सरसों दा साग – सरसों के पत्तों का साग – 4 जनवरी 2014

शहर:
वृन्दावन
देश:
भारत

पिछले हफ्ते मैंने आपको मक्की दी रोटी बनाने की विधि बताई थी। आज मैं आपको उस रोटी के साथ अक्सर खाई जाने वाली सब्जी, यानी सरसों का साग, बनाने की विधि बताने जा रहा हूँ। सरसों दा साग: सरसों की पत्तियों को पीसकर बनाई जाने वाली सब्जी। हिन्दी में हम इन्हें मक्के की रोटी और सरसों का साग कहेंगे: ठंड में पकाया जाने वाला एक शानदार संयोजन!

सरसों दा साग – सरसों के पत्तों की सब्जी

कभी आपने सरसों के पत्तों की सब्जी बनाई है? अगर नहीं, तो आपको अवश्य बनाकर देखना चाहिए! ठंड के मौसम में पकाई जाने वाली इस सब्जी को बनाने की विधि पढ़कर इसे घर में तैयार कीजिए!

सरसों दा साग पकाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री

500 ग्राम सरसों के पत्ते
300 मिलीलीटर पानी
150 ग्राम टमाटर
100 ग्राम मक्के का आटा
1 बड़ी चम्मच सरसों का तेल
1 छोटी चम्मच ज़ीरा
1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
1/2 छोटी चम्मच अदरक पाउडर
1 चुटकी हींग
स्वाद के अनुसार नमक

सरसों दा साग कैसे बनाए?

सरसों का साग बनाना कठिन और लंबी प्रक्रिया है लेकिन इसका अंत बेहद सुखद और सुस्वादु है! सबसे पहले सरसों के पत्तों को डंठलों से अलग कर लें। पत्तों को अच्छी तरह से धोकर उन्हें काट लें। एक बरतन मे सरसों के पत्ते और पानी लेकर उसे उबलने के लिए स्टोव पर रख दें। इस मिश्रण को पाँच मिनट उबलने दें।

इस बीच आप मध्यम आकार में टमाटर काट लें और एक ब्लेंडर में लेकर उसकी प्यूरी बना लें। प्यूरी को बाद में उपयोग के लिए अलग रख लें।

जब सरसों की पत्तियों को उबलते हुए पाँच मिनट हो जाएँ तो उन्हें निकालकर एक चलनी से छान लें और पानी को भी बाद में उपयोग के लिए अलग रख लें। सरसों की पत्तियों को ब्लेंडर में लेकर उन्हें भी बारीक पीसकर पेस्ट बना लें।

अब तड़का तैयार करे। इसके लिए सरसों के तेल को एक कढ़ाई में गर्म करें। जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, स्टोव को धीमा करके गर्म तेल में जीरा, अदरक पाउडर, हल्दी और हींग डालकर चलाएं। मसालों को मध्यम आंच में भून लें। ध्यान रहे मसाले जलाने न पाएँ। अब उसमें सरसों की पत्तियों का पेस्ट मिलाकर अच्छी तरह चलाएं और फिर उसमें मक्के का आटा मिलाकर मिश्रण को चलाते रहें। अब थोड़े धैर्य की आवश्यकता होगी क्योंकि आपको इस मिश्रण को पंद्रह मिनट तक लगातार चलाते रहना है, जिससे यह पेस्ट अच्छी तरह से भुन जाए।

पंद्रह मिनट बाद हाथ दर्द करने लगेगा लेकिन उसे काबू में रखते हुए इस सरसों और मसालों के मिश्रण में आप टमाटर की प्यूरी, अलग रखा हुआ पानी और स्वाद के अनुसार नमक मिला दें और फिर मिश्रण को चलाने की वही प्रक्रिया दोहराएँ। दर्द की परवाह किए बगैर अगर दस से पंद्रह मिनट तक आप इस मिश्रण को चलाते रह सकें तो साग का स्वाद बढ़ता चला जाएगा! इतना समय हो जाने पर आपके हाथ अपने आप नीचे झूल जाएंगे: बस समझ लीजिए आपका काम पूरा हुआ!

अब एक ही काम रह जाता है: गर्मागर्म सरसों के साग का आनंद लेना!