कई लोगों की तरह वह भी अकेली रहती है और एक के बाद एक नए पुरुषों से संबंध बनाती रहती है। कोई भी रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चलता। यह एक आम बात है यहां। मैं कई बार सोचता हूं कि यहां लोग क्या सोचकर रिश्ते बनाते हैं। “ देखते हैं ये दोस्ती कितने दिन चलती है। मुझे उम्मीद है कि इस बार यह थोड़ा ज्यादा दिन चलेगी।“ ऐसी बातें अकसर सुनने को मिलती हैं। क्या यह सुनकर आपको ऐसा नहीं लगता कि रिश्ता बनाने से पहले ही यह निश्चित कर लिया गया है कि यह ज्यादा दिन नहीं टिकेगा ? यह एक ऐसा विषय है जिस पर आप गहराई से विचार करें। आज के लिए बस इतना ही। आज रात हम एक फिल्म देख रहे हैः ‘मीट द पेरेंट्स’। मैं फिल्में नहीं देखता हूं लेकिन रमोना ने कहा कि शायद यह फिल्म भी मुझे पसंद आएगी। और वाकई फिल्म बहुत दिलचस्प थी! महीनों से साथ – साथ यात्रा करते हुए वह जान गई थी कि मुझे और यशेंदु को क्या पसंद है।

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