Category: सम्बन्ध
प्रेमसंबंध की सफलता के लिए ज़रूरी हैं शारीरिक नज़दीकियां – 16 जनवरी 10
स्वामी जी प्रेमसंबंध में शारीरिक नज़दीकी की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं। प्रेम में दोनों ... Read More
शारीरिक नज़दीकी और समर्पण – सफल रिश्तों की कुंजी – 14 जनवरी 10
स्वामी जी लिखते हैं कि विवाह की सफलता के लिए शारीरिक नज़दीकी और पूर्ण समर्पण ... Read More
आखिर क्यों ‘अकेलों’ के लिए इश्क की सलाहें काम नहीं करतीं? – 3 जनवरी 10
स्वामी जी इश्कबाजी की उस सलाह के बारे में लिखते हैं जो लोग 'अकेले' व्यक्तियों ... Read More
प्रेमसंबंध और ‘अकेलों’ के लिए सलाह – 2 जनवरी 10
स्वामी जी बताते हैं कि किस प्रकार लोग 'अकेलों' को प्रेमसंबंधों के बारे में सलाह ... Read More
संबंधविच्छेद, आक्रोश, अहं और बालमन – 30 दिसंबर 09
स्वामी जी संबंधविच्छेद के बारे में लिखते हैं और बताते हैं कि दम्पत्ति किस प्रकार ... Read More
प्रेम, प्रेमसंबंध, संबंधविच्छेद और शुभचिंतक – 29 दिसम्बर 09
स्वामी जी लिखते हैं कि किस प्रकार आपके दोस्त और परिवारजन प्रेम और प्रेमसंबंधों के ... Read More
एक चिंगारी, दूसरी चिंगारी. . . प्रेम कहां है? – 17 मई 09
स्वामी जी प्रेमसंबंधों में गरमी के बारे में लिखते हैं। वह कहते हैं कि चिंगारी ... Read More
रिश्ते की गरमी खत्म हो गई है – 16 मई 09
स्वामी बालेन्दु उन हालतों के बारे में लिखते हैं जब रिश्तों की गरमी खत्म हो ... Read More
सम्बन्धविच्छेद के बाद! बीती ताहि बिसारि दे …….. 28 फरवरी 09
स्वामी जी एक ऐसी स्त्री के बारे में लिखते हैं जो अतीत को भुला नहीं ... Read More
क्या दोस्ती प्रेमसंबंध में बदल सकती है – 18 जनवरी 09
स्वामी जी उन दोस्तों के विषय में बात कर रहे हैं जो कालांतर में प्रेमी ... Read More
बेवफाई करेंगें लेकिन खुद ज़ख्म बर्दाश्त नहीं करना चाहते – 20 नवम्बर 08
स्वामी जी उन लोगों के बारे में लिखते हैं जो प्रेमसंबंधों में धोखा देते हैं ... Read More
साथी नहीं, जीवनसाथी ढूंढिए – 19 नवम्बर 08
स्वामी बालेंदु प्रेमसंबंधों के बारे में लिखते हुए बताते हैं कि सही जीवनसाथी की तलाश ... Read More
स्वच्छंद, छोटे, लंबे प्रेमसंबंध और एक रात का प्रेम – 8 नवम्बर 08
स्वामी बालेन्दु ‘स्वच्छंद’, ‘छोटे’ और ‘लंबे’ प्रेमसंबंधों के बारे में लिखते हैं। उन्होंने ‘एक रात ... Read More
बदलाव चाहते हैं तो पहले स्वयं को बदलिए – 7 नवम्बर 08
Swami Ji writes about acceptance in relationships. Do not expect your partner to change if ... Read More
रिश्ते का स्वरूप न बदलें 6 नवम्बर 08
रिश्तों के विषय में लिखते हुए स्वामी जी बताते हैं कि दोनों संबंधित पक्षों को ... Read More
अपने जीवनसाथी की मां न बनें – 1 नवम्बर 08
स्वामी जी कहते हैं कि संबंधों में स्थिरता का होना अत्यावश्यक है। किसी भी रिश्ते ... Read More
प्रेमसंबंध में सफलता के चार सोपान – 20 मार्च 08
स्वामी जी प्रेमसंबंध के चार सोपानों की व्याख्या करते हैं : एक दूसरे को जानना, ... Read More
विश्वास की नींव पर बनाएं रिश्ते – 30 जनवरी 08
स्वामी बालेन्दु बताते हैं कि पश्चिमी देशों में प्रेमसंबध दीर्घजीवी क्यों नहीं होते? ... Read More
एक के बाद एक नए प्रेमसंबंध बनाना – 29 जनवरी 08
स्वामी बालेंदु रिश्तों के बारे में लिखते हुए बताते हैं क्या कारण है कि लोग ... Read More
रिश्तों के घाव भरे अध्यात्म की औषधि – 12 जनवरी 08
स्वामी जी लिखते हैं अपने हीलिंग सत्रों और रिश्तों के विभिन्न पहलुओं के बारे में ... Read More
