सुस्वादु और स्वास्थ्यकर रसपालक और आलू – 20 सितंबर 2014

पाक कला

पिछले हफ्ते जब हम जर्मनी में थे तो थॉमस और आयरिस दोपहर के भोजन के लिए एक बहुत ही शानदार रंगीन सब्ज़ी खरीदकर लाए जिसे अंग्रेजी में 'Chard' कहते हैं और जब मैंने इसका हिन्दी शब्द खोजने के लिए शब्दकोष देखा तो मुझे एक नाम मिला ‘रसपालक’। जर्मनी आने से पहले इस सब्ज़ी के बारे में मैं कुछ नहीं जानता था और अभी भी उसे इस अंग्रेजी नाम के मुकाबले उसके जर्मन नाम 'mangold' से ही बेहतर पहचानता हूँ लेकिन पहली बार उसे चखने के बाद से ही मैं उसका मुरीद हो गया था। बहुत हद तक इसका स्वाद पालक जैसा होता है और पालक की तरह ही यह भी विटामिन, प्राकृतिक रेशों और प्रोटीन्स से भरपूर है! उसमें मिलाने के लिए सीधे थॉमस और आयरिस के शानदार बगीचे से हमें आलू भी प्राप्त हो गए। स्वाभाविक ही, हम इसे अपने ख़ास तरीके से पकाते हैं और पकाने का वही तरीका मैं आज आपको बताने जा रहा हूँ:

आलू के साथ रसपालक

स्वास्थ्यवर्धक, रंगीन और खाने में मज़ेदार! रसपालक, आलू और भारतीय मसालों के स्वाद से भरपूर!

आलू के साथ रसपालक पकाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री

500 ग्राम रसपालक
500 ग्राम आलू
1 बड़ा चम्मच वनस्पति तेल
1 छोटी चम्मचज़ीरा
1 छोटी चम्मचगरम मसाला
1 छोटी चम्मचधनिया पाउडर
1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
1 चुटकी जावित्री
1 छोटा चम्मच अमचूर
स्वाद के अनुसार नमक

आलू के साथ रसपालक कैसे तैयार करें?

सबसे पहले दोनों सब्जियों यानी आलू और रसपालक को अच्छी तरह धो लें, जिससे उन पर कोई मिट्टी या धूल न रह जाए। आप चाहें तो आलुओं को छील सकते हैं लेकिन अगर वे ओर्गनिक हैं तो छिलके सहित पकाना ही उचित होगा क्योंकि बहुत सारे आवश्यक तत्व ठीक छिलके के नीचे होते हैं जो छीलने से व्यर्थ फिंक जाते हैं! आलुओं को मध्यम आकार में काट लें। रसपालक के तने के निचले हिस्से को काटकर निकाल दें और पत्तों को भी तनों से काटकर अलग कर लें। पत्तियों और तनों को अलग-अलग काट कर अलग-अलग बरतनों में रख लें।

एक गहरी कड़ाही में तेल गर्म करें और जब तेल पर्याप्त गर्म हो जाए तो उसमें जीरा, गरम मसाला, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और जावित्री मिला दें। स्टोव धीमा करके हल्के हाथों से उन्हें चलाते हुए इन मसालों को इतना भूनें कि उनकी खुशबू से आपकी रसोई महक उठे। जब भुनकर उनका रंग हल्का सुनहरा हो जाए, मसालों में आलुओं और रसपालक के तने वाले टुकड़े भी मिला दें। फिर नमक मिलाकर थोड़ा सा सब्जियों को चलाएँ और अगले पाँच मिनट के लिए कड़ाही पर ढक्कन रखकर सब्जियों को पकने दें। बीच-बीच में मिश्रण को चलाते रहें।

पाँच मिनट बाद आप रसपालक की पत्तियाँ भी मिश्रण में मिलाकर कड़ाही पर बिना ढक्कन रखे सब्जियों को पकने दें। जब कड़ाही का सारा पानी भाप बनकर उड़ जाएगा (सूख जाएगा), सब्जियाँ भी पूरी तरह पककर मुलायम हो जाएँगी। इस बीच आप सिर्फ बीच-बीच में सब्जियों के मिश्रण को चलाते रहें, जिससे वे जलकर कड़ाही के तले में चिपके नहीं।

यह सब होने में लगभग 15 मिनट का समय लगेगा और सब्जियाँ पककर तैयार हो जाएँगी। अब स्टोव बंद कर दीजिए और ऊपर से थोड़ा सा अमचूर भुरककर एक बार फिर सारे मिश्रण को अच्छी तरह चला दें, जिससे अमचूर भी सब्जियों के साथ अच्छी तरह एकसार हो जाए। बस, अब भोजन के साथ इस स्वादिष्ट सब्जी का मज़ा लें!

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