उन्मुक्त सेक्स संबंध बनाना गलत नहीं है परन्तु मुझे लगता है, वे सफल नहीं हो पाते – 3 दिसंबर 2015

स्वामी बालेंदु स्पष्ट कर रहे हैं कि वे यह नहीं समझते कि खुले, स्वच्छंद संबंधों में नैतिक या सामाजिक रूप से कुछ गलत है। मेरा मानना सिर्फ इतना है कि वे अधिक समय तक चल नहीं पाते।

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एक से अधिक सेक्स पार्टनर के साथ आपसी संबंधों में रोमांच, थ्रिल, उत्तेजना और असफलता – 1 दिसंबर 2015

स्वामी बालेंदु खुले संबंधों में आने वाली एक और समस्या के बारे में लिख रहे हैं: जब लोग अपने मुख्य पार्टनर में भी रुचि खोने लगते हैं।

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क्या आप भी अपने आपको सेक्स का सबसे बड़ा खिलाड़ी समझते हैं – 30 नवंबर 2015

स्वामी बालेंदु स्वच्छंद जीवन शैली और खुले सेक्स संबंधों के बारे में लिखते हुए बता रहे हैं कि क्यों यह व्यावहारिक नहीं है।

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अहं के चलते आपसी संबंधों में आने वाली समस्याओं से कैसे निपटें – 29 अक्टूबर 2015

स्वामी बालेंदु संबंधों में अहं की नकारात्मक भूमिका के विषय में लिखते हुए बता रहे हैं कि कैसे वह अक्सर बहुत सी समस्याओं का कारण बनता है और कैसे अपने साथी के सामने उस पर काबू पाया जा सकता है।

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क्या आध्यात्मिकता (धार्मिकता) का अर्थ यह है कि आप दगाबाजी करें फिर अपने आप को माफ़ भी कर दें? 15 जुलाई 2015

स्वामी बालेन्दु अपने एक सलाह सत्र का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसमें एक पुरुष ने स्वीकार किया कि वह अपनी गर्लफ्रेंड से दगाबाज़ी करता रहा है-लेकिन उसे अपनी करतूत पर ज़रा सा भी अफ़सोस नहीं था!

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पश्चिम में बसना – मतलब वास्तविक रूप से स्वतंत्र होना – 7 जुलाई 2015

स्वामी बालेंदु पश्चिम में बसने जा रहे भारतीयों को बता रहे हैं कि अगर वे वास्तव में वहाँ ठीक तरह से रहना चाहते हैं तो उन्हें किन बातों को सीखना ही होगा- क्योंकि वहाँ लोग अधिक स्वतंत्र हैं!

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भारतीय पुरुषों, अगर आप अपनी पश्चिमी साथी के साथ विदेश में बसने का मन बना रहे हैं तो कृपया इसे अवश्य पढ़ें – 6 जुलाई 2015

स्वामी बालेंदु उन भारतीय पुरुषों से मुखातिब हैं, जिनकी साथी पश्चिमी महिलाएँ हैं और जो उनके साथ किसी पश्चिमी देश में बसने जा रहे हैं: उनके सामने सबसे बड़ी समस्या अकेलेपन की हो सकती है क्योंकि वहाँ संयुक्त परिवार के स्थान पर व्यक्तिवाद की प्रचुरता है।

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पश्चिमी महिला के लिए क्यों भारत में सामाजिक जीवन बनाने में दिक्कतें पेश आ सकती हैं – 2 जुलाई 2015

स्वामी बालेंदु उन दिक्कतों के बारे में लिख रहे हैं, जो एक पश्चिमी महिला के सामने आ सकती हैं, जो भारत में रहकर वहाँ के समाज में मित्रता स्थापित करने की कोशिश में लगी हैं। पेश आने वाली कुछ संभव दिक्कतों के बारे में यहाँ पढिए।

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पश्चिमी महिलाओं: अपने भारतीय परिवार वालों को अपने बच्चे की पिटाई की इजाज़त न दें! 1 जुलाई 2015

स्वामी बालेन्दु भारतीय पुरुषों से विवाह करके भारत में बसी पश्चिमी महिलाओं के सामने आने वाली एक और चुनौती की चर्चा कर रहे हैं: बच्चों के साथ होने वाली घरेलू हिंसा!

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भारत में विवाहित पश्चिमी महिलाओं: क्या आप ‘रजोधर्म के भारतीय नियमों’ का पालन करती हैं? 30 जून 2015

स्वामी बालेंदु भारतीय संयुक्त परिवार में व्याप्त धार्मिक और अंधविश्वास से पूर्ण रीति-रिवाजों के बारे में लिख रहे हैं, जो भारतीय पुरुषों से विवाहित पश्चिमी महिलाओं के सामने अक्सर समस्या के रूप में उपस्थित हो सकते हैं।

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